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    अंबेडकरनगर डाकघर को बम से उड़ाने की धमकी:मेल में जहरीली गैस से भरे 14 आईईडी बम लगाने का दावा किया, पुलिस ने तलाशी ली

    2 hours ago

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    अंबेडकरनगर में डाकघर को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही स्थानीय खुफिया इकाई (LIU) और अकबरपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और तलाशी अभियान चलाया। हालांकि, जांच के दौरान कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। यह धमकी डाकघर में स्थित पासपोर्ट कार्यालय को एक ईमेल के माध्यम से मिली थी। इसमें मैथ्यू वैनडाइक और डीएमके नेता जाफर सादिक को रिहा करने की मांग की गई थी। संदेश में दावा किया गया था कि पासपोर्ट कार्यालयों और डाकघरों में साइनाइड जहरीली गैस से भरे 14 आईईडी बम लगाए गए हैं। इन बमों के सोमवार दोपहर 1:15 बजे फटने की बात कही गई थी। ईमेल में केवल मोसेलमैन को ही वहां से निकालने का जिक्र था। तमिल लिबरेशन ऑर्गनाइजेशन नाम से ई-मेल भेजा गया यह संदेश 'तमिल लिबरेशन ऑर्गनाइजेशन' नामक संगठन द्वारा भेजा गया था। इसमें बांग्लादेश के अबू सईद मामले, तमिलनाडु के साथनकुलम में बेनिक्स और जयराज मामले, तथा हालिया अजितकुमार हिरासत मामले का उल्लेख किया गया था। संगठन ने आरोप लगाया कि इन मामलों में जिन पुलिसकर्मियों को सजा दी गई, वे निर्दोष थे। संगठन का दावा है कि असली दोषी वे राजनीतिक आका और पुलिस प्रमुख हैं, जो तमिलनाडु के मंत्रियों के इशारे पर निचले स्तर के पुलिसकर्मियों पर हिरासत में यातनाएं देने या गैर-कानूनी आदेशों का पालन करने का दबाव डालते हैं। संदेश में चेन्नई में पुलिस सुधार लाने और 1979 की नैनार दास पुलिस कांस्टेबल यूनियन की सिफारिशों को पूरे भारत, विशेषकर तमिलनाडु पुलिस बल में लागू करने की मांग की गई। संदेश में यह भी कहा गया कि यदि पुलिस कांस्टेबलों के लिए कोई यूनियन काम करे, तो उनके पास ऐसे गैर-कानूनी आदेशों को मानने से इनकार करने का अधिकार होगा। संगठन ने साधनकुलम मामले में कांस्टेबलों से लेकर इंस्पेक्टरों तक के पुलिसकर्मियों को दी गई दोहरी मौत की सजा की कड़ी निंदा की। संगठन ने विभाग के सबसे वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों और राजनीतिक नेताओं के खिलाफ युद्ध की घोषणा की। संदेश में स्पष्ट किया गया कि यह धमाका तमिलनाडु के राजनीतिक अपराधियों को सबक सिखाने के लिए है।
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