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    3.70 कुंतल गांजा के साथ 4 तस्कर गिरफ्तार:उड़ीसा से लखनऊ तक फैला था अंतर्राज्यीय नेटवर्क, ट्रक और स्कॉर्पियो से होती थी सप्लाई- निगरानी

    15 hours ago

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    उत्तर प्रदेश एसटीएफ को अंतर्राज्यीय स्तर पर अवैध मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोह के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। एसटीएफ ने 3.70 कुंतल गांजा (अंतरराष्ट्रीय अनुमानित मूल्य करीब 92.50 लाख रुपये) के साथ चार सक्रिय तस्करों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 13 फरवरी की रात गोमतीनगर विस्तार क्षेत्र में की गई। उड़ीसा से लखनऊ तक सक्रिय था नेटवर्क एसटीएफ को पिछले कुछ दिनों से सूचना मिल रही थी कि विभिन्न राज्यों से भारी मात्रा में गांजा लाकर लखनऊ और आसपास के जिलों में सप्लाई की जा रही है। पुलिस उपाधीक्षक दीपक कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में टीम द्वारा अभिसूचना संकलन किया जा रहा था। इसी दौरान सूचना मिली कि उड़ीसा के मलकानगिरी से गांजे की बड़ी खेप ट्रक के जरिए छत्तीसगढ़ और सुलतानपुर होते हुए लखनऊ लाई जा रही है। सूचना के आधार पर एसटीएफ की टीम ने शालीमार बंधा रोड पर घेराबंदी की। वहां ट्रक संख्या एनएल-01-एए-0511 और उसके आगे चल रही बिना नंबर की काले रंग की स्कॉर्पियो को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी में ट्रक से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ, जिसके बाद चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। ट्रेलर ट्रक में बनाई गई थी गुप्त कैविटी पूछताछ में ट्रक चालक कुलदीप यादव ने खुलासा किया कि वह जीतू श्रीवास्तव के कहने पर उड़ीसा से गांजा लाता था। तस्करी के लिए बिना बॉडी वाले ट्रेलर ट्रक का इस्तेमाल किया जाता था। ट्रक की चेसिस के ऊपर बने प्लेटफॉर्म में गुप्त कैविटी तैयार की गई थी, जिसमें 5 से 8 कुंतल तक गांजा छिपाया जा सकता था। बॉडी न होने के कारण ट्रक पर किसी को संदेह भी नहीं होता था। ड्राइवर ने बताया कि गांजा लोड होने के बाद वे मोबाइल नंबर बंद कर इंटरनेट कॉल के माध्यम से संपर्क रखते थे। अब तक 15 से 20 बार इस तरह की सप्लाई की जा चुकी थी। स्कॉर्पियो से होती थी पुलिस चेकिंग की निगरानी गिरफ्तार आरोपी जीतू श्रीवास्तव ने बताया कि वह मयंक जायसवाल उर्फ सूरज, पारितोष त्रिपाठी और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर नेटवर्क संचालित करता था। ट्रक के आगे बिना नंबर की स्कॉर्पियो चलती थी, जिसमें बैठे लोग पुलिस चेकिंग की जानकारी ट्रक चालक को देते रहते थे। लखनऊ पहुंचने के बाद पहले से तय स्थान पर गांजे को उतारकर मांग के अनुसार सीतापुर, बाराबंकी, गोण्डा, बहराइच समेत अन्य जिलों में सप्लाई किया जाता था। तस्करी से कमाए गए पैसों से एक डाला (यूपी 32 जीएन 3834) और एक माइका कार भी खरीदी गई थी, जिसका इस्तेमाल सप्लाई में किया जाता था। ये हैं गिरफ्तार आरोपी गिरफ्तार आरोपियों में मयंक जायसवाल उर्फ सूरज (बाराबंकी), जीतू श्रीवास्तव उर्फ दद्दा (लखनऊ), पारितोष त्रिपाठी (इंदिरानगर, लखनऊ) और कुलदीप यादव (नालंदा, बिहार) शामिल हैं।
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