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    War Room से लेकर Ground Zero तक एक्शन मोड में Railway Minister Ashwini Vaishnaw, 28 स्टेशनों पर Live नजर, हजारों Special Trains दौड़ रहीं

    22 hours ago

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    त्योहारों के मौसम में रेलवे स्टेशनों पर उमड़ने वाली यात्रियों की भारी भीड़ और उससे पैदा होने वाली अव्यवस्थाओं को लेकर इस बार रेल मंत्रालय पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। यात्रियों को ट्रेनों के इंतजार में परेशान न होना पड़े, स्टेशन पर भगदड़ जैसी स्थिति न बने और हर यात्री सुरक्षित तरीके से अपनी मंजिल तक पहुंच सके, इसके लिए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव खुद मोर्चा संभाले हुए हैं। खास बात यह है कि रेल मंत्री केवल रेल भवन में बैठकर अधिकारियों से रिपोर्ट नहीं ले रहे, बल्कि वार रूम में तकनीकी व्यवस्थाओं की निगरानी से लेकर रेलवे स्टेशनों पर पहुंचकर जमीनी हकीकत भी परख रहे हैं।आज मीडिया से बातचीत में रेल मंत्री ने रेलवे के वार रूम की कार्यप्रणाली और त्योहारों के दौरान भीड़ प्रबंधन की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वार रूम के जरिए देश के 28 प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ की लगातार निगरानी की जा रही है। लाइव डैशबोर्ड के माध्यम से अधिकारियों को यह पता चल रहा है कि किस स्टेशन पर कितनी भीड़ है और कहां अतिरिक्त इंतजाम करने की जरूरत है।इसे भी पढ़ें: Ashwini Vaishnaw ने किया ऐलान, भीड़भाड़ दूर करने Golden Quadrilateral रूट्स होंगे 4 लेनरेल मंत्री ने साफ किया कि इस बार त्योहारों के दौरान यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे ने पिछले अनुभवों से सबक लिया है। पिछले वर्ष लगभग 12 हजार विशेष ट्रेनें चलाई गई थीं, जबकि इस बार दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ को ध्यान में रखते हुए 18 हजार से अधिक विशेष ट्रेनों की व्यवस्था की गई है। अचानक यात्रियों की संख्या बढ़ने की स्थिति से निपटने के लिए नई दिल्ली, आनंद विहार और हजरत निजामुद्दीन सहित प्रमुख स्टेशनों पर अतिरिक्त ट्रेनें भी तैयार रखी गई हैं।देखा जाये तो रेलवे का वार रूम इस पूरी रणनीति का महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरा है। स्टेशन स्तर से लेकर मंडल, जोन और रेलवे बोर्ड तक चार स्तरों पर वार रूम सक्रिय हैं। यहां सीसीटीवी कैमरों से मिलने वाले लाइव फुटेज, यात्रियों की आवाजाही और ट्रेनों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। जरूरत पड़ने पर अधिकारी तत्काल हस्तक्षेप कर सकते हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से भीड़ के पैटर्न को समझने और संभावित दबाव वाले क्षेत्रों की पहचान करने पर जोर दिया जा रहा है।साथ ही रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 6 नवंबर को वह खुद नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। उन्होंने प्रवेश और निकास व्यवस्था, यात्री होल्डिंग एरिया, सुरक्षा इंतजाम और यात्रियों की सुविधाओं का जायजा लिया। यात्रियों से सीधे बातचीत कर उनकी प्रतिक्रिया भी जानी। हम आपको बता दें कि दिल्ली के पांच प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर सामान्य दिनों में प्रतिदिन करीब पांच लाख यात्री आते हैं, जबकि त्योहारों के दौरान यह संख्या बढ़कर लगभग आठ लाख तक पहुंच रही है।हम आपको बता दें कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 700 अतिरिक्त AI कैमरे लगाए गए हैं। रेलवे सुरक्षा बल की तैनाती बढ़ाई गई है। आरक्षित और अनारक्षित यात्रियों के लिए अलग-अलग होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं, ताकि प्लेटफॉर्म पर अनावश्यक भीड़ जमा न हो। सामान की जांच के लिए एक्स-रे स्कैनर भी स्टेशन के बाहरी हिस्से में स्थानांतरित किए गए हैं। आनंद विहार टर्मिनल भी रेलवे की इस रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यहां लगभग सात हजार यात्रियों की क्षमता वाला यात्री सुविधा केंद्र विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा अचानक भीड़ बढ़ने की स्थिति से निपटने के लिए स्टेशन पर अतिरिक्त ट्रेनें तैयार रखने की व्यवस्था है।दरअसल, त्योहारों के दौरान रेलवे के सामने सबसे बड़ी चुनौती लाखों यात्रियों को सुरक्षित उनके घरों तक पहुंचाने की होती है। ऐसे समय में रेल मंत्री का वार रूम में बैठकर लाइव निगरानी करना और स्टेशनों पर पहुंचकर व्यवस्थाओं को परखना यह संकेत देता है कि मंत्रालय इस बार किसी भी तरह की लापरवाही का जोखिम नहीं लेना चाहता। देखा जाये तो रेल मंत्री की यह सक्रियता बताती है कि यात्री सुविधाओं को लेकर जिम्मेदारी केवल अधिकारियों पर छोड़ने के बजाय शीर्ष स्तर पर भी निगरानी की जा रही है। रेलवे के लिए असली परीक्षा केवल अतिरिक्त ट्रेनें चलाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि किसी यात्री को स्टेशन पर घंटों भटकना न पड़े, परिवार के साथ यात्रा करने वालों को असुविधा न हो और हर व्यक्ति सुरक्षित अपनी मंजिल तक पहुंचे।
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