Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    6 नए न्यूक्लियर प्लांट बिजली की कमी पूरी करेंगे:सबसे ज्यादा पूर्वांचल में बनेंगे; यूपी में अभी सिर्फ 1 न्यूक्लियर प्लांट

    5 hours ago

    1

    0

    देश में सबसे ज्यादा बिजली की डिमांड यूपी में है। इसको पूरा करने के लिए सरकार 6 न्यूक्लियर पावर प्लांट लगाने जा रही है। इनमें नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन (NTPC) के हिस्से में 3, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) 2 और अडानी ग्रुप 1 पावर प्लांट बना सकते हैं। ये कुल 8400 मेगावाट क्षमता वाले प्लांट होंगे। यूपी में अभी न्यूक्लियर पावर प्लांट के लिए कोई नीति नहीं है। नए पावर प्लांट लगाने के लिए सरकार नई नीति भी लाने जा रही है। इसके लिए ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है। जल्द ही इसे कैबिनेट में लाकर मंजूरी दी जाएगी। जो नए प्लांट यूपी में बनने जा रहे हैं, उनमें 3 पूर्वांचल को मिले हैं। पश्चिमी यूपी और बुंदेलखंड को 1-1 मिला है। 1 अन्य प्लांट की साइट अभी तय होना बाकी है। अभी यूपी के बुलंदशहर में एकमात्र नरौरा न्यूक्लियर पावर प्लांट है। NTPC ने 3 प्लांट के लिए प्रस्ताव सौंपे ऊर्जा विभाग के एक अधिकारी बताते हैं- NTPC ने प्रयागराज, ललितपुर और सोनभद्र में प्लांट लगाने के लिए दिलचस्पी दिखाई है। इसके लिए कंपनी ने विस्तृत प्रस्ताव सौंपे हैं। सभी परियोजनाओं में 700-700 मेगावाट के दो रिएक्टर प्रस्तावित हैं, जिनकी कुल क्षमता 1400 मेगावाट होगी। इसके अलावा NTPC की प्रस्तावित साइटों का शुरुआती फिजिबिलिटी असेसमेंट पूरा हो चुका है। वहीं, IOC की साइटों पर सर्वे और मूल्यांकन का काम जारी है। NTPC और IOC दोनों ही कंपनियां परमाणु ऊर्जा क्षेत्र की विशेषज्ञ सरकारी कंपनियों के साथ जॉइंट वेंचर (JV) मॉडल पर काम करेंगी। वहीं, अडानी ग्रुप इनमें से किन जिलों में प्लांट बनाना चाहता है, ये कंपनी की तरफ से सार्वजनिक नहीं किया गया है। प्रोजेक्ट को पूरा होने में 9 साल लग सकते हैं इस प्रोजेक्ट से जुड़े सोर्सेज बताते हैं- अभी ये परियोजना शुरुआती चरण में है। अभी कोई तय समयसीमा बताना मुश्किल है। न्यूक्लियर पावर प्लांट के लिए कई लेवल पर मंजूरी लेनी पड़ती है। सभी जरूरी क्लीयरेंस मिलने के बाद प्लांट बनने में आमतौर पर 7 से 9 साल का समय लग सकता है। प्लांट के लिए ये साइट्स पानी, जमीन और बेहतर ग्रिड कनेक्टिविटी को देखते हुए चुनी गई है। फिजिबिलिटी स्टडी में लोकल इंपैक्ट, भूकंप जोन और पर्यावरणीय बैलेंस का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है। UP में 32 हजार मेगावाट बिजली की डिमांड ऊर्जा विभाग के एक अन्य अधिकारी कहते हैं कि यूपी में बिजली की मांग करीब 32 हजार मेगावाट पहुंच चुकी है। आने वाले सालों में ये 40 से 45 हजार मेगावाट तक पहुंच सकती है। इसके लिए कोयला आधारित प्लांट्स, सोलर और हाइड्रो पावर के अलावा क्लीन बेसलोड पावर की सप्लाई जरूरी है। न्यूक्लियर ऊर्जा सबसे बेहतर विकल्प हो सकता है। न्यूक्लियर प्लांट्स 24 घंटे, सातों दिन बिजली पैदा करते हैं। इनका कार्बन उत्सर्जन न के बराबर होता है। बिजली का बंटवारा जरूरत के हिसाब से होगा यूपी में बनने वाले 6 न्यूक्लियर पावर प्लांटों में केंद्र और राज्य का हिस्सा कितना होगा, ये अभी तय नहीं हुआ है। बिजली का बंटवारा जरूरत और मांग के हिसाब से तय किया जाएगा। हालांकि, जिस राज्य में पावर प्लांट लगाया जाता है, उसे आमतौर पर दूसरे राज्यों के मुकाबले ज्यादा बिजली मिलती है। न्यूक्लियर प्लांट के लिए जमीन और पानी उपलब्ध कराना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। जबकि तकनीक, पर्यावरण और न्यूक्लियर सेफ्टी संबंधी मंजूरियां केंद्र सरकार और एटॉमिक एनर्जी रेगुलेटरी बोर्ड के अधीन रहेंगी। नरौरा न्यूक्लियर प्लांट 440 मेगावाट बिजली बना रहा बुलंदशहर में गंगा नदी के किनारे स्थित नरौरा एटॉमिक पावर प्लांट 440 मेगावाट क्षमता का है। भारतीय परमाणु ऊर्जा निगम लिमिटेड (NPCIL) इसका संचालन 1991 से कर रहा है। इस प्लांट ने पिछले सालों में 3000 से 3500 मिलियन यूनिट्स बिजली पैदा की है। ये प्लांट की कुल कैपेसिटी का 85% है। नरौरा पावर प्लांट यूपी का पहला परमाणु ऊर्जा केंद्र है, जो प्रेशराइज्ड हैवी वाटर रिएक्टर (PHWR) टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके बनाया गया। यहां बनने वाली बिजली यूपी के अलावा दिल्ली, हरियाणा और उत्तर क्षेत्रीय ग्रिड को सप्लाई होती है। हालांकि ,अभी तक छहों परियोजनाओं की अनुमानित लागत, आवश्यक भूमि, निर्माण शुरू होने की समयसीमा और बिजली उत्पादन की संभावित तारीख सार्वजनिक नहीं की गई है। ---------------------------- यह खबर भी पढ़िए- यूपी में 117 मौतें, राहत आयुक्त विदेश घूम रहे थे, योगी ने रिपोर्ट मांगी, तब पोल खुली यूपी के राहत आयुक्त डॉ. ऋषिकेश भास्कर यशोद के विदेश दौरे पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। 13 मई को प्रदेश में आंधी-तूफान से 117 लोगों की मौत के बीच राहत आयुक्त के विदेश चले जाने पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने सख्त नाराजगी जताई है। पढ़िए पूरी खबर…
    Click here to Read more
    Prev Article
    कथावाचक देवकीनंदन बोले-एक लीटर पेट्रोल से सस्ती हिंदुओं की जान:अब मुसलमान गायों के लिए आंदोलन कर रहे; यही कलयुग है
    Next Article
    मुजफ्फरनगर में तलवारें लहराईं, कारों से लटके युवक, VIDEO:शोभायात्रा में मॉडिफाइड बाइक से खतरनाक स्टंट, बाइक से पटाखों जैसी आवाज निकाली

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment