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    यूजीसी एक्ट लागू करने की मांग:अम्बेडकरनगर में भेदभाव और आत्महत्या रोकने के लिए राष्ट्रपति को ज्ञापन

    2 hours ago

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    अम्बेडकरनगर में जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट के पास अम्बेडकर प्रतिमा प्रांगण में धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपकर यूजीसी एक्ट 2026 को लागू करने की मांग की। गुरूवार को पार्टी के जिलाध्यक्ष विजय कुमार मौर्या ने बताया कि यूजीसी एक्ट 2026 भारत की उच्च शिक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और संविधान सम्मत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के साथ होने वाले जातीय अपमान और भेदभाव को रोकने में सहायक होगा। मौर्या के अनुसार यह विधेयक भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 16, 17, 18, 21 और 21-क के तहत समानता, गरिमा और शिक्षा के अधिकार की भावना को सुदृढ़ करता है। इसका उद्देश्य विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक मानकों का एकीकरण, प्रशासनिक उत्तरदायित्व और विद्यार्थियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करना है।इस एक्ट का लक्ष्य रोहित वेमुला, डॉ. पायल तड़वी और आईआईटी छात्र दर्शन सोलंकी जैसी घटनाओं को रोकना है, ताकि कोई भी शिक्षार्थी ऐसी दुखद परिस्थितियों का शिकार न बने। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) में कम से कम 27 से 30 छात्रों की आत्महत्या की घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें आईआईटी कानपुर से सर्वाधिक 9 मामले सामने आए हैं। हाल ही में 4 फरवरी 2026 तक आईआईटी बॉम्बे में आत्महत्या का एक नया मामला सामने आया था। इससे पहले 20 जनवरी 2026 को आईआईटी कानपुर में भी ऐसी ही एक घटना हुई थी। राज्यसभा में प्रस्तुत सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2018 से 2023 तक उच्च शिक्षण संस्थानों में कुल 75 आत्महत्याएं दर्ज की गई हैं, जिनमें 25 आईआईटी, 25 एनआईटी और 25 केंद्रीय विश्वविद्यालयों से हैं।
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