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    12वीं पास दो लड़कों ने 250 करोड़ ठगे:कानपुर में फर्जी कंपनी बनाई, ई-रिक्शा चालक के खाते में डेढ़ करोड़ फ्रीज

    11 hours ago

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    कानपुर में 12वीं पास दो लड़कों ने 250 करोड़ की ठगी की। दोनों ने दिखावे के लिए 38 फर्जी कंपनी खोलीं। लोन कराने के नाम पर ई रिक्शा चालक और कई स्टूडेंट से पेपर लिए। पुलिस ने मंगलवार को मामले का खुलासा करते हुए दोनों को जेल भेज दिया है। पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने बताया- पीड़ित ई-रिक्शा चालक के बेटे के खाते से 117 करोड़ का ट्रांजैक्शन मिला है। इसी खाते में मिले 1.5 करोड़ रुपए को सीज कर दिया गया है। आरोपियों ने ठगी के लिए बाकायदा पूरा गैंग बना रखा था। पुलिस 5 फरार आरोपियों की तलाश कर रही है। लोन के लिए कागज लिए, फिर खोली फर्जी कंपनी पुलिस कमिश्नर के मुताबिक, आरके नगर के रहने वाले अनुराग वर्मा ने नजीराबाद थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया- मैंने बहन की शादी के लिए लोन लेने के लिए एक एजेंट को दस्तावेज दिए थे। लोन तो नहीं हुआ लेकिन उनके दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। पुलिस और साइबर सेल ने मामले की जांच शुरू की तो दंग रह गई। जांच में सामने आया कि उनके दस्तावेज पर यशोदा नगर में पार्वती ट्रेडर्स के नाम से बोगस कंपनी बनाई। एचडीएफसी बैंक में फर्म के नाम पर अकाउंट खुलवा दिया था। सभी जगह जीएसटी से लेकर बैंक में ठगों ने अपना मोबाइल नंबर दर्ज कराया था। फर्म के नाम पर करोड़ों का आईटीसी क्लेम करके जीएसटी चोरी की जा रही थी। पुलिस की जांच में एक और केस सामने आया। उन्नाव के इंदिरा नगर के रहने वाले ई-रिक्शा चालक मनोज गुप्ता के बेटे उज्जवल गुप्ता ने भी मां की बीमारी के इलाज के नाम पर लोन के लिए दस्तावेज दिए थे। उज्जवल के नाम पर भी कंपनी बनाकर एचडीएफसी बैंक में खोले गए अकाउंट में 117 करोड़ का ट्रांजैक्शन किया गया। पुलिस ने जब ई-रिक्शा चालक मनोज और उनके बेटे उज्जवल को हिरासत में लिया तो दंग रह गए। अपने अकाउंट में अरबों का ट्रांजैक्शन और करोड़ों की रकम होने पर उन्हें भी विश्वास नहीं हो रहा था। पूछताछ के बाद खुलासा हुआ कि लोन के नाम पर दिए गए दस्तावेज से ठगों ने बोगस कंपनी बनाई। फिर उनके नाम पर जीएसटी चोरी की। पुलिस की जांच में 38 बोगस कंपनियों में करीब 250 करोड़ का ट्रांजैक्शन मिला है। इंटर पास युवक कर रहे थे करोड़ों की ठगी पुलिस कमिश्नर ने बताया कि ठगी में शामिल इंटर व आईटीआई पास कपिल और इंटरपास दूसरे शातिर ठग राज उर्फ अमरदीप को अरेस्ट किया है। जबकि, गैंग में शामिल अन्य पांच आरोपियों की भी पहचान की गई है। सभी की अरेस्टिंग के लिए पुलिस की टीमें छापेमारी कर रही हैं। गैंग का खुलासा करने वाली टीम को 50 हजार का इनाम दिया गया है। 4 पाइंट में समझिए, कैसे करते थे ठगी का खेल ई-रिक्शा चालक के खाते में 1.50 करोड़ फ्रीज जांच के दौरान “पार्वती एंटरप्राइजेज” नाम की फर्म एक गरीब रिक्शा चालक के नाम पर फर्जी रूप से रजिस्टर्ड मिली। जबकि, संबंधित व्यक्ति को फर्म और उसके बैंक खाते की जानकारी तक नहीं थी। अकाउंट में करीब 1.50 करोड़ की राशि फ्रीज कराई गई है। इसी तरह पार्वती एंटरप्राइजेज से जुड़ी कुल 12 अन्य फर्मों का संचालन किया जा रहा था। जबकि, दो अन्य फर्मों के साथ भी लेन-देन किया जा रहा था। बहन की शादी के लिए लोन लेने के चक्कर में फंसा पुलिस कमिश्नर ने बताया कि शिकायत करने वाले अनुराग वर्मा से कपिल मिश्रा ने उसकी बहन की शादी के लिए लोन दिलाने के नाम पर दस्तावेज लिए थे। उसे लगातार डेढ़ महीने तक यह कहकर टालते रहे कि लोन प्रोसेस में है। जबकि, आरोपियों ने उसके नाम से फर्म खोलकर जीएसटी पंजीकरण कराया जा चुका था। एचडीएफसी बैंक में संचालित खाते में पैसों का ट्रांजैक्शन और जीएसटी चोरी से संबंधित लेन-देन किया जा रहा था। 30 मोबाइल और 52 चाबियां बरामद आरोपियों ने बोगस कंपनियों के पंजीकरण के दौरान अपना ही नंबर दिया था। अलग अलग ओटीपी हासिल करने के लिए कई मोबाइल फोन अपने पास रखते थे। अब तक लगभग 30 मोबाइल फोन एवं 52 चाबियां बरामद की गई हैं, जिससे अनेक फर्जी फर्मों के संचालन की पुष्टि हुई है। शिकायतकर्ता को जब शक हुआ कि उसके दस्तावेजों का दुरुपयोग हो रहा है, तब उसने पुलिस से संपर्क किया। शुरुआत में साइबर धोखाधड़ी की आशंका के आधार पर जांच शुरू की गई, लेकिन डिटेल जांच में बड़े स्तर की जीएसटी चोरी और दस्तावेंजों के दुरुपयोग का मामला सामने आया। शातिरों ने रजिस्टर्ड कराईं ये 38 बोगस कंपनियां गौरवी ट्रेडर्स, पूर्ति ट्रेडिंग, ओमकार कम्युनिकेशन, शिव शक्ति ट्रेडिंग, कामायनी कम्युनिकेशन, वैष्णवी ट्रेडिंग कम्पनी, मां कंसारी ट्रेडर्स, श्रीराम ट्रेडर्स, मां इंटरप्राइजेज, लाइटिंग इंटरप्राइजेज, बिहारी ट्रेडर्स, दाल ट्रेडर्स, S.K. इंटरप्राइजेज, के-एन ट्रेडिंग, N.S. ट्रेडिंग, शिवाय कम्युनिकेशन, श्री श्याम ट्रेडर्स, मां वैष्णो ट्रेडर्स, पार्वती ट्रेडर्स, शंकर इंटरप्राइजेज, श्री दुर्गा स्टोर, मोहन इंटरप्राइजेज, यश बाबा इंटरप्राइजेज, दिव्य ट्रेडिंग कम्पनी, अन्नपूर्णा ट्रेडर्स, गौरी इंटरप्राइजेज, गुप्ता इंटरप्राइजेज, आर्यन ट्रेडर्स, श्री श्याम इंटरप्राइजेज, गणेश ट्रेडर्स, श्याम ट्रेडर्स, मन ट्रेडर्स, अनिल का इंटरप्राइजेज, देव इंटरप्राइजेज, नीलम ट्रेडर्स, मां काली इंटरप्राइजेज, वंदना ट्रेडर्स, दुर्गा ट्रेडर्स। --------------------------- ये खबर भी पढ़िए… 12वीं की छात्रा से रेप, FIR कराई तो हत्या की:बस्ती में आधी रात घर में घुसा आरोपी, सोते वक्त 2 गोली मारी यूपी के बस्ती में सिरफिरे ने 12वीं की छात्रा की गोली मारकर हत्या कर दी। सिरफिरे ने कुछ महीने पहले बहला-फुसलाकर छात्रा से संबंध बनाए थे। अश्लील फोटो और वीडियो रिकॉर्ड कर लिए थे। परिजनों ने उसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत रेप की FIR कराई थी। तब से वो फरार चल रहा था। पढ़ें पूरी खबर…
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