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    25 दिन बाद भाकियू का आलू किसानों का धरना स्थगित:हाथरस में राकेश टिकैत ने 21 सितंबर को सभी जिलों में ज्ञापन देने का किया ऐलान

    13 hours ago

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    हाथरस के सादाबाद तहसील परिसर में आलू किसानों की मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) का पिछले 25 दिनों से चल रहा धरना गुरुवार को स्थगित कर दिया गया। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत के निर्देश पर धरना स्थगित करने का निर्णय लिया गया। धरना समाप्त करने से पहले तहसील परिसर में बड़ी किसान पंचायत आयोजित हुई, जिसमें राकेश टिकैत समेत बड़ी संख्या में किसान और किसान नेता शामिल हुए। किसान पंचायत में आंदोलन को आगे और व्यापक स्तर पर ले जाने का फैसला किया गया। इसके तहत 21 सितंबर को प्रदेश के सभी जिलों में अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे जाएंगे। वहीं, आलू बेल्ट में आगे कई किसान पंचायतें आयोजित कर आंदोलन को जिला स्तर तक विस्तार देने की बात कही गई। उत्पादन और मांग में संतुलन जरूरी: टिकैत किसान पंचायत को संबोधित करते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि आलू की कीमतों में गिरावट का स्थायी समाधान तभी संभव है, जब उत्पादन और मांग के बीच संतुलन बनाया जाए। उन्होंने कहा कि इस बार आलू के दाम बेहद कम हैं, जिसके कारण किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। ऐसे हालात में अगले साल किसान करीब 30 प्रतिशत कम क्षेत्र में आलू की बुवाई कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि उत्पादन घटने पर अगले साल आलू के दाम बढ़ सकते हैं और इसके बाद किसान फिर अधिक क्षेत्र में आलू की खेती शुरू कर देंगे। इसी तरह हर पांच-छह साल में कीमतों का उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। टिकैत ने सुझाव दिया कि सरकार को आबादी और बाजार की जरूरत के आधार पर आलू की मांग का अनुमान लगाना चाहिए और किसानों को उत्पादन को लेकर समय रहते सही जानकारी उपलब्ध करानी चाहिए, ताकि बाजार में कीमतों में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को रोका जा सके। कई जगह एक रुपये किलो तक बिक रहा आलू राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों से फोन पर मिल रही जानकारी के अनुसार कई स्थानों पर आलू एक रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। इससे किसान आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि ठेके पर जमीन लेकर आलू की खेती करने वाले किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ रहा है, क्योंकि उन्हें खेती की लागत के साथ जमीन का किराया भी देना पड़ता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आलू किसानों की समस्याओं को लेकर भाकियू की लड़ाई जारी रहेगी। आंदोलन को जिला स्तर पर मजबूत किया जाएगा और आलू उत्पादन वाले क्षेत्रों में कई किसान पंचायतें आयोजित की जाएंगी। उन्होंने स्थानीय सांसद और विधायक से संसद और विधानसभा में आलू किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने की अपील भी की। किसान पंचायत में दो नेताओं की जेब कटी किसान पंचायत के दौरान दो किसान नेताओं की जेब कटने की घटना भी सामने आई। पंचायत में प्रदेश अध्यक्ष राजपाल शर्मा, राजवीर लवानिया, आगरा मंडल अध्यक्ष अनिल प्रताप सिंह, एटा जिलाध्यक्ष भोला चौधरी, अलीगढ़ जिलाध्यक्ष संजय पाठक, मंडल अध्यक्ष रणवीर सिंह, विमल तोमर, विपिन यादव, मलखान सिंह, सतबीर सिंह चौधरी और मंडल उपाध्यक्ष चंद्रेश चौधरी समेत कई किसान नेता मौजूद रहे।
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