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    आगरा कोर्ट में आज एक्ट्रेस कंगना केस में बहस:किसान आंदोलन पर टिप्पणी से जुड़ा है मामला, रिवीजन याचिका पर सुनवाई होगी

    1 day ago

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    भाजपा सांसद और फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत के खिलाफ दायर राजद्रोह एवं किसानों के अपमान से जुड़े मामले में मंगलवार को अदालत में करीब एक घंटे तक दोनों पक्षों के बीच लंबी और तीखी बहस हुई। कंगना रनौत की ओर से सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता अनसूया चौधरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पक्ष रखा। बहस पूरी होने के बाद अदालत ने आदेश के लिए 4 अगस्त 2026 की तारीख तय कर दी। हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट से भाजपा सांसद एवं अभिनेत्री कंगना रनौत के खिलाफ दायर मामले की सुनवाई मंगलवार को हुई। कंगना की ओर से सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता अनसूया चौधरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बहस की। वहीं, वादी रमाशंकर शर्मा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुखबीर सिंह चौहान, राजवीर सिंह, बी.एस. फौजदार समेत अन्य अधिवक्ताओं ने अदालत में पक्ष रखा। वादी पक्ष ने दलील दी कि अदालत पुलिस की अधूरी जांच रिपोर्ट के आधार पर सुनवाई पूरी नहीं कर सकती। उनका कहना था कि पुलिस ने कंगना रनौत का बयान दर्ज किए बिना केवल उनके अधिवक्ता का पक्ष लेकर जांच आख्या अदालत में पेश की, जो अधूरी है। वादी पक्ष ने अदालत से मांग की कि दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 225(1) के तहत कंगना रनौत को स्वयं तलब कर उनका बयान दर्ज कराया जाए। वादी रमाशंकर शर्मा ने यह भी कहा कि 6 मई 2025 को निचली अदालत ने मामला खारिज कर दिया था, लेकिन रिवीजन कोर्ट ने 11 सितंबर 2025 के आदेश में माना था कि अधूरी पुलिस जांच को नजरअंदाज करते हुए मामला खारिज किया गया। इसके बाद रिवीजन स्वीकार करते हुए निचली अदालत को दोबारा सुनवाई कर विधि सम्मत आदेश देने के निर्देश दिए गए थे। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मामले में आदेश के लिए 4 अगस्त 2026 की तारीख तय कर दी। पिछली तारीख पर क्या हुआ था? पिछली सुनवाई के दौरान कंगना रनौत की ओर से उनके अधिवक्ता ने अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल किया। इसमें कहा गया कि रिवीजन कोर्ट ने उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर निर्णय करने का निर्देश दिया था, लेकिन बाद में शिकायतकर्ता को अतिरिक्त दस्तावेज दाखिल करने और उन पर बहस का अवसर दिया गया। बचाव पक्ष ने नए दस्तावेजों पर जवाब देने के लिए समय देने और तत्काल आदेश पारित नहीं करने का अनुरोध किया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले को आज की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया। क्या है पूरा मामला यह मामला कंगना रनौत के 26 अगस्त 2024 को दिए गए उस बयान से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने 2020-21 के किसान आंदोलन पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि आंदोलन के दौरान "वहां लाशें लटक रही थीं, दुष्कर्म हो रहे थे और अगर देश का मजबूत नेतृत्व नहीं होता तो भारत में भी बांग्लादेश जैसे हालात बन सकते थे।" उन्होंने यह भी कहा था कि तीनों कृषि कानून वापस लाए जाने चाहिए। इन बयानों पर किसानों के संगठनों और विपक्षी दलों ने कड़ी आपत्ति जताई थी, जबकि भाजपा ने भी इसे उनका व्यक्तिगत बयान बताया था। बाद में कंगना ने अपने बयान पर खेद जताते हुए उसे वापस ले लिया था। आगरा के वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने इन बयानों को किसानों का अपमान और देशद्रोह की श्रेणी का बताते हुए अदालत में परिवाद दायर किया। इसी मामले में सुनवाई चल रही है और अब दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद अदालत ने 4 अगस्त 2026 को आदेश सुनाने की तारीख तय की है।
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