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    32 साल पहले कानपुर आईं थी आशा भोसले:गंगा मैया में जब तक यह पानी रहे गीत गाया था, कहा था आम और मिर्च का अचार मेरी कमजोरी

    6 hours ago

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    आशा भोसले का आज निधन हो गया है, उनका खास जुडाव कानपुर शहर से रहा है। वर्ष 1993 में वह कैंट स्थित गैरिसन ग्राउंड में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में शामिल हुई थीं। इस कार्यक्रम का आयोजन सैन्य अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों के संगठनों ने संयुक्त रूप से किया था। उस कार्यक्रम में उनके साथ मशहूर कॉमेडियन जानी लीवर भी मौजूद थे। रिहर्सल के दौरान जॉनी लीवर सीढ़ियों से गिरकर घायल हो गए थे, लेकिन कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ था और आशा भोसले नें अपने गीतों से सबको मंत्रमुग्ध किया था। संगीत जगत को अपूरणीय क्षति आशा भोसले की मधुर आवाज और बहुमुखी गायकी ने दशकों तक संगीत प्रेमियों के दिलों पर राज किया। उनके निधन से भारतीय संगीत जगत ने एक अनमोल आवाज खो दी है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है। उनके गाए हजारों गीत आज भी लोगों की जुबान पर हैं और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती है। कानपुर के आलोक अग्रवाल ने बताया कि उस कार्यक्रम में वो मौजू़द थे। तब वहां जब स्टेज पर आशा भोसले पहुंची थी, तो उन्होंने कहा था कि कानपुर के लोग बहुत भाग्यशाली है। क्योकि वो मां गंगा के तट पर रहते हैं। इसके बाद आशा जी ने गाने की शुरूआत की और पहला गाना गंगा मैया में जब तक का पानी रहे गीत गाकर प्रोग्राम की शुरूआत की थी। उन्होंने बताया कि उस दौरान एक प्रेसवार्ता भी हुई थी। जिसमें आशा जी ने अपनी कमजोरी को बताया था। उन्होंने हंसते हुए कहा था। कि मैं कहीं भी प्रोग्राम में जाती हूं तो पहले होटल में कह देती हूं, कि मेरे कमरे में भले ही बिस्तर अच्छा न हो कोई बात नहीं। लेकिन मेरे कमरे में आम और मिर्च का अचार नहीं होना चाहिए। क्योकि आम का अचार उन्हे बुहत पसंद है, लेकिन उसको खाने से गला खराब हो जाता है। संगीत के क्षेत्र से जुडे लोगो ने याद किया आशा भोसले के गीत गाने वालीं समृद्धि तिवारी ने कहा आज हम ऐसी आवाज को याद कर रहे हैं, जिसकी मधुरता ने लाखों दिलों को छुआ है। आज संगीत जगत ने एक अनमोल सितारा खो दिया है। उनकी आवाज हमेशा हमारे दिलों में जीवित रहेगी। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें। वहीं प्रदीप श्रीवास्तव ने कहा, आशा भोसले जी के रूप में आज हमने जो खोया है, उसकी भरपाई कोई नहीं कर सकता। उन्होंने ग़ज़ल, भजन और रोमांटिक गीत हर शैली में अपनी अलग पहचान बनाई। ऐसी आवाज को कोई कभी नहीं भूल सकता। भगवान उनकी आत्मा को शांति दें।
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