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    वाराणसी में दरोगा ने मुस्लिम युवक को दौड़ाकर पीटा-गालियां दी:दरोगा बोला विवेक सिंह हूं मै...कोई बचा नहीं पाएगा, कोर्ट से जमानत कराने पर धमकाया

    2 hours ago

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    वाराणसी में सीएम योगी आदित्यनाथ ने पुलिस को अनुशासन और मार्यादा का पाठ पढ़ा रहे थे, उधर, बड़ागांव पुलिस आम नागरिकों को वर्दी की गर्मी दिखा रही है। बड़ागांव के कुडी में मामूली विवाद की सूचना पर पहुंच दरोगा ने दबंगई दिखाई। दरोगा ने कोर्ट से जमानत कराने पर मुस्लिम पक्ष के युवक को दौड़ा - दौड़ाकर पीटा। उसे मां-बहन की गालियां दी और बार-बार अपना नाम बताकर धमकाया। दरोगा ने कहा कि मेरा नाम विवेक सिंह है और कोई मेरा कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा। बिना पुलिस की मर्जी से कोर्ट में पेश होने और जमानत कराने वाले युवक पर थप्पड़ों की बौछार कर दी। आसपास के लोगों ने बीच बचाव किया लेकिन दरोगा ने किसी की एक नहीं सुनी। आरोप है कि पुराने विवाद में दरोगा लगातार 25 हजार रुपये मांग रहा था और इसे नहीं देने पर फर्जी तरीके से जेल भेजने की मांग कर रहा था। जब युवक ने सवाल उठाया और जमानत कराई तो गांव आकर उससे मारपीट की। अब पीड़िता ने पुलिस कमिश्नर से मामले की शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। वाराणसी कमिश्नरेट की पुलिस अब अराजक हो गई है। मंदिर हो या सड़क, चौराहे या गांव। हर जगह पुलिस जनता को वर्दी की गर्मी दिखा रही है। पुलिस कर्मी मौका मिलते ही हाथापाई पर उतारू हो रहे हैं। नया मामला बड़ागांव थाना क्षेत्र के कुडी का सामने आया है, जिसमें दरोगा विवेक सिंह ने एक मुस्लिम युवक को सरेराह जमकर पीटा। बताया गया कि कुड़ी गांव निवासी रियाजुद्दीन पुत्र सेराजुद्दीन उर्फ सेराज और उसके भाइयों का गांव के युवकों से क्रिकेट खेलने पर विवाद हो गया था। इसके बाद दोनों पक्षों से कई लोग चोटिल हो गए। गांव के शहबाज पुत्र एकलाक ने रियाजुद्दीन, ताजुद्दीन, इरफान, नूरएन व अजमल के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने केस दर्ज कर एक पक्ष का मेडिकल कराया और दूसरे पक्ष की एक नहीं सुनी। मारपीट में एकलाख के भाई को भी चोट लगी व भाइयों को चोट लगी थी परंतु थाना पुलिस ने केस भी दर्ज नहीं किया उल्टा चोटिल लोगों को धमकाती रही। इसके अलावा रियाजुद्दीन, ताजुद्दीन, इरफान, नूरएन व अजमल भाइयों को शांति भंग में पाबंद कर दिया। विवाद के बाद उप निरीक्षक विवेक सिंह ने रियाजुद्दीन को फोन करके कई बार बुलाया गया और चार्जशीट नहीं लगाने के लिए 25 हजार रुपये की धनराशि मांगी। रुपए नहीं देने पर गिरफ्तार करने की धमकी दी गई। पुलिस के भय से पीड़िता ने खुद ही न्यायालय में सरेंडर कर दिया, कोर्ट ने सुनवाई के बाद मामले को पेशबंदी बताया और आरोपियों को जमानत दे दी। कोर्ट का दस्तावेज लेकर जब पैरोकार थाने पहुंचा तो दरोगा विवेक सिंह को इसकी जानकारी मिली तो वह भड़क गया। रविवार शाम 6:30 बजे उप निरीक्षक विवेक सिंह ने रियाजुद्दीन केा बुलाया तो उसने संबंधित केस में जमानत कराने की बात कही। इस पर दरोगा ने उसके भाई दिलशाद पुत्र एकलाख के साथ जमकर मारपीट की। जमानत कराने पर गालियां देते हुए जेल भेजने की बात कही। अब दरोगा की दबंगई से पीड़ित ने कमिश्नर से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। बताया कि जज ने जब मामला समझा तो आरोपियों को जेल भेजने की अपील को खारिज कर सभी को जमानत दे दी।
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