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    यूपी में बारिश से फसलें बर्बाद, पके धान डूबे:किसान बोले- 15-20 पौधों को बांधकर खड़ा करेंगे, कर्ज लेकर खेती की; जानें मुआवजा कैसे मिलेगा

    14 hours ago

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    यूपी में लगातार बारिश और तेज हवाओं ने खेतों में खड़ी किसानों की महीनों की मेहनत को बर्बादी में बदल दिया है। खेतों में तैयार धान की फसल कहीं पानी में डूब गई तो कहीं तेज हवा से जमीन पर बिछ गई। दाना बनने और पकने की कगार पर पहुंची फसल पर सबसे ज्यादा मार पड़ी है। मक्का और अरहर के खेत भी जलभराव की चपेट में हैं। बरेली के कई इलाकों में खेत तालाब बन गए हैं। किसानों का दर्द सिर्फ फसल खराब होने का नहीं, बल्कि उस पैसे और मेहनत के डूबने का है जो उन्होंने चार महीने से खेत में लगा रखी थी। गोरखपुर के किसान मृत्युंजय सिंह ने बताया कि उन्होंने धान की कटाई के लिए केसीसी से कर्ज लिया था, लेकिन खेत में पूरी फसल पानी में डूब गई है। प्रयागराज के किसान रंजीत पटेल ने कहा- शुरुआत में अच्छी बारिश होने से धान की फसल काफी बेहतर लग रही थी। अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन 3 दिन की इस बारिश से भारी नुकसान हुआ है। अब हम किसान लोग धान के 15-20 पौधों को बीच-बीच में बांधकर खड़ा करने का प्रयास करेंगे, ताकि खाने को कुछ मिल जाए। बरेली के किसान अमित कुमार की 15 बीघा धान की फसल पानी में दब गई, प्रयागराज के मुन्नी लाल की पककर तैयार फसल गिर गई और गोरखपुर के किसानों की कटाई के समय पहुंची धान की फसल खेत में ही बिछ गई। अब किसानों के सामने लागत निकालना तो दूर, परिवार के लिए सालभर का अनाज जुटाने की चिंता खड़ी हो गई है। पढ़िए शहरों के हालात और वहां के किसानों का दर्द… बरेली की 2 तस्वीरें देखिए- बरेली के किसान बोले- धान के खेत में 1 फीट पानी भरा बरेली के बारी नगला गांव निवासी किसान अमित कुमार ने कहा- हमने लगभग 15 बीघा धान की फसल लगाई है, जो पूरी तरह से जमींदोज हो गई है। उनमें कम से कम एक फीट पानी भरा है। धान दिख ही नहीं रहे हैं और नष्ट हो गए हैं। बरेली के किसान धीरेंद्र ने कहा- काफी नुकसान हो गया है। हमारी पूरी फसल चौपट हो गई है। पूरी खेती खराब हो गई है। शुक्रवार की सुबह से लगातार बारिश हो रही है, जो अभी भी जारी है। हमारी लगभग 6-7 एकड़ धान की फसल थी। अब दाने काले होंगे या सड़ जाएंगे फरीदपुर, मीरगंज, बहेड़ी, नवाबगंज और आंवला समेत जिले के कई ग्रामीण इलाकों में खेतों में लबालब पानी भर गया है। इस समय धान की फसल खेतों में दाने बनने और पकने की अंतिम अवस्था में थी। लगातार बारिश के कारण धान की जड़ें कमजोर हुईं, इसके बाद हवा में फसलें गिर गईं। अब धान के दाने या तो काले पड़ जाएंगे या सड़ जाएंगे। बारिश का कहर केवल धान तक सीमित नहीं है। निचले और समतल इलाकों के खेतों में पानी भर जाने से मक्का और अरहर की फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। पानी के लंबे समय तक जमा रहने से पौधों की जड़ों के गलने की आशंका बढ़ गई है, जिससे किसानों की चिंता दोगुनी हो गई है। अब प्रयागराज के हालात जानिए प्रयागराज के कृषि वैज्ञानिक बोले- 20% फसलें बर्बाद हुईं प्रयागराज में तीन दिनों से हो रही बारिश और तेज हवाओं ने कटाई के करीब पहुंची धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. जीएस चौहान के अनुसार, गंगापार और यमुनापार इलाकों में करीब 20% फसल प्रभावित होने का अनुमान है। सोरांव, होलागढ़, नवाबगंज और फूलपुर में नुकसान ज्यादा है, जहां पककर तैयार धान तेज हवा से खेतों में गिर गया और बारिश का पानी भरने से फसल सड़ने लगी। किसानों का कहना है कि चार महीने की मेहनत और हजारों रुपए की लागत के बाद जब फसल काटने का समय आया, तो बारिश ने पूरी उम्मीद पर पानी फेर दिया। कई किसानों के परिवार की सालभर की रोटी इसी खेती पर निर्भर है, ऐसे में फसल बर्बाद होने से उनके सामने बड़ी आर्थिक चिंता खड़ी हो गई है। किसान बोले- अब धान के 15-20 पौधों को बांधकर खड़ा करेंगे किसान रंजीत पटेल ने कहा- पिछले दो दिनों से हो रही तेज बारिश और हवा के कारण मेरी डेढ़ बीघा धान की फसल गिरकर खराब हो गई। शुरुआत में अच्छी बारिश होने से धान की फसल काफी बेहतर लग रही थी। अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन अचानक हुई इस बारिश से भारी नुकसान हुआ है। अब किसान धान के 15-20 पौधों को बीच-बीच में बांधकर खड़ा करने का प्रयास करेंगे, ताकि खाने को कुछ मिल जाए। किसान मुन्नी लाल ने बताया कि हम छोटे किसान हैं। हमारा सालभर की खेती से ही रोटी चलती है। जून में रोपी गई धान की फसल काफी अच्छी पककर तैयार थी। लेकिन, पिछले दो-तीन दिनों की तेज बारिश और तूफान के कारण लगभग 10-20 बिस्वा धान की फसल गिरकर नष्ट हो गई है। इस खेती में ₹2000 मजदूरी और ₹1400 जुताई समेत कुल मिलाकर लगभग ₹4000 की लागत आई थी। फसल गिर जाने से परिवार के सामने खाने की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। किसान सुरेश कुमार पाल ने कहा- भारी नुकसान पहुंचा है। दो बीघे में लगी फसल पूरी तरह गिर गई है। इसमें करीब 15 हजार तक की लागत आई थी। चार महीने पहले लगाया गया पैसा और मेहनत सब बर्बाद हो गया है, जिससे अब लागत निकलने या किसी पैदावार होने की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है। अब गोरखपुर के हालात जानिए किसान बोले- कर्ज लेकर खेती की, अब फसल बर्बाद हो गई गोरखपुर के कैंपियरगंज क्षेत्र के मछलीगांव में किसान रामकेवल प्रजापति की एक एकड़ धान की फसल कटाई के समय तेज हवा और बारिश से खेत में गिर गई। खेत में पानी भरने से धान के दाने सड़ने लगे हैं। बांसगांव क्षेत्र में भी लगातार बारिश और तेज हवाओं से तैयार धान की फसल कई जगह पानी में डूब गई है। जिन खेतों में अभी बालियां नहीं निकली थीं, वहां भी तेज हवा से फसल जमीन पर गिर गई। करीब 40 घंटे से जारी बारिश के कारण खेतों में जलभराव है और किसान फसल बर्बाद होने की आशंका से चिंतित हैं। किसान मृत्युंजय सिंह ने बताया कि उन्होंने धान की कटाई के लिए केसीसी से कर्ज लिया था, लेकिन खेत में पूरी फसल पानी में डूब गई और कई जगह गिर भी गई है। किसान योगेंद्र सिंह ने बताया कि उनकी फसल में बालियां निकल चुकी थीं, लेकिन तेज आंधी-बारिश से पूरी फसल खेत में गिर गई। किसानों ने प्रशासन से जल्द फसल नुकसान का सर्वे कराकर उचित सहायता देने की मांग की है। लगातार बारिश से गांवों में जलभराव और बिजली की समस्या भी बढ़ रही है, जिससे किसानों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। ------------------------ ये खबर भी पढ़िए कानपुर-इटावा हाईवे 200 मीटर धंसा, आंधी-बारिश से 25 की मौत: ब्रजेश पाठक का हेलिकॉप्टर उड़ नहीं पाया यूपी में बारिश से हालात बिगड़ने लगे हैं। पूरे प्रदेश में 55 घंटे से जोरदार बारिश हो रही है। 40-50 किमी. की रफ्तार से आंधी चल रही है। सड़कें तालाब बन गई हैं। कॉलोनियों में पानी घुस गया है। 32 जिलों में अचानक बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। पेड़-पोल उखड़ने से रास्ते बंद हो गए हैं। अब तक 25 लोगों की मौत हो चुकी है। पढ़ें पूरी खबर…
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