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    यूपी के गांवों में UGC-चौपाल लगाएगी अपना दल कमेरावादी:वाराणसी में प्रदर्शन, राष्ट्रपति को लेटर भेजकर कानून लागू करने की मांग

    8 hours ago

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    देश में यूजीसी कानून-2026 के विरोध के बाद उसे लागू करने के समर्थन में राजनीतिक दल उतर आए हैं। अपना दल कमेरावादी के कार्यकर्ता अब गांव-गांव यूजीसी चौपाल लगाएंगे। लोगों से मिलकर यूजीसी के लागू होने और नई गाइडलाइन से सुरक्षा को बताएंगे। अपना दल कमेरावादी के साथ विभिन्न सामाजिक एवं छात्र युवा संगठन जिला मुख्यालय वाराणसी पर जुटे। शास्त्री घाट पर जोरदार धरना प्रदर्शन किया। यूजीसी विनियम लागू करने की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की। चौपाल के साथ चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी दी। कचहरी स्थित डॉ अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। जिला प्रशासन के एसीएम प्रथम को पत्र सौंपकर कहा कि जब तक यूजीसी रेगुलेशन 2026 लागू नहीं होता है, तब तक आंदोलन करेंगे। वाराणसी में बुधवार को शास्त्रीघाट पर प्रदर्शनकारियों ने 'यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026 लागू करो', ‘हम सबका है ऐलान, सबको शिक्षा सबको मान’, शिक्षण संस्थानों में वंचितों का उत्पीड़न बंद करो', आदि नारे लगाए। हाथों में तख्तियां लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने कहा कि जाति लिंग धर्म या अक्षमता के आधार पर उच्च शिक्षण संस्थानों में हो रहे भेदभाव एवं उत्पीड़न की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए, सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के मुताबिक विश्वविद्यालय अनुदान आयोग विनियम 2026 लाया गया। तथ्यों और तर्कों के आधार पर समझने की बजाय कुतर्कों के आधार प्रायोजित विरोध की आड़ में न्यायिक प्रक्रिया में ले जाकर फंसा दिया गया। एक अस्थाई स्थगन के आधार पर विश्वविद्यालयों में समता स्थापित करने वाले विनियम 2026 को न्यायालय में लंबित कर दिया गया। फूट डालो और राज करो की नीति पर चलने वाली भाजपा सरकार की नियत कभी भी इस देश के वंचित एससी एसटी ओबीसी और अल्पसंख्यकों के प्रति ठीक नहीं रही है। अगड़ा और पिछड़ा के बीच में खाई को और चौड़ा करने तथा जनता की बुनियादी कमाई दवाई एवं पढ़ाई जैसे सवालों पर सरकारों की विफलता से ध्यान हटाने के दोहरी लाभ की साजिशों के तहत यह सब किया जा रहा है। रोहित वेमुला, दर्शन सोलंकी, पायल तडवी, अनिल कुमार जैसे ज्ञात और अनगिनत अज्ञात पीड़ितों साथ हुई घटनाओं के पुनरावृति को रोकने का प्रयास है। उच्च शिक्षण संस्थानों में न्याय के लिए बनाए गए यूजीसी विनियम 2026 को अगड़ा बनाम पिछड़ा की लड़ाई का हथियार बना दिया गया। जबकि यह विनियम किसी भी तरीके से किसी खास सामाजिक समुदाय के विरुद्ध नहीं बल्कि हर तरह के शोषक के खिलाफ तथा शोषण परंपराओं पर रोक के लिए है। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से राजेश पटेल, गगन प्रकाश यादव, राजेश प्रधान, उमेश चंद्र मौर्य, राजकुमार पटेल, योगीराज सिंह, देवराज पटेल, बलराम यादव, बाबू अली साबरी, रामलखन पाल, महेन्द्र राजभर, सुरजीत सिंह समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष संजय पटेल एवं संचालन जिला महासचिव संजय आर्य एडवोकेट ने किया।
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