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    यूपी में पहली बार:कानपुर के GSVM में नवजातों का बेड पर MRI, मिनटों में मिलेगी रिपोर्ट

    21 hours ago

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    जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज का बाल रोग विभाग अब हाईटेक होने जा रहा है। यहां के कंगारू मदर केयर यूनिट (KMCU) में जल्द ही प्रदेश की पहली आधुनिक "पोर्टेबल एमआरआई मशीन" स्थापित की जाएगी। इस तकनीक के आने के बाद अब गंभीर स्थिति में भर्ती नवजात बच्चों को जांच के लिए रेडियोलॉजी विभाग के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। डॉक्टर खुद मशीन लेकर बच्चे के बेड तक पहुंचेंगे और चंद मिनटों में उनके दिमाग की लाइव स्थिति देख सकेंगे। रेडिएशन का झंझट खत्म, नवजातों के लिए पूरी तरह सुरक्षित: आमतौर पर एमआरआई मशीनों में हाई मैग्नेटिक फील्ड और रेडिएशन को लेकर चिंता बनी रहती है, लेकिन इस नई मशीन के साथ ऐसा नहीं है। यह अत्याधुनिक .065 टेस्ला की मशीन है, जिसे खास तौर पर नवजातों की नाजुक स्थिति को देखते हुए डिजाइन किया गया है। इससे बच्चों को किसी भी तरह के रेडिएशन का खतरा नहीं होगा। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि जांच पूरी होते ही रिपोर्ट मिल जाएगी, जिससे इलाज में लगने वाला कीमती समय बचेगा। दिमाग की हर छोटी हलचल और बीमारियों की होगी सटीक जांच: जन्म के समय कई बच्चों के मस्तिष्क में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है या अंदरूनी ब्लीडिंग (हेमरेज) की समस्या आ जाती है। अब तक इन बारीकियों को पकड़ने के लिए बच्चों को दूसरे विभागों में शिफ्ट करना पड़ता था, जो उनके जीवन के लिए जोखिम भरा होता था। इस पोर्टेबल एमआरआई की मदद से अब दिमाग में पानी भरने, ऑक्सीजन की कमी या कुपोषण के कारण होने वाली दिमागी समस्याओं की जांच बेड पर ही संभव होगी। इससे बच्चों की न्यूरो-इमेजिंग करना और भी आसान हो जाएगा। अब रेडियोलॉजी विभाग पर निर्भरता होगी खत्म: मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. संजय काला ने बताया कि इस प्रोजेक्ट का काम अपने अंतिम चरण में है। अभी तक बच्चों के दिमाग की जांच के लिए अस्पताल के रेडियोलॉजी विभाग पर निर्भर रहना पड़ता था, जहां अक्सर मरीजों की भीड़ और मशीनों पर दबाव रहता था। इस नई पोर्टेबल मशीन के आने से यह निर्भरता पूरी तरह खत्म हो जाएगी। यह मशीन न केवल गंभीर नवजातों की निगरानी में मददगार साबित होगी, बल्कि कम वजन और कुपोषित बच्चों के दिमागी विकास पर नजर रखने में भी बड़ी भूमिका निभाएगी। उत्तर प्रदेश के किसी भी सरकारी मेडिकल कॉलेज में यह अपनी तरह की पहली आधुनिक सुविधा होगी।
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