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    यूपी में 40-50Km की रफ्तार में चलेगी हवा:6 जिलों में होगी ओलावृष्टि, सबसे गर्म शहर रहा बांदा

    7 hours ago

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    उत्तर प्रदेश के पश्चिमी जिलों में मौसम ने अचानक करवट लिया। देर शाम दिल्ली से सटे जिलों नोएडा, गाजियाबाद आदि में झोंकेदार हवाओं व गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हो गई। पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने का केंद्र अफगानिस्तान बताया जा रहा। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम का यह बदलाव 21 मार्च तक जारी रहेगा। इस दौरान बारिश वाले क्षेत्रों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। तेज हवाओं और बारिश के असर से प्रदेशभर में अगले दो दिनों में अधिकतम तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट के संकेत हैं। आंधी- बारिश के विजुअल देखिए… मौसम विभाग ने कहा- 4 दिनों तक हल्की बारिश हो सकती है यूपी के मौसम में बदलाव की संभावना पहले ही जताई गई थी। मौसम विभाग के मुताबिक, 19 मार्च से 4 दिनों तक हल्की बारिश हो सकती है। 30 से 40 की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। पश्चिमी यूपी में ज्यादा असर देखने को मिलेगा। लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल सिंह ने बताया- 19 मार्च से एक और विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इस वजह से बारिश और आंधी का दौर फिर से शुरू होगा, जिससे अधिकतम तापमान में 5 से 7 डिग्री तक गिरावट आ सकती है। अब जानिए कल कैसा रहेगा मौसम बृहस्पतिवार को पश्चिमी यूपी व मध्यांचल के 23 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है, जबकि सहारनपुर, शामली और मुजफ्फरनगर समेत छह जिलों में ओलावृष्टि का अलर्ट है। बुधवार को बांदा सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 39.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक 19 मार्च से बदलाव के साथ 20 मार्च को प्रदेशभर में तेज हवाओं और बारिश का व्यापक असर देखने को मिलेगा। यहां है ओलावृष्टि की संभावना सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, आगरा, फिरोजाबाद, बिजनौर तेज हवा संग बादल सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर बरेली, संभल, बदायूं तेज बारिश से खड़ी फसलों को नुकसान कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि तेज हवाओं के साथ बारिश से फसलों को नुकसान हो सकता है। गेहूं की खड़ी फसल गिर सकती है, इसलिए किसान फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएं। मार्च में ही क्यों बढ़ रही है गर्मी? स्काईमेट वेदर के उपाध्यक्ष महेश पलावत का कहना है कि पिछले कुछ साल में जलवायु परिवर्तन (क्लाइमेट चेंज) का असर मौसम पर साफ दिखाई दे रहा है। इसी कारण मौसम का पैटर्न तेजी से बदल रहा है। गर्मी पहले की तुलना में जल्दी शुरू हो रही है। इसलिए तापमान ज्यादा तेजी से बढ़ने लगा है। आमतौर पर मार्च के आखिरी हफ्ते तक पारा 40 डिग्री तक पहुंचता था, लेकिन अब मार्च के दूसरे हफ्ते में ही पारा 40 डिग्री तक पहुंच गया। कई बार लू (हीटवेव) का दौर भी पहले से ज्यादा दिनों तक चलता है। बीते कुछ सालों में देश के कई शहरों में गर्मी के पुराने रिकॉर्ड भी टूटे हैं। लंबे समय तक चल सकती है हीटवेव IMD यानी मौसम विभाग के मुताबिक, इस साल कुछ इलाकों में लंबे समय तक हीटवेव की स्थिति बन सकती है। इसका मतलब है कि कई शहरों में लगातार कई दिनों तक तापमान बहुत ज्यादा रह सकता है और लोगों को तेज गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। कब मानी जाती है हीटवेव? मौसम विभाग के मुताबिक, हीटवेव तब मानी जाती है, जब मैदानों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे ज्यादा पहुंच जाए या फिर सामान्य तापमान से 4 से 6 डिग्री ज्यादा दर्ज किया जाए। ऐसी स्थिति में लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है और लू लगने का खतरा बढ़ जाता है। ------------------------
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