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    युद्ध में फंसा भारत का जहाज, ईरान ने किया खेल, ट्रंप-नेतन्याहू हैरान!

    3 hours from now

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    समंदर के बीच फंसा एक जहाज ऊपर से गुजरती मिसाइलें और हर पल मौत का खतरा और फिर भी 27 भारतीय अपनी जान दांव पर लगाकर डटे रहे। यह कहानी है उस भारतीय गैस टैंकर की जो यूएई से चला था। लेकिन जंग के बीच 23 दिन तक यह फंसा रहा और फिर एक खतरनाक रास्ते से निकलकर यह भारत पहुंचा। दरअसल बता दें कि पाइन गैस टैंकर 27 फरवरी 2026 को यूएई के रूएस पोर्ट से 45,000 मेट्रिक टन एलपीजी लेकर भारत के लिए रवाना होने वाला था। जहाज में 27 भारतीय क्रू मेंबर्स सवार थे। जिन्हें यह उम्मीद थी कि बस एक हफ्ते में यह घर पहुंच जाएंगे। लेकिन 28 फरवरी को इजराइल और यूनाइटेड स्टेट्स यानी कि अमेरिका ने ईरान पर हमला कर दिया और सब कुछ ही सेकंड में बदल गया। जंग शुरू हो गई और दुनिया का सबसे अहम समुद्री रास्ता यानी कि स्टेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह से बंद हो गया। ईरान ने वहां पर माइंस बिछा दिए। जहाजों की आवाजाही रोक दी गई और यही वो जगह थी जहां पर भारतीय जहाज फंस गया।  इसे भी पढ़ें: भारत के लिए बड़ी खुशखबरी, सरकार का बड़ा फैसला, LPG का झंझट खत्मबता दें कि 23 दिन यह जहाज समंदर के बीच खड़ा रहा। चीफ ऑफिसर इस पूरे घटना को लेकर यह बताते हैं कि हर दिन सिर के ऊपर से मिसाइलें और ड्रोन गुजरते थे। सोचिए चारों तरफ जंग बीच समंदर और कोई मदद नहीं। कहावत है कि जाको राखे सया मार सके ना कोई लेकिन यहां हालात इतने खतरनाक थे कि हर पल डर बना हुआ था। फिर इसके बाद 11 मार्च को उम्मीद जगी। भारतीय अधिकारियों ने यह कहा तैयार रहो निकल सकते हो। लेकिन जंग और भी ज्यादा तेज हो गई और इंतजार लंबा हो गया। फिर आखिरकार 23 मार्च का दिन आता है। 23 मार्च को रास्ता मिला लेकिन यह रास्ता आसान नहीं था क्योंकि स्टेट ऑफ हॉरर्मूस माइंस से भरा हुआ था। तब ईरान की सेना यानी कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉप्स मदद के लिए आगे आती है। सामने आती है। उन्होंने एक नया बेहद सकरा और जोखिम भरा रास्ता सुझाया और यह रास्ता था लाख आइलैंड के पास से गुजरने वाला। जब यहां सबसे बड़ा फैसला जो लेना था वो यह था कि कंपनी ने यह साफ कहा कि जब तक हर क्रू मेंबर हां नहीं करेगा जहाज आगे नहीं बढ़ेगा।  इसे भी पढ़ें: Income Tax, LPG, Banking में बड़े बदलाव, आज से आपकी जेब पर पड़ेगा सीधा असर27 जिंदगियां और एक फैसला और फिर सभी ने एक साथ कहा हम तैयार हैं। इसके बाद शुरू हुआ मौत के साए से बाहर निकलने का मिशन। ईरान ने ना कोई फीस ली ना जहाज पर चढ़कर कोई भी जांच की। और जैसे ही जहाज़ स्टेट ऑफ हॉरर्मूस पार कर गया। इंडियन नेवी पहले से ही वहां पर मौजूद थी। भारतीय युद्ध पोतों ने करीब 20 घंटे तक जहाज को एस्कॉट किया और आखिरकार बता दें कि जहाज सुरक्षित तरीके से भारत पहुंच गया। यह सिर्फ बता दें कि एक जहाज की कहानी नहीं है। आज भी करीब 18 भारतीय जहाज और 450 से ज्यादा नाविक उसी खाड़ी में फंसे हुए हैं। भारत जैसे देश के लिए जहां करोड़ों घर एलपीजी पर निर्भर है। ऐसी सप्लाई लाइफ लाइन होती है। कहते हैं हीरो वो नहीं जो दिखता है। हीरो वो है जो हालात से लड़ता है। और इस कहानी के असली हीरो है वो 27 क्रू मेंबर्स। भारतीय नौसेना के वो लोग जो हर हाल में सप्लाई चेन को जिंदा रखते हैं। 
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