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    वाराणसी में होली और रमजान परंपरागत होगी:पुलिस कमिश्नर बोले- धार्मिक स्थलों पर नहीं लगेगा लाउडस्पीकर, लंबित केस होने पर कार्रवाई होगी

    15 hours ago

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    आगामी त्योहारों को देखते हुए वाराणसी पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने सभी जोन के अधिकारियों संग बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने लंबित विवेचनाओं अधिकारियों से जवाब मांगा और लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की बात कही। वहीं आगामी त्योहारों पर उन्होंने शान्ति और सौहार्द से मनाए जाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा किसी भी हाल में किसी नई परंपरा की अनुमति दी जाए। इसके अलावा जो भी स्थान चिह्नित हैं। उन्हीं स्थानों पर होली का कार्यक्रम और रमजान का कार्यक्रम किया जाएगा। हांडी फोड़ भी जिन चिह्नित स्थानों पर होता है। उन्ही स्थानों पर होगा। मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में पुलिसकर्मी भ्रमणशील रहें। साथ ही क्षेत्र के संभ्रांत लोगों के साथ आवश्यक बैठक कर यदि कोई विवाद हो तो उसे सुलझा लें। धार्मिक स्थल पर न लगे लोड स्पीकर सीपी मोहित अग्रवाल ने बैठक के बाद सभी को सख्त निर्देश दिए हैं कि शासन की मंशा के अनुरूप किसी भी धार्मिक स्थल पर लाउड स्पीकर न लगाया जाए। इसके अलावा विवेचनाओं को निस्तारित करने के लिए महज दो महीने का समय दिया गया है। यदि कोई विवेचना लंबित रहती है तो उसमें एसीपी का अनुमोदन जरूरी होगा। वरना संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने निम्न निर्देश दिए हैं - 1. आगामी त्योहार के दृष्टिगत निर्देश- • होली से पूर्व रमजान के दृष्टिगत धर्मगुरुओं, आयोजकों एवं शांति समिति के साथ समन्वय बैठक कर आपसी सौहार्द, संवाद और कानून-व्यवस्था बनाए रखने हेतु संबंधित को निर्देशित किया गया । • होली जुलूस, मटका फोड़ एवं होलिका दहन केवल परंपरागत स्थलों पर ही हों। नई परंपरा, रास्ता परिवर्तन प्रतिबंधित रहे तथा विभागीय समन्वय सुनिश्चित किया जाए। • सभी थाना प्रभारी संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर जनप्रतिनिधियों से संवाद बनाए रखें तथा संभावित धार्मिक-जातीय विवादित तत्वों को पूर्व चिह्नित कर विधिक पाबंदी व कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करें। • जुलूसों के साथ पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहे। रास्ते में पड़ने वाले धार्मिक स्थलों की विशेष निगरानी कर मर्यादा, सौहार्द और शांति व्यवस्था हर स्थिति में सुनिश्चित की जाए। • डीजे संचालकों को ध्वनि मानकों व समय सीमा का कड़ाई से पालन कराया जाए। रात्रि 10 बजे बाद प्रतिबंध लागू रहे, उल्लंघन पर अभियोग पंजीकृत कर कार्रवाई की जाए। • मिश्रित आबादी क्षेत्रों में दिन-रात्रि गश्त बढ़ाई जाए। सीसीटीवी एवं ड्रोन से सतत निगरानी रखते हुए संदिग्ध गतिविधियों पर त्वरित प्रतिक्रिया और नियंत्रण सुनिश्चित किया जाए। • सार्वजनिक मार्गों पर नमाज की अनुमति नहीं होगी। यातायात प्रबंधन हेतु पूर्व योजना, ऑप्शनल मार्ग, पर्याप्त पुलिस बल एवं आयोजन स्थलों पर क्रियाशील सीसीटीवी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। 2. यक्ष एप, ई-समन, साक्ष्य एप- • यक्ष एप एकीकृत प्रणाली है। सभी अधिकारियों को इसके उद्देश्य, मॉड्यूल व उपयोग की विस्तृत जानकारी देकर नियमित डेटा अपडेशन एवं प्रभावी तरीके से सुनिश्चित किया जाए। • सहायक पुलिस आयुक्त व चौकी प्रभारियों की बैठक कर यक्ष एप की कार्यप्रणाली, तकनीकी पक्ष और जिम्मेदारियां स्पष्ट कर समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। • ई-सम्मन के माध्यम से मिले समन/वारंट की नियमित समीक्षा करते हुए निर्धारित समय सीमा में उसे पूरा करवाएं। • सीन ऑफ क्राइम की तत्काल वीडियोग्राफी-फोटोग्राफी कर साक्ष्यों का प्रिजर्व करते हुए प्रत्येक प्रकरण में अनिवार्य रूप से SID(साक्ष्य एप) पर फीडिंग व डिजिटल साक्ष्य प्रबंधन कराया जाए। • सर्च एवं सीज की कार्रवाई को विधिसम्मत ढंग से कर जब्त सामग्री का विवरण SID में अपलोड किया जाए; बयान दर्ज कर प्रत्येक साक्ष्य संबंधित SID से लिंक किया जाए। 3. विवेचना- • कोई भी विवेचना 60 दिन से अधिक लंबित न रहे। सभी विवेचक समयबद्ध जांच पूर्ण करें तथा प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से अपने हायर ऑफिसर को भेजें। • 60 दिन से अधिक विवेचना केवल अपर पुलिस आयुक्त (अपराध) की अनुमति से ही लंबित रखी जा सकेगी। बिना अनुमति लंबित पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। 4. महिला अपराध- • किसी भी महिला संबंधी प्रकरण में तत्काल गुमशुदगी अथवा एफआईआर अनिवार्य रूप से दर्ज की जाए। शिकायत लेने में देरी, टालमटोल या लापरवाही कदापि न हो; अन्यथा संबंधित अधिकारी-कर्मचारी पर विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। • सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अपना CUG फोन अनिवार्य रूप से उठाएं। जनता की शिकायतों पर त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जाए। 5. यातायात व्यवस्था- • सभी विक्रेता निर्धारित वेंडिंग जोन में ही दुकान लगाएं। हटाए गए अतिक्रमण स्थल पर पुनः कब्जा न होने दिया जाए, पुनः अतिक्रमण पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई तत्काल की जाए। • ऑटो एवं ई-रिक्शा संचालक बारकोड प्रणाली का सख्ती से पालन करें, उल्लंघन की स्थिति में नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। • रांग साइड चलने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करें तथा धारा 281 BNS के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया जाए। • बिना नंबर प्लेट एवं रांग साइड चलने वालों पर नियमित कार्रवाई को आदत बनाएं। केवल अभियान तक सीमित न रखकर सतत प्रवर्तन सुनिश्चित करें। • क्रिटिकल कॉरिडोर (CC) टीम को दुर्घटनाओं में वृद्धि पर विस्तृत विश्लेषण करने, सड़क किनारे वाहन खड़े न होने देने तथा अवैध कट तत्काल बंद कराने हेतु प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। 6. बारात व्यवस्था- • बैण्ड-बाजा एवं रोड लाइट वाले निर्धारित व्यवस्था के अनुसार चलें। सड़क का दो-तिहाई भाग यातायात हेतु एवं एक-तिहाई भाग बारात के लिए सुनिश्चित किया जाए। • निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन न करने पर वीडियोग्राफी कर साक्ष्य संकलित करें तथा संबंधित के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत किया जाए। • रात्रि 10 बजे के बाद डीजे पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। उल्लंघन की स्थिति में अभियोग पंजीकृत किया जाए, चाहे आयोजन बारात घर में ही क्यों न हो। • मैरेज लॉन संचालक स्वयं पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करें। लापरवाही पाए जाने पर उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी। 7. गुमशुदा- • प्रत्येक गुमशुदा प्रकरण में एक उपनिरीक्षक नामित कर व्यक्तिगत निगरानी सुनिश्चित की जाए तथा तकनीकी और पारंपरिक दोनों माध्यमों से त्वरित ट्रेसिंग कर शीघ्र बरामदगी सुनिश्चित की जाए। • गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश में गांडीव पोर्टल पर विवरण जांचकर समन्वय स्थापित किया जाए, बैंक खाता, सीसीटीवी, IMEI, सोशल मीडिया विश्लेषण एवं फैमिली चार्ट बनाकर गहन पूछताछ की जाए। • ट्रेस किए गए गुमशुदा व्यक्तियों की प्रविष्टि IIF8 में अनिवार्य रूप से दर्ज कर रिकॉर्ड अद्यतन रखा जाए तथा प्रकरण की नियमित समीक्षा कर जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। 8. साइबर क्राइम- • साइबर अपराध संबंधी प्रत्येक प्रार्थना पत्र को गंभीरता से लेकर तत्काल जांच प्रारंभ की जाए तथा त्वरित वर्कआउट सुनिश्चित किया जाए। • प्रत्येक थाने पर नियुक्त साइबर प्रभारी को न्यूनतम पाँच-पाँच प्रकरण आवंटित किए जाएं। वे प्रत्येक प्रकरण की गहन विवेचना करें तथा उच्चाधिकारी नियमित मॉनिटरिंग कर गुणवत्ता व समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करें। 9. मिशन शक्ति- • कोचिंग, हॉस्टल एवं विद्यालयों के आसपास टिप्पणी/पीछा करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए तथा नियमित गश्त बढ़ाई जाए। 10. जल पुलिस- • कोई भी नाव बिना लाइफ जैकेट के संचालित न हो। उल्लंघन पाए जाने पर नाव को तत्काल जब्त कर विधिक कार्रवाई की जाए। • जल पुलिस एवं संबंधित चौकी प्रभारी संयुक्त रूप से निगरानी रखें तथा नियमित चेकिंग अभियान संचालित करें। 11. सीसीटीवी- • सीसीटीवी अभियान के अंतर्गत हॉस्टल, कोचिंग संस्थान, वित्तीय कार्यालय, स्कूल एवं सर्राफा दुकानों पर अनिवार्य रूप से सीसीटीवी कैमरे स्थापित कराने हेतु नोटिस जारी कर समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
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