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    यूपी में नकली पनीर बनाना-बेचना अपराध नहीं:गुजरात-महाराष्ट्र में प्रतिबंध लगा तो यहां क्यों बिक रहा, क्या हैं नियम

    13 hours ago

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    हाल ही में छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और गुजरात ने एनालॉग यानी नकली पनीर बनाने और बेचने पर बैन लगा दिया। लेकिन, यूपी समेत अन्य राज्यों में इसे बनाना और बेचना अपराध नहीं है। ग्राहक को सिर्फ यह बताना जरूरी होता है कि यह दूध से बना पनीर नहीं है। हालांकि, यह आमतौर पर बिकने वाले मिलावटी पनीर से अलग होता है। आखिर यूपी में नकली पनीर बनाना और बेचना अपराध क्यों नहीं है? यह मिलावटी पनीर से कैसे अलग है? जानेंगे आज यूपी एक्सप्लेनर में… सवाल-1ः नकली पनीर और मिलावटी पनीर में क्या फर्क है? जवाब: सवाल-2: क्या नकली यानी एनालॉग पनीर सेहत के लिए हानिकारक नहीं है? जवाब: ऐसा नहीं है। आमतौर पर एक-दो बार एनालॉग पनीर खाने से परेशानी नहीं होती। लेकिन, लगातार सेवन से गंभीर नुकसान हो सकते हैं… 1. हार्ट अटैक और ब्लॉकेज का कारण 2. लिवर-पेट की गंभीर बीमारियां 3. कैंसर और किडनी की बीमारी 4. वजन बढ़ना सवाल-3: अगर सेहत के लिए हानिकारक है, तो इसे बनाना-बेचना अपराध क्यों नहीं? जवाब: यूपी में सिर्फ मानकों के तहत बना नकली पनीर बेचने पर प्रतिबंध नहीं है। इसके कुछ कानूनी और तकनीकी पहलू हैं। इन्हें ऐसे समझ सकते हैं… 1. नकली पनीर जहर या अवैध सामग्री नहीं है 2. यह मिलावट नहीं, एक अलग फूड कैटेगरी है 3. वीगन और लैक्टोज इनटोलरेंट लोगों की जरूरत 4. बैन नहीं, सही लेबलिंग की पॉलिसी सवाल-4: तो फिर महाराष्ट्र, गुजरात जैसे राज्यों ने बैन क्यों लगाया? जवाबः FSSAI केंद्र की संस्था है, जो पूरे देश के लिए मानक तय करती है। लेकिन, कानून व्यवस्था और जमीनी स्तर पर चेकिंग का जिम्मा राज्य सरकारों का होता है। ----------------------------------------- ये एक्सप्लेनर भी पढ़ें… क्या यूपी में विधानसभा से पहले पंचायत चुनाव होंगे: हाईकोर्ट बोला-सरकार 6 महीने में इलेक्शन कराना जरूरी, नवंबर में खत्म हो रही समय-सीमा ‘राज्य सरकार 6 महीने में पंचायत चुनाव कराने के लिए बाध्य है। यह अवधि नवंबर, 2026 में खत्म हो रही है।’ इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने 5 अगस्त को यह बात कही। इसके बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या सरकार ने जानबूझकर पंचायत चुनाव समय पर नहीं कराए? क्या पंचायत चुनाव, यूपी विधानसभा चुनाव से पहले हो सकते हैं? जानिए यूपी एक्सप्लेनर में…
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