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    25 दिन में जून-जुलाई से ढाई गुना ज्यादा बारिश:वाराणसी में 12 घंटे में 128MM पानी, आज भी सुबह से बादल छाए

    1 hour ago

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    सावन के अंतिम दौर में काशी पर बादल जमकर बरसे। सोमवार रात से मंगलवार सुबह तक हुई मूसलाधार बारिश ने शहर की रफ्तार थाम दी। महज 12 घंटे में 128 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि बीते 24 घंटे में बारिश का आंकड़ा 157 मिलीमीटर पहुंच गया। बारिश इतनी तेज रही कि जून और जुलाई में हुई कुल बारिश से अगस्त के महज 25 दिनों में ढाई गुना अधिक पानी बरस गया। इससे मानसून सीजन में बारिश की कमी भी तेजी से पूरी हुई है। सोमवार रात आठ बजे से मंगलवार सुबह आठ बजे तक 128 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। इस अवधि में वाराणसी प्रदेश में सर्वाधिक बारिश वाले जिलों में दूसरे स्थान पर रहा। आजमगढ़ 180 मिलीमीटर बारिश के साथ पहले स्थान पर रहा। काशी में हुई इस बारिश ने पिछले कई वर्षों के आंकड़ों को भी पीछे छोड़ने की स्थिति बना दी। पिछले साल 23 अगस्त को एक दिन में 161.8 मिलीमीटर बारिश हुई थी। वर्ष 1952 से 2026 तक 74 वर्षों के दौरान 12 अगस्त 1987 को एक दिन में सर्वाधिक 165 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई थी। अगस्त में 396 एमएम बारिश, जून-जुलाई पीछे छूटे अगस्त में बारिश ने रफ्तार पकड़ते ही पूरे मानसून के आंकड़े को बदल दिया है। जून में वाराणसी में महज सात मिलीमीटर और जुलाई में 152.6 मिलीमीटर बारिश हुई थी। यानी दोनों महीनों में कुल 159.6 मिलीमीटर बारिश हुई। इसके मुकाबले अगस्त के पहले 25 दिनों में ही 396 मिलीमीटर पानी बरस चुका है। जून से अगस्त तक वाराणसी में औसतन 573.5 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए, जबकि अब तक 555.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज हो चुकी है। इस तरह मानसून की औसत बारिश से अब महज करीब तीन फीसदी की कमी रह गई है। खास बात यह है कि 31 जुलाई तक बारिश औसत से 51 फीसदी कम थी। अगस्त की बारिश ने इस कमी को तेजी से पाट दिया। गुरुवार से बारिश की रफ्तार में कमी के संकेत लगातार बारिश के बाद अब गुरुवार से इसकी तीव्रता में कमी आने के संकेत हैं। हालांकि मौसम से जुड़ी वेबसाइट एक्यूवेदर ने 28 से 31 अगस्त और फिर एक से चार सितंबर के बीच तेज बारिश का पूर्वानुमान जताया है। ऐसे में आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज फिर बदल सकता है। आज वाराणसी का अधिकतम तापमान 32.5 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक सावनी बादलों के अभी कुछ समय तक बने रहने की संभावना है। गंगा के जलस्तर में 80 सेंटीमीटर की गिरावट लगातार बारिश के बावजूद गंगा के जलस्तर में गिरावट जारी है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार मंगलवार सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 67.98 मीटर दर्ज किया गया। जलस्तर करीब एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की गति से घट रहा था। बीते 24 घंटे में गंगा के जलस्तर में करीब 80 सेंटीमीटर की कमी आई है। राहत शिविर से घर भेजने पर सवाल उधर, वरुणा की बाढ़ से प्रभावित लोगों को राहत शिविर से घर भेजने को लेकर सवाल उठे हैं। प्राथमिक विद्यालय सलारपुर के राहत शिविर में 35 प्रभावित लोग पहुंचे थे। घरों से पानी उतरने के बाद सोमवार को करीब दो दर्जन परिवार घर लौट गए। मंगलवार को बाकी परिवार भी शिविर से चले गए। डिपो कॉलोनी, सलारपुर की लीलावती देवी, अनिता और अर्जुन तथा चमेलिया बस्ती की मंजू और आशा ने आरोप लगाया कि वे अभी राहत शिविर में रहना चाहते थे, लेकिन उन पर घर लौटने का दबाव बनाया गया। उनका कहना था कि प्रभावित इलाकों में स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हुई थी। वहीं लेखपाल आलोक सोनकर ने बताया कि सभी प्रभावित परिवारों के घरों से पानी निकल चुका है। इसी वजह से राहत शिविर में रह रहे लोगों को उनके घर भेजा गया। बारिश और बाढ़ के बीच काशी में मौसम के साथ अब राहत और पुनर्वास की चुनौती भी बनी हुई है।
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