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    400 लीटर एंटी लार्वा से मेरठ में बेअसर होगा डेंगू:जिला मलेरिया अधिकारी बोले- अति संवेदनशील इलाके पर फोकस

    20 hours ago

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    हर साल 16 मई को राष्ट्रीय डेंगू डे मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को डेंगू बुखार, उसके लक्षण और बचाव के प्रति जागरूक करना है। विशेषज्ञों के अनुसार डेंगू एडीज इजिप्टी मच्छर के काटने से फैलता है, और मानसून के दौरान इसके मामले तेजी से बढ़ते हैं। इसको लेकर मेरठ का मलेरिया विभाग अपनी तैयारियों के दावे कर रहा है। आगामी सीजन डेंगू और अन्य संक्रामक बीमारियों के लिए मुफीद है। ऐसी बीमारियों से शुरुआती स्थिति में ही बचा जा सकता है ,इसलिए संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए मलेरिया विभाग इस साल तैयारी के साथ मैदान में उतर रहा है। विश्व डेंगू दिवस पर विभाग की ओर से शहर और गांव में कार्यक्रम चलाया जाएगा अति संवेदनशील इलाकों में विशेष ध्यान रखने के दावे भी किया जा रहे हैं। 25000 रूपये से जिले की जागरूकता जिला मलेरिया अधिकारी सत्यप्रकाश ने बताया कि जागरूकता या प्रचार प्रसार के लिए सालाना 25000 रूपये मिलते हैं। जिसमें सिर्फ पंपलेट और पोस्टर आदि ही लगा पाते हैं। इन्हीं माध्यमों से और पुराने आंकड़ों के अनुसार अति संवेदनशील इलाके देखते हुए लोगों को जागरूक करने का काम किया जाता है। 400 लीटर एंटी लारवा 1 साल के लिए उन्होंने बताया कि शहर और देहात को मिलाकर सालाना लगभग 400 लीटर एंटी लारवा हमें मिलता है जिसे हम नगर पंचायत, नगर पालिका और नगर निगम द्वारा क्षेत्र में स्प्रे करवाते हैं । इसके साथ-साथ हमारे पास एंटी फागिंग के लिए भी दवा आती है इसको भी हम अन्य विभागों से समन्वय स्थापित कर छिड़काव कर पाते हैं। एंटी लार्वा हमारे पास दो तरह की आती है एक पॉलिटेड वाटर एक नान पॉलिटेड वाटर के लिए। जो पॉलिटेड वाटर है उसके लिए टेमीफास आती है जिसको 2.5 ML 10 लीटर पानी में मिला कर नालियों में सप्ताहिक छिड़काव किया जाता है। इसको लगातार नहीं कराया जाता है नहीं तो वह जो लार्वा है वह रजिस्टेंट हो जाएगा रजिस्टेंट हो जाएगा तो वह मरेगा नहीं। इसके साथ ही साफ पानी के लिए बीटीआई है जिसको 70 ml 10 लीटर पानी में डालकर और साफ पानी में उसका छिकाव किया जाता है जहां पर साफ पानी भरा होता है। पिछले 5 साल के डेंगू के आंकड़े 2021- 1648 मरीज 2022- 348 मरीज 2023- 1429 मरीज 2024- 183 मरीज 2025- 97 मरीज 2026- 0 (अभी तक) जिला मलेरिया अधिकारी सत्य प्रकाश के अनुसार ऐसी बीमारियों से जागरूकता से ही लड़ा जा सकता है। पानी में का मच्छर पानी में सबसे ज्यादा पनपता है इसको लेकर पानी भरने वाले क्षेत्रों पर सफाई फॉकिंग जागरूकता अभियान हेल्थ कैंप आदि लगाकर विभाग द्वारा रोकथाम की जा रही है। इसके साथ-साथ जो अति संवेदनशील इलाके हैं उनमें विशेष तौर पर ध्यान रखा जा रहा है। ये हैं लक्षण : तेज बुखार, त्वचा पर चकत्ते। - सिर में तेज दर्द, शरीर में दर्द। - कॉर्निया में दर्द होना, जोड़ों में दर्द। - नाक, मसूड़ों से रक्त आना। उल्टी-दस्त होना। ये बरतें सावधानी - कूलर की टंकी का पानी सप्ताह में साफ करें। - शौचालय समेत घर में पानी खुला न छोड़ें। - पूरे आस्तीन के कपड़े पहनकर सोएं। मच्छरदानी समेत अन्य साधन का उपयोग करें।
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