Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    8वीं पास हाजी इकबाल के टॉप-10 माफिया बनने की कहानी:नसबंदी कार्यक्रम के पैसे में हेरफेर की, पॉलिटिक्स में आने के बाद खनन माफिया बना

    1 hour ago

    1

    0

    सहारनपुर से बसपा के पूर्व MLC हाजी इकबाल एक बार फिर चर्चा में है। शुक्रवार को जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर उसकी 275 करोड़ 97 लाख की संपत्ति कुर्क की गई। उसकी ये संपत्ति 6 गांवों में है। हाजी इकबाल करीब 4 साल से फरार है। बताया जा रहा है कि इस समय वह दुबई में छिपा हुआ है। उस पर सहारनपुर में गैंगस्टर समेत 52 केस हैं। हाजी इकबाल यूपी के टॉप-10 माफिया में शामिल है। वह खनन माफिया के तौर पर चर्चित है। यही नहीं वह ग्लोकल यूनवर्सिटी का चांसलर भी है। मिर्जापुर गांव में छोटी सी परचून की दुकान चलाने वाला 8वीं पास हाजी इकबाल अरबों की संपत्ति का मालिक कैसे बना? आखिर कैसे इकबाल ने इतनी जल्दी इन बुलंदियों को छुआ? उसने खनन में कब कदम रखा? ग्लोकल यूनिवर्सिटी की नींव उसने कैसे रखी? पढ़िए रिपोर्ट… नसबंदी अभियान में लोगों के पैसे में हेरफेर की सहारनपुर जिले के मिर्जापुर गांव। हाजी इकबाल के पिता हाजी अब्दुल वाहिद किसान थे। हाजी ने कक्षा 8 के बाद जब पढ़ाई छोड़ी तो उसके पिता ने गांव में ही उसे एक परचून की दुकान खुलवा दी। इंदिरा गांधी के समय नसबंदी कार्यक्रम के दौरान उसने कई लोगों की नसबंदी कराई। खैर की लकड़ी की तस्करी का धंधा किया पात्रों को मिलने वाले पैसे में उसने हेरफेर की। इसके बाद उसने खैर की लकड़ी की तस्करी का धंधा करने लगा। धीरे-धीरे वह इस तस्करी का बादशाह हो गया। उसने लाखों रुपए कमा लिए। इस दौरान उस पर पुलिस ने तस्करी के केस भी दर्ज किए गए। इकबाल पर 2007 में बसपा सुप्रीमो की मेहरबानी हुई। हरियाणा और यूपी में NGT नियमों की धज्जियां उड़ाकर यमुना का सीना चीरकर अकूत संपत्ति बना ली। खनन के काले कारोबार से 10 हजार करोड़ की संपत्ति अर्जित कर ली। बसपा शासनकाल में यूपी की 21 चीनी मिलों को औने-पौने दामों में बेची और सात चीनी मिलों को इकबाल ने खरीद लिया। 2010 में बसपा के टिकट पर विधान परिषद (MLC) का चुना जीता। चुनावी शपथ पत्र में कोई भी केस हाजी इकबाल पर नहीं था। लेकिन अब करीब 14 मुकदमें दर्ज है। आईए जानते हैं, खनन से कैसे खड़ा किया साम्राज्य 2016 में हाजी इकबाल की प्रवर्तन निदेशालय ने 10 हजार करोड़ रुपये ब्लैक मनी की जांच शुरू की। कभी खनन में हाजी इकबाल के साथ रहने वाले रणवीर का किसी बात पर विवाद हो गया था। रणवीर ने इकबाल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। हाजी इकबाल ने खनन की काली कमाई को एक नंबर करने के लिए 111 फर्जी कंपनियां बनाई। इस खेल में पूर्व जिला अधिकारी और एसडीएम का भी हाथ सामने आया। विजिलेंस की खुली जांच में पाया गया है कि हाजी इकबाल को जांच अवधि में सभी ज्ञात एवं वैध स्रोतों से कुल 1 करोड़ 12 लाख 16278 रुपये की आय हुई। इस अवधि में परिसंपत्तियां अर्जित करने और भरण-पोषण पर 6 करोड़ 91 लाख 96 हजार 591 रुपये खर्च किया गया। इस तरह इकबाल ने 5 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किया। इसका वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। 2017 में सहारनपुर के मिर्जापुर थाना क्षेत्र स्थित मिर्जापुर पोल गांव के इकबाल के विरुद्ध जांच खुलने के आदेश हुए। आय से अधिक संपत्ति के मामलों में 2019 में सुर्खियों में आए। 2021 में प्रवर्तन निदेशालय ने 1097 करोड़ की संपत्ति अटैच की थी। आइये जानते हैं हाजी पर किन -किन मामलों में दर्ज हैं FIR अब तक हाजी के परिवार पर हुई कार्रवाई 9 अप्रैल को गैंगस्टर में हुआ था मुकदमा 9 अप्रैल 2022 को पुलिस ने पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल और उनके चार बेटों सहित राव लईक और नसीम के खिलाफ थाना मिर्जापुर में गैंगेस्टर एक्ट का मुकदमा दायर किया था। गैंगेस्टर एक्ट में नसीम, राव लईक और हाजी इकबाल के एक बेटे अलीशान को जेल भेज चुकी है। मुकदमे जिलाधिकारी के आदेश पर पुलिस और राजस्व प्रशासन ने नसीम की 21 करोड़ की प्रॉपर्टी 30 अप्रैल 2022 को और हाजी इकबाल की 107 करोड़ की प्रॉपर्टी 14 मई 2022 को कुर्क कर चुकी है। 1200 बीघा भूमि हुई थी कुर्क जिला प्रशासन और पुलिस खनन कारोबारी एवं पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल की 1350 बीघा में 800 बीघा भूमि कुर्क कर चुकी है। 14 मई को पुलिस एवं प्रशासनिक टीम ने हाजी इकबाल की करीब 400 बीघा भूमि पर सरकारी बोर्ड लगवाए जाने की कार्रवाई की थी। 15 मई को कार्रवाई जारी रखते हुए करीब 800 बीघा भूमि पर सरकारी बोर्ड लगवाए। जबकि हाजी मो.इकबाल के बेटे मो.वाजिद के नाम पर मिर्जापुर में खरीदी गई 70 बीघा भूमि, शेरपुर पेलो में एग्रो सॉल्यूशन फर्म के नाम पर खरीदी गई 50 बीघा, मायापुर रूपपुर में विक्की, अफजल एवं अरशद बिल्डर्स के नाम पर खरीदी गई 450 बीघा, मिर्जापुर पोल में एसएस एंटरप्राइजेज के नाम पर खरीदी गई। 125 बीघा तथा शफीपुर में तनवीन हाउसिंग प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर खरीदी गई। 60 बीघा भूमि पर मुनादी कराते हुए सरकारी बोर्ड लगवाए हैं। प्रशासन ने कुल 800 बीघा भूमि पर कब्जा लेकर सरकारी बोर्ड लगवाए। हाजी इकबाल की कुल 1200 बीघा भूमि जब्त कर ली है। पढ़िए…हाजी इकबाल की क्राइम हिस्ट्री केस नंबर-1: हाजी इकबाल पर दर्ज है दुष्कर्म का केस 23 जून 2022 को बसपा के पूर्व एमएलसी एवं खनन माफिया हाजी इकबाल पर नाबालिग से दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ। पुलिस ने पोक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज किया। थाना मिर्जापुर के एक गांव में रहने वाली 16 साल की एक किशोरी ने तहरीर दी थी। आरोप था, हाजी इकबाल ने उसे कुछ रुपए का लालच देकर एक गोपनीय स्थान पर बुलाया था। वह स्थान का नाम नहीं जानती। वहां उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। शिकायत करने की बात कही तो उसको और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई। तत्कालीन एसएसपी आकाश तोमर ने पीड़िता की तहरीर पर पोक्सो सहित कई अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। केस नंबर-2:1200 बीघा भूमि हो चुकी कुर्क जिला प्रशासन और पुलिस खनन कारोबारी एवं पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल की 1350 बीघा में 800 बीघा भूमि कुर्क कर चुकी है। 14 मई को पुलिस एवं प्रशासनिक टीम ने हाजी इकबाल की करीब 400 बीघा भूमि पर सरकारी बोर्ड लगवाए जाने की कार्रवाई की थी। 15 मई को कार्रवाई जारी रखते हुए करीब 800 बीघा भूमि पर सरकारी बोर्ड लगवाए। जबकि हाजी मो.इकबाल के बेटे मो.वाजिद के नाम पर मिर्जापुर में खरीदी गई 70 बीघा भूमि, शेरपुर पेलो में एग्रो सॉल्यूशन फर्म के नाम पर खरीदी गई 50 बीघा, मायापुर रूपपुर में विक्की, अफजल एवं अरशद बिल्डर्स के नाम पर खरीदी गई 450 बीघा, मिर्जापुर पोल में एसएस एंटरप्राइजेज के नाम पर खरीदी गई। 125 बीघा तथा शफीपुर में तनवीन हाउसिंग प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर खरीदी गई। 60 बीघा भूमि पर मुनादी कराते हुए सरकारी बोर्ड लगवाए हैं। प्रशासन ने कुल 800 बीघा भूमि पर कब्जा लेकर सरकारी बोर्ड लगवाए। हाजी इकबाल की कुल 1200 बीघा भूमि जब्त कर ली है। केस नंबर-3: गैंगस्टर में हुआ था मुकदमा 9 अप्रैल 2022 को पुलिस ने पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल और उनके चार बेटों सहित राव लईक और नसीम के खिलाफ थाना मिर्जापुर में गैंगेस्टर एक्ट का मुकदमा दायर किया था। गैंगेस्टर एक्ट में नसीम, राव लईक और हाजी इकबाल के एक बेटे अलीशान को जेल भेज चुकी है। मुकदमे जिलाधिकारी के आदेश पर पुलिस और राजस्व प्रशासन ने नसीम की 21 करोड़ की प्रॉपर्टी 30 अप्रैल 2022 को और हाजी इकबाल की 107 करोड़ की प्रॉपर्टी 14 मई 2022 को कुर्क कर चुकी है। केस नंबर-4:फर्जी डिग्रियां बांटने का आरोप हरियाणा के रोहतक के प्रेमपाल ने सहारनपुर एसएसपी को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि ग्लोकल यूनिवर्सिटी में बिना एडमिशन कराए अवैध रूप से बैक डेट में एडमिशन दिखाकर डिग्रियां बांटी गई हैं। जिस पर एसएसपी ने सीओ बेहट को उक्त मामले की जांच करने के आदेश दिए। एसएसपी डॉ.विपिन ताडा ने बताया कि जांच में वर्ष 2021-22 में फर्जी डिग्री दिए जाने की बात सही पाई गई। हाजी इकबाल सहित 6 अन्य लोगों के खिलाफ फर्जी डिग्री दिए जाने का धोखाधड़ी की धाराओं 420/467/468/406/471/120बी में मामला दर्ज किया गया है। सीओ बेहट मुनीश चंद्र और कोतवाली प्रभारी हृदय नारायण सिंह ने ग्लोकल यूनिवर्सिटी पहुंचकर जांच पड़ताल भी की। केस नंबर-5:तीन कोठियों पर चला बुलडोजर चार जुलाई 2022 को जिला प्रशासन ने हाजी इकबाल और उसके भाई महमूद अली की न्यू भगत सिंह कॉलोनी में स्थित तीन कोठियों पर बुलडोजर चलाया था। जिसमें महमूद अली की कोठी को जमींदोज कर दिया गया था। पुलिस ने दो माह पहले ही हाजी इकबाल की 1500 बीघा जमीन को भी जब्त कर चुकी है। वहीं उसके साथी सनी नागपाल की जमीनों पर बुलडोजर चलाया था। 12 जुलाई को जिला प्रशासन ने सनी नागपाल को भूमाफिया की कार्रवाई की। केस नंबर-6:बेटों और भाई को जेल भेज हाजी इकबाल के चार बेटों अलीशान, जावेद, अफजल और वाजिद को अरेस्ट कर जेल भेजा था। हाजी इकबाल के भाई एवं पूर्व एमएलसी महमूद अली को भी जेल भेजा। 13 मई 2022 को थाना बेहट पुलिस और सर्विलांस टीम ने बेटे अलीशान को अरेस्ट किया था। जबकि 26 मई 2022 को दूसरे हिस्ट्रीशीटर बेटे जावेद को गिरफ्तार किया था। मिर्जापुर सहित राज्य में एक दर्जन से ज्यादा धोखाधड़ी और जालसाजी के मुकदमे दर्ज, B/5 क्लाश का हिस्ट्रीशीटर और माफिया है जावेद। तीसरे बेटे अफजल को पुलिस ने 5 जून 2022 को पावर हाउस के पास यमुना नदी के समीप से गिरफ्तार किया था। 17 जुलाई को पूर्व MLC महमूद अली नवी मुंबई के नैरुल में एक किराये के फ्लैट से गिरफ्तार किया था। अफजल पर जमीन की धोखाधड़ी, जालसाजी, गैंगस्टर एक्ट एवं एससीएसटी एक्ट सहित कई मामलों में मुकदमे थे। हाजी इकबाल के बेटे वाजिद पर 25, अफजाल 15, अलीशान पर 21 और जावेद पर 26 मुकदमे दर्ज है। हाजी इकबाल के मुंशी नसीम पर 8 और राव लईक पर सात मुकदमे कायम है। केस नंबर-7:एक लाख का इनाम घोषित हाजी इकबाल के खिलाफ गैंगस्टर समेत 47 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें 36 पुलिस में कायम हैं। जबकि 11 मुकदमे फोरेस्ट विभाग में दर्ज हैं। जिनमें वह कुछ में फरार चल रहा है। वर्तमान में उस पर एक लाख रुपए का इनामी भी है। हाजी इकबाल उर्फ बाल्ला और उनके बेटे अब्दुल वाजिद, जावेद, मोहम्मद अफजाल, आलीशान के अलावा राव लईक, मुंशी नसीम पर पुलिस ने गैंगस्टर लगाई थी। जिसमें गैंग लीडर हाजी इकबाल को बनाया हुआ है। गैंग ने वन क्षेत्र से खैर की लकड़ी चोरी की, अवैध रूप से खनन का कारोबार किया। दबंगई के बल पर धोखाधड़ी और डरा-धमकाकर सरकारी और गैर सरकार जमीनों पर कब्जे किए। सभी लोगों की अलग-अलग स्थानों पर 63 संपत्तियों को चिन्हित किया गया है। केस नंबर-8:फर्जी तरीके से यूनिवर्सिटी के बैनामे कराए हाजी इकबाल उर्फ बाल्ला ने ट्रस्ट के जरिए 500 करोड़ रुपए यूनिवर्सिटी में लगाए और 4440 करोड़ रुपए की यूनिवर्सिटी खड़ी कर दी। ईडी के अनुसार, हाजी इकबाल के साथ करोड़ों का लेन-देन हुए, जबकि इन कंपनियों से उसका कोई भी कारोबारी संबंध नहीं था। अवैध कमाई को आयकर विवरण में भी छिपाया गया था। बाद में मोहम्मद इकबाल ने सारी धनराशि अब्दुल वहीद एजुकेशनल ट्रस्ट के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी। अधिकतर रकम को असुरक्षित कर्ज और दान के रूप में दिया जाना दर्शाया गया। बाद में ट्रस्ट ने इस धनराशि का उपयोग यूनिवर्सिटी की भूमि खरीदने और भवनों के निर्माण के लिए किया। ईडी की जांच में सामने आया है कि इस तरह करीब 500 करोड़ रुपये ट्रस्ट के जरिए ग्लोकल यूनिवर्सिटी में निवेश किए गए। ये लगे रेप के आरोप केस नंबर-1 दिल्ली की रहने वाली एक युवती 9 फरवरी को सहारनपुर के थाना मिर्जापुर पहुंची। युवती ने हाजी इकबाल के भाई पूर्व MLC महमूद अली सहित दो बेटों और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ सामूहिक बलात्कार का मुकदमा दर्ज कराया है। पीड़िता का आरोप था, उसे नौकरी की जरूरत थी। मार्च 2022 में नौकरी के बहाने यूनिवर्सिटी बुलाया गया। पीड़िता की मुलाकात सैफ नामक युवक से हुई। सैफ ने उसे ग्लोकल यूनिवर्सिटी में नौकरी मिलने की बात कही। आरोप है, सैफ पर यकीन कर युवती सहारनपुर आई थी। पीड़िता ने तहरीर में बताया, आरोपी सैफ ने उसकी मुलाकात हाजी इकबाल के भाई पूर्व एमएलसी महमूद अली और बेटे जावेद और वाजिद से कराई। आरोपियों ने नौकरी का झांसा दिया। रात को ग्लोकल यूनिवर्सिटी में रुकने को कहा। आरोप है, महमूद अली, जावेद, वाजिद और सैफ ने यूनिवर्सिटी में ही सामूहिक बलात्कार किया। पीड़िता का कहना है, वह आरोपियों के चंगुल से छूटकर भागी थी। डर की वजह से अब तक चुप रही। केस नंबर-2 14 अक्टूबर में भी दर्ज हुआ था मुकदमा थाना मिर्जापुर में 14 अक्टूबर 2022 को दिल्ली के भजनपुरा की रहने वाली एक महिला ने सामूहिक बलात्कार का मुकदमा दर्ज कराया था। महिला ने हाजी इकबाल के बेटे अलीशान, जावेद और अफजाल के साथ शहबान नाम के खिलाफ सामूहिक बलात्कार की तहरीर दी थी। महिला का आरोप था, फर्जी डिग्री देने के बहाने उसे ग्लोकल यूनिवर्सिटी में बुलाकर सामूहिक बलात्कार किया गया था। यह घटना भी मार्च 2022 की बताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक, घटना मार्च 2022 की है। रिपोर्ट में महिला का आरोप है, उसकी ननद ने इंटर पास किया था। आरोप है, हाजी इकबाल की ग्लोकल यूनिवर्सिटी में ग्रेजुएशन की फर्जी डिग्री मिल जाएगी, इसलिए यहां संपर्क किया। यूनिवर्सिटी में काम करने वाली मिर्जापुर के शाहबान ने उसे फर्जी डिग्री दिलाने का आश्वासन दिया। जिसके बाद मार्च में पीड़िता अपनी ननद के साथ दिल्ली से सहारनपुर आई। शाहबान ने उसे हाजी इकबाल के बेटों अलीशान, जावेद और अफजाल से मिलवाया। केस नंबर-3 हाजी इकबाल पर नाबालिग से दुष्कर्म का मुकदमा 23 जून 2022 को बसपा के पूर्व एमएलसी एवं खनन माफिया हाजी इकबाल पर नाबालिग से दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ। पुलिस ने पोक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज किया। थाना मिर्जापुर के एक गांव में रहने वाली 16 साल की एक किशोरी ने तहरीर दी थी। आरोप था, हाजी इकबाल ने उसे कुछ रुपए का लालच देकर एक गोपनीय स्थान पर बुलाया था। वह स्थान का नाम नहीं जानती। वहां उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। शिकायत करने की बात कही तो उसको और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई। तत्कालीन एसएसपी आकाश तोमर ने पीड़िता की तहरीर पर पोक्सो सहित कई अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। नई सूची में ये माफिया हुए शामिल मेरठ जोन के कुख्यात उधम सिंह, योगेश भदौड़ा, बदन सिंह उर्फ बद्दो, हाजी याकूब कुरैशी, शारिक, सुनील राठी, धर्मेंद्र, यशपाल तोमर, अमरपाल उर्फ कल्लू, अनुज बारखा, विक्रांत उर्फ विक्की त्यागी, हाजी इकबाल उर्फ बाला, विनोद शर्मा, सुशील उर्फ मूंछ, संजीव महेश्वरी उर्फ जीवा, विनय त्यागी उर्फ टिंकू को इस नई सूची में शामिल किया गया है। इन माफिया में कुछ फरार हैं तो कुछ को अदालत से राहत मिली हुई है। जो फरार हैं, वह एसटीएफ के निशाने पर आ गए हैं। जल्द ही इनकी गिरफ्तारी हो सकती है। माफिया की सूची में इकबाल और विनोद शर्मा को रखा गया है। दोनों के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं। हाजी इकबाल पर तो एडीजी मेरठ जोन की तरफ से एक लाख का इनाम है। उसकी तलाश की जा रही है। अन्य एजेंसियां भी उसकी तलाश कर रही हैं।
    Click here to Read more
    Prev Article
    मथुरा में बांके बिहारी मंदिर के लाइव दर्शन शुरू:10 घंटे होगा ठाकुर जी की आरती का प्रसारण,अंदर और बाहर LED स्क्रीन और कैमरे लगे
    Next Article
    वीडियो पोस्ट कर तीन युवकों ने जान खतरा बताया:प्रयागराज में सोशल मीडिया पर वायरल किया वीडियो, प्रधान से हुआ था झगड़ा

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment