Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    4.70 करोड़ की फर्जी बिलिंग में CA समेत 4 गिरफ्तार:अलीगढ़ में 70 लाख का GST घोटाला, बंद फर्म फर्जी तरीके से चालू किया

    15 hours ago

    1

    0

    ​अलीगढ़ की साइबर क्राइम पुलिस ने करोड़ों रुपए की फर्जी बिलिंग से करोड़ों का चूना लगाने वाले बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने एक बंद पड़ी फर्मों को फर्जी तरीके से दोबारा एक्टिव कर करीब 70 लाख रुपए का इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) क्लेम कर लिया। फर्म स्वामी पर नोटिस आने के बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ है। ​70 लाख का नोटिस आया तो उड़े होश सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के अब्दुल्ला अपार्टमेंट निवासी नीमा हुसैन आबेदी के नाम से M/S Fab Folk जीएसटी फर्म थी। जीएसटी विभाग ने 2021 में ही फर्म को निरस्त कर दिया था। इसके बाद फर्म पर कोई कारोबार नहीं हुआ। इसके बाद उनके पास अक्टूबर 2025 में जीएसटी विभाग से करोड़ों की खरीदारी और 70 लाख की आईटीसी क्लेम के संबंध में नोटिस पहुंचा। 30 अक्टूबर 2025 को दर्ज कराया मुकदमा जीएसटी विभाग के नोटिस को देखकर नीमा हुसैन के होश उड़ गए। उन्होंने जीएसटी विभाग में जाकर मामले की जानकारी की। उन्हें पता चला कि फर्म चालू है और उस पर खरीदारी की गई है। इस मामले में पीड़िता ने 30 अक्टूबर 2025 को साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कराया। जांच में पता चला कि फर्म को नई ई–मेल आईडी और फर्जी दस्तावेज से एक्टिव किया गया है। ​​कासगंज से चल रहा था खेल इस मामले में एसएसपी नीरज कुमार जादौन ने एसपी क्राइम ममता कुरील के निर्देशन में SIT टीम गठित की। जांच में सामने आया कि गिरोह ने रामबाबू और उसकी पत्नी शांति देवी के नाम पर रवि ट्रेडर्स और मॉडर्न ट्रेडर्स नाम की दो और फर्में बना रखी थीं। इन्हीं फर्मों से नीमा हुसैन की फर्म पर खरीदारी दिखाई गई। कासगंज का सीए निकला मास्टरमाइंड इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड कासगंज का रहने वाला सीए सुनील कुमार निकला। सुनील ने फर्म को दोबारा एक्टिव करने के लिए दस्तावेज बदल दिए। उसने फर्म में अपनी ई–मेल आईडी का इस्तेमाल और मोबाइल नंबर का इस्तेमाल किया। इससे कारोबार से संबंधित ओटीपी सीए के पास ही आने लगे। ई–मेल और मोबाइल नंबर बदलने से सारा कंट्रोल सीए के पास ही रहा। ​4.70 करोड़ की फर्जी खरीदारी दिखाई ​इसकी जानकारी होते ही पुलिस ने सीए सहित चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि आरोपी लकी वार्ष्णेय और करन वार्ष्णेय भोले-भाले लोगों को पैसों का लालच देकर उनके आधार कार्ड और पैन कार्ड जुटाते थे। इन्हीं दस्तावेजों पर फर्जी फर्में रजिस्टर्ड की जाती थीं। इन फर्मों के जरिए आरोपियों ने करीब 4 करोड़ 70 लाख रुपए की फर्जी खरीद-बिक्री दिखाई और सरकारी खजाने से 70 लाख रुपए का आईटीसी (ITC) क्लेम हड़प लिया। ​लैपटॉप और मोबाइल बरामद, अब बाकी फर्मों की बारी ​पुलिस ने लकी वार्ष्णेय, करन वार्ष्णेय, सीए सुनील कुमार और रामबाबू को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 3 लैपटॉप, 5 मोबाइल फोन, आधार कार्ड और एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। एसपी क्राइम ममता कुरील ने बताया कि आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है। गिरोह से जुड़ी अन्य संदिग्ध फर्मों और बैंक खातों की भी गहनता से जांच की जा रही है। इस घोटाले का दायरा अभी और बढ़ सकता है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    निजी अस्पताल में प्रेगनेंट महिला की मौत:महराजगंज में परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाया, हंगामा किया
    Next Article
    डीएम ने तहसील सदर का औचक निरीक्षण किया:लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण और अभिलेख सुधार के सख्त निर्देश दिए

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment