Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    69000 शिक्षक भर्ती अभ्यर्थी लड़ेंगे चुनाव:लखनऊ में बोले- मंत्रियों को हराना हमारा लक्ष्य, नियुक्ति न मिलने पर मैदान में उतरेंगे

    1 day ago

    1

    0

    लखनऊ में 69000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। लंबे समय से नियुक्ति की मांग कर रहे अभ्यर्थियों ने कहा कि 7 साल से न्याय और नौकरी के लिए भटक रहे हैं। मंत्रियों और विधायकों के चक्कर काटकर थक चुके हैं। अब जनता के बीच जाकर अपनी बात रखेंगे। अभ्यर्थी अमित मौर्य ने कहा कि मंत्रियों और विधायकों ने उनके साथ न्याय नहीं किया। इसलिए अब चुनाव के जरिए अपनी आवाज उठाएंगे। उन्होंने कहा कि आचार संहिता लागू होने से पहले नियुक्ति पत्र नहीं मिला तो अभ्यर्थी 10 से 12 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने बताया कि जिन सीटों से शिक्षा मंत्री और अन्य मंत्री-विधायक चुनाव लड़ते हैं, उन्हें खास तौर पर निशाना बनाया जाएगा। इनमें बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह, अनुप्रिया पटेल, ओमप्रकाश राजभर और केशव प्रसाद मौर्य से जुड़ी सीटें शामिल हैं। अमित मौर्य ने कहा कि अभ्यर्थियों का मकसद चुनाव जीतना नहीं, बल्कि उन मंत्रियों को हराना है, जिन्होंने उनकी मांगों पर न्याय नहीं किया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से नियुक्ति की मांग कर रहे अभ्यर्थी अब जनता के दरबार में जाएंगे और चुनाव के जरिए अपना विरोध दर्ज कराएंगे। ‘तारीख पर तारीख मिल रही है’ 69000 शिक्षक भर्ती की अभ्यर्थी अमित मौर्य ने कहा कि भर्ती में हुए कथित घोटाले की जानकारी सरकार से लेकर आम जनता तक है। अभ्यर्थी पिछले 7 साल से इस मामले को लेकर लड़ाई लड़ रहे हैं। उनका दावा है कि राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने भी भर्ती में अनियमितताओं को स्वीकार किया है। अमित मौर्य ने कहा कि अभ्यर्थियों ने सिंगल बेंच और डबल बेंच में केस जीता। इसके बाद अब मामला सुप्रीम कोर्ट में है। पिछले 2 साल से सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए तारीख पर तारीख मिल रही है। 5% छूट देने की मांग प्रदर्शन कर रहे हैं आशुतोष ने कहा कि ये बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है पिछले 6 सालों से लगातार संघर्ष कर रहे हैं। अगर हमारे साथ न्याय होता तो हम लोग खुले आसमान के नीचे न बैठे होते । बताया कि वर्ष 2018 में 68,500 सहायक शिक्षकों की भर्ती निकाली गई थी। इसमें दिव्यांग, भूतपूर्व सैनिक, अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को 5% की छूट का प्रावधान था। आरोप है कि इन चारों श्रेणियों के अभ्यर्थियों को इसका लाभ नहीं मिला और सामान्य अभ्यर्थियों के साथ ही परिणाम जारी कर दिया गया। जिस कारण बेरोजगार हैं और अब शिक्षा मंत्री की शादी में बाराती बनने की तैयारी कर रहे हैं।
    Click here to Read more
    Prev Article
    बिजनौर में हाईवे किनारे मिला 14 फीट लंबा अजगर:गुलदार के बाद अजगर की दहशत, वन विभाग ने किया रेस्क्यू
    Next Article
    युवक को 6 दिन थाने में रखा,हाईकोर्ट ने मांगा CCTV:देवरिया कोतवाल-दरोगा सस्पेंड, मां ने पुलिस के खिलाफ दी थी याचिका

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment