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    22 घंटे नहीं आए दरोगा…पोस्टमार्टम के लिए रखा रहा शव:झांसी में जहर खाने से युवक की मौत हुई, मोर्चरी के बाहर भूखे-प्यासे बैठे रहे घरवाले

    23 hours ago

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    झांसी में शनिवार को एक युवक ने जहर खा लिया। परिजन उसे मेडिकल कॉलेज लेकर आए। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इमरजेंसी से मेडिकल चौकी को सूचना दी गई। चूंकि, घटना चिरगांव थाना क्षेत्र की थी। इसलिए मेमो (पुलिस सूचना) चिरगांव थाने भेज दिया गया। दरोगा को पंचायतनामा भरने के लिए आना था। चिरगांव से मेडिकल कॉलेज की दूरी लगभग 35 किलोमीटर है। मगर दरोगा को यहां तक आने में लगभग 22 घंटे लग गए। उन्होंने आकर पंचायतनामा भरा। तब जाकर शव का पोस्टमार्टम हो पाया। लगभग 27 घंटे बाद शव को परिजनों के हवाले किया गया। इस दौरान परिजन मोर्चरी के बाहर भूखे-प्यासे बैठे रहे। पुलिस के इस रवैया से परिजनों में रोष है। अब पूरा मामला विस्तार से पढ़िए दो साल पहले हुई थी शादी मृतक का नाम रोहित प्रजापति (22) पुत्र प्रकाश प्रजापति था। वह चिरगांव थाना क्षेत्र के दबरा बुजुर्ग गांव का रहने वाला था। मृतक के चचेरे भाई पवन कुमार प्रजापति ने बताया- मेरा भाई रोहित खेती किसानी करता था। उसकी शादी अप्रेल 2024 में शिवानी से हुई थी। उनकी 6 महीने की एक बेटी है। रोहित अत्याधिक नशा करता था, इसलिए वजह से परिजन भी परेशान रहते थे। सब लोग समझाते थे, लेकिन वो मानता नहीं था। 3 दिन पहले पत्नी अपने मायके चली गई थी। शनिवार को रोहित शराब पिए था। सुबह लगभग 8 बजे उसने जहर खा लिया। उसे तुरंत मेडिकल कॉलेज लेकर आए। यहां इलाज के दौरान दोपहर लगभग 2:30 बजे उसकी मौत हो गई। 22 घंटे बाद आए पंचनामा भरने आए दरोगा पवन ने आगे बताया- रोहित की मौत के बाद मेडिकल चौकी में सूचना दे दी थी। वैसे तो शनिवार को ही शव का पोस्टमार्टम हो जाना चाहिए था, लेकिन खराब व्यवस्था के कारण ये संभव नहीं हो पाया। चौकी से कहा गया कि चिरगांव से पुलिस आएगी और पंचायतनामा भरेगी। शाम लगभग 4 बजे चौकी में मेमो आ चुका था। यहां से चिरगांव थाने को सूचना दे दी गई। हम लोग मोर्चरी के पास बैठे रहे, लेकिन दरोगा नहीं आए। आज सुबह से कई फोन लगाए। तब जाकर चिरगांव थाने से एक दरोगा और सिपाही दोपहर लगभग 12:30 बजे मेडिकल कॉलेज आए। 22 घंटे बाद आए दरोगा ने पंचनामा भरा। इसके बाद पोस्टमार्टम हो पाया। शाम को 5 बजे हम लोगों को रोहित का शव मिला। यानी पोस्टमार्टम होने 27 घंटे लग गए। मौत होने पर घरवाले गमगीन रहते हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए। मौत के बाद मातम छाया रोहित की मौत के बाद घर में मातम छाया है। रोहित दो भाइयों में छोटा था। उससे बड़ा भाई छोटू है। रोहित की मौत के बाद मां गनेशी और अन्य परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। मोठ सीओ अजय श्रोत्रीय का कहना है कि रोहित ने सुसाइड किया है। पंचायतनामा भरने में 22 घंटे की देरी होने की जांच कराई जाएगी।
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