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    5 पेज का नोट लिख कमीशन एजेंट ने दी जान:सुसाइड नोट में लिखा- मैं मरना नहीं चाहता था, युवराज ने मेरे साथ विश्वासघात किया

    11 hours ago

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    युवराज यादव ने मेरे साथ विश्वासघात किया, जिसके कारण मैं पूरी तरह से बर्बाद हो गया। उस कर्ज को भरने में मैं और कर्जमय हो गया। मेरे वजह से मेरा दोस्त भी फंस गया, मैं यह चाहता हूं कि मेरे जाने के बाद युवराज यादव को उनकी सजा मिलनी चाहिए… मैं मरना नहीं चाहता था, मगर क्या करूं जितना मैने अपने आपको संभालना चाहा, उतना फंस गया… मां मुझे माफ करना, मैं कहता था कि मैं सब कुछ सही कर दूंगा, लेकिन सही नहीं कर पाया… पांच पेज का यह सुसाइड नोट लिख कर काकादेव में वाहन खरीदने बेंचने का काम करने वाले कमीशन एजेंट ने सोमवार दोपहर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने देखा तो फंदे से उतारकर हैलट ले गए, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। काकादेव पुलिस मौके पर पहुंची तो तलाशी के दौरान मृतक की जेब से पांच पन्नों का सुसाइड नोट बरामद हुआ। जिसमें क्षेत्र में रहने वाले कमीशन एजेंट दो सगे भाइयों पर 15 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही उसके दोस्त को भी फंसाने का आरोप लगाया है। अब जानिए पूरा घटनाक्रम काकादेव थानाक्षेत्र के शास्त्री नगर मतैयापुरवा में रहने वाला 37 वर्षीय रवि यादव दोपहिया समेत कार, पिकअप आदि वाहनों को कमीशन पर खरीदने बेचने का काम करता था। उसके साथ उसे दो बड़े भाई अंबिका प्रसाद और पंकज भी ये काम करते हैं। रवि के परिवार में पत्नी दीपिका दो बच्चे और मां मानती देवी हैं। सोमवार दोपहर करीब तीन बजे रवि यादव ने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। भाइयों ने देखा तो तुरंत उसे फंदे से उतारकर हैलट अस्पताल ले गए, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। काकादेव पुलिस को सूचना दी तो गई तो मौके पर पहुंची। जहां तलाशी के दौरान रवि यादव की जेब में पांच पेज का एक सुसाइड नोट बरामद हुआ। जिसमें क्षेत्र में रहने वाले युवराज यादव और उसके भाई संतोष यादव ने रवि ने वाहन खरीदने बेंचने के नाम पर करीब 15 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाया है। पुलिस ने सुसाइड नोट कब्जे में लिया है जिसकी जांच पड़ताल के बाद कार्रवाई होगी। काकादेव थाना प्रभारी राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि युवक ने आत्महत्या की है उसके पास से सुसाइड नोट मिला है, परिजनों की तहरीर और सुसाइड नोट की जांच पड़ताल के आधार पर रिपोर्ट दर्जकर कार्रवाई की जाएगी। जानिए मरने से पहले सुसाइड नोट में क्या लिखा… मैंने युवराज यादव और उनके भाई संतोष यादव को जनवरी में 10 लाख रुपए नकद में दिए, जो कि युवराज यादव ने यह कहकर कि हम दोनों मिलकर गाड़ी उठाएंगे और जो बचेगा आधा–आधा ले लेंगे। मगर ऐसा नहीं हुआ, उन्होंने मुझको बेवकूफ बनाया… गाड़ी नही खरीदी, फिर मैने दोनो से बात की, तो उन्होंने मुझसे कहा–हम अपने नाम गाड़ी उठाएंगे, मैं तुमको पैसे दे दूंगा… फिर मैने मार्च में एक गाड़ी खरीदी, जिसका नंबर UP30 BP 4383 टाटा अल्टॉज 2023 मॉडल है। युवराज यादव ने मेरे साथ विश्वासघात किया, जिसके कारण मैं पूरी तरह से बर्बाद हो गया। उस कर्ज को भरने में मैं और कर्जमय हो गया। मेरे वजह से मेरा दोस्त भी फंस गया, मैं यह चाहता हूं कि मेरे जाने के बाद युवराज यादव को उनकी सजा मिलनी चाहिए और उनके भाई को भी जिनका नाम संतोष यादव है और मेरे दोस्त रवि कुमार को बैंक के कर्ज से मुक्त कराएं… जिसका पैसा युवराज यादव के पास है। जो कि मेरे पैसे से युवराज यादव ने गाड़ी फाइनेंसस कराई, जो कि मुझे कहा कि इसका पैसा तुम्हारे अकाउंट में आएगा, जो कि मेरे अकाउंट में नहीं आया। फाइनेंस मेरे दोस्त रवि कुमार के नाम पर हुआ था। जिसमें की युवराज यादव ने मुझे उसमें पूरे पैसे नहीं दिए, जिस कारण मैं पूरी तरह से फंस गया। मुझसे यह कहा कि जब गाड़ी ट्रांसफर हो जाएगी, तब पैसा पूरा मिलेगा। मेरे दोस्त के नाम लोन भी हो गया और पैसा भी नहीं मिला। जिस कारण मेरा दोस्त भी फंस गया। युवराज यादव ने मुझको बेवकूफ समझकर मेरे भाई अंबिका प्रसाद की गाड़ी पर लोन करा कर उसका भी पैसा नहीं मिला। जो कि दोनो गाड़ी मेरे दोस्त रवि कुमार के नाम फाइनेंस हो गई है। युवराज ने बैंक वाले से मिलकर दोनों गाड़ी का पैसा अपने अकाउंट में ले लिया, जो कि बैंक वाले युवराज से मिले हैं। बैंक वालों को गाड़ी का पैसा मेरे दोस्त रवि कुमार के अकाउंट में देना चाहिए, मगर ऐसा नहीं हुआ। मैने अपनी रजिस्ट्री गिरवी रख कर युवराज यादव को 10 लाख रुपए दिए थे। युवराज यादव मेरा पैसा घरवालों को वापस कर दें, जिसकी वजह से मेरे घर में भी रोज झगड़ा होता है और मेरे ऊपर लोगों का कर्ज हो गया है और लोग मुझको धमकाते हैं, जिस कारण मेरा जीना दुश्वार हो गया है। मैं मरना नहीं चाहता था, मगर क्या करूं जितना मैने अपने आपको संभालना चाहा, उतना फंस गया। एक साल हो गए हैं, सब संभालते हुए बहुत देर हो गई है। हो सके तो युवराज यादव को माफ नहीं करना। मां मुझे माफ करना, मैं कहता था, मैं सब कुछ सही कर दूंगा, लेकिन सही नहीं कर पाया। मुझे माफ करना मां, मैं अच्छा बेटा नहीं हूं, सॉरी मां। मेरी चारों गाड़ी का पैसा युवराज यादव और उसके भाई संतोष यादव के पास है।
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