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    1.5 घंटे 2.5 किमी दूरी में छिपा मौत का राज:प्रयागराज में जूनियर डॉक्टर के पोस्टमार्टम में कारण स्पष्ट नहीं, विसरा जांच के लिए भेजा

    5 hours ago

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    प्रयागराज में मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर आदित्य की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत अब एक पेचीदा गुत्थी बनती जा रही है। पोस्टमार्टम में मौत का स्पष्ट कारण सामने नहीं आने के बाद विसरा सुरक्षित कर लिया गया है। अब जांच की दिशा इस बात पर टिक गई है कि आखिर एसआरएन अस्पताल से जॉर्जटाउन स्थित फ्लैट तक के महज 2.5 किलोमीटर के सफर और करीब डेढ़ घंटे के भीतर ऐसा क्या हुआ, जिससे उनकी जान चली गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से नहीं खुला राज 29 साल के डॉक्टर आदित्य के शव का पोस्टमार्टम सोमवार को कराया गया, लेकिन मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी। इसके बाद डॉक्टरों ने विसरा प्रिजर्व कर जांच के लिए भेज दिया है। अब केमिकल एनालिसिस रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि मौत किसी विषैले पदार्थ, दवा के रिएक्शन या अन्य कारण से हुई। फ्लैट पहुंचते ही टॉयलेट में हुए अचेत रविवार रात ड्यूटी खत्म करने के बाद 10:30 बजे के करीब आदित्य अपने महिला डॉक्टर दोस्त के जॉर्जटाउन स्थित फ्लैट पर पहुंचे थे। वहां पहुंचने के कुछ ही देर बाद वह टॉयलेट जाने की बात कहकर अंदर गए, लेकिन काफी देर तक बाहर नहीं निकले। किसी तरह दरवाजा खोलकर देखा गया तो वह अंदर अचेत पड़े थे। डेढ़ घंटे तक चली जिंदगी बचाने की कोशिश बेहोशी की हालत में साथी डॉक्टर उन्हें तुरंत स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने सीपीआर देकर उन्हें बचाने की कोशिश की। कुछ देर के लिए उनकी हालत में हल्का सुधार भी दिखा, लेकिन इसके बाद स्थिति लगातार बिगड़ती गई और करीब डेढ़ घंटे बाद उनकी सांसें थम गईं। वीगो लगा होना बना रहस्य मामले का सबसे अहम और उलझा हुआ पहलू डॉक्टर के हाथ में लगा वीगो है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, प्रारंभिक जांच पड़ताल में में सामने आया कि एक दिन पहले उन्हें बुखार था और उन्होंने खुद ही वीगो लगवाया था। लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि अगर तबीयत खराब थी तो उन्होंने उचित इलाज क्यों नहीं लिया और क्या उन्होंने किसी तरह की दवा या इंजेक्शन खुद से लिया था। रास्ते के डेढ़ घंटे पर पुलिस की नजर पुलिस अब उस समय की कड़ियां जोड़ने में जुटी है जब आदित्य अस्पताल से निकले और दोस्त के फ्लैट तक पहुंचे। यह समय करीब डेढ़ घंटे का बताया जा रहा है। जांच इस बात पर केंद्रित है कि इस दौरान वह कहीं रुके थे या किसी से मिले थे। साथ ही यह भी खंगाला जा रहा है कि उन्होंने रास्ते में कुछ खाया तो नहीं। अभी तक कोई शिकायत नहीं, पुलिस कर रही जांच एसीपी विमल किशोर मिश्र ने बताया, फिलहाल इस मामले में कोई शिकायत नहीं मिली है। मौत का कारण स्पष्ट नहीं है और अब विसरा सैंपल जांच के लिए भेजवाया जा रहा है। कई सवाल, जिनके जवाब अभी बाकी डॉक्टर ने पहले से वीगो क्यों लगवाया था? क्या उन्होंने खुद से कोई दवा या इंजेक्शन लिया? अस्पताल से निकलने के बाद डेढ़ घंटे तक वह कहां रहे? फ्लैट पहुंचते ही उनकी हालत अचानक कैसे बिगड़ गई?
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