Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    अचानक भारत के वायुसेना प्रमुख पहुंचे Vietnam , Brahmos के दम से हिला चीन

    16 hours ago

    1

    0

    जब भारत के वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह वियतनाम की धरती पर कदम रखते हैं तो वह सिर्फ एक मेहमान नहीं होते हैं। बल्कि वो उस ब्रह्मोस की ताकत और सुखोई के भरोसे को साथ लेकर चलते हैं जिसने पूरे दक्षिण चीन सागर की लहरों में एक नई हलचल पैदा कर दी है? दरअसल डिप्लोमेसी में तकनीक का बहुत बड़ा महत्व होता है। एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने हनोई में महान क्रांतिकारी नेता होची मिन को श्रद्धांजलि देकर यह साफ कर दिया कि भारत वियतनाम के संघर्ष और उसके गौरवशाली इतिहास का सम्मान बखूबी करता है। लेकिन असली गेम शुरू हुआ जब वो रेजीमेंट 927 पहुंचे। रेजीमेंट 927 वियतनाम की वायुसेना की रीड है। यहां एयर चीफ ने सीधे वियतनामी फाइटर पायलट से बातचीत की। वियतनाम भी सुई 30 एम के भी उड़ाता है और भारत के पास इसका सबसे बड़ा बेड़ा है। इसे भी पढ़ें: Pakistan में कुछ बड़ा होने वाला है? विदेशी मीडिया पर बैन, बाहर जाने के लिए पत्रकारों को लेना होगा NOCभारत अब वियतनाम को इन विमानों की ट्रेनिंग और स्पेयर पार्ट्स की सप्लाई में नंबर वन पार्टनर बनने जा रहा है। दोस्तों, इसका मतलब क्या है? इसका मतलब यह है कि वियतनाम के आसमान की सुरक्षा में अब भारत का दिमाग और तकनीक दोनों शामिल हैं। अब बात करते हैं उस सौदे की जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया। $629 मिलियन की ब्रह्मोस मिसाइल डील। यह सिर्फ एक व्यापार नहीं है। यह वियतनाम को दांत देने जैसा है। ब्रह्मोस दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूड मिसाइल है। अगर इसे वियतनाम के तटों पर तैनात कर दिया जाता है तो दक्षिण चीन सागर में किसी भी अवैध घुसपैठ को रोकना वियतनाम के लिए बाएं हाथ का खेल होगा। इसे भी पढ़ें: Shaurya Path: इधर से China, उधर से Pakistan, Border की रक्षा कैसे करेगा Hindustan? सामने आया पूरा प्लानइसे भी पढ़ें: Shaurya Path: इधर से China, उधर से Pakistan, Border की रक्षा कैसे करेगा Hindustan? सामने आया पूरा प्लानभारत ने वियतनाम को क्रेडिट ऑफ लाइन यानी लोन भी दी है ताकि वह अपनी रक्षा जरूरतों को आसानी से पूरा कर सके और यही तो दोस्ती है और यही दोस्ती में दिखता है कि भारत अब सिर्फ अपनी सुरक्षा नहीं कर रहा है बल्कि अपने दोस्तों को भी अभेद्य बना रहा है और चीन को यह बता रहा है कि हरकत करना बंद कर दीजिए वरना अंजाम बुरा होगा। अब चीन वियतनाम के समुद्री क्षेत्र पर अक्सर दावे करता है और हमने आपको अक्सर वीडियो में दिखाया भी है सबूतों के साथ। यहां भारत की एंट्री चीन के स्ट्रिंग ऑफ पल्स का सबसे बड़ा जवाब है। अगर चीन हिंद महासागर में पैर पसारने की कोशिश करता है तो भारत वियतनाम के जरिए चीन के पिछले दरवाजे यानी कि दक्षिण चीन सागर जिसे हम साउथ चाइना सी कहते हैं उसमें अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहा है। एयर चीफ मार्शल और जनरल गुएन तान कुओं के बीच हुई बातचीत में क्षेत्रीय सुरक्षा शब्द का बार-बार इस्तेमाल हुआ। यह कूटनीतिक भाषा में बीजिंग को एक सीधा और स्पष्ट मैसेज था, संदेश था कि हम अब अकेले नहीं हैं। यानी वियतनाम भारत के साथ खड़ा है। भारत और वियतनाम का रिश्ता नया नहीं है। 1954 में जब वियतनाम फ्रांसीसी शासन से लड़ रहा था तब भारत ने उसका समर्थन कर दिया था। 
    Click here to Read more
    Prev Article
    Rukhsar Ahmed: UK में जमानत पर रिहा पूर्व पाकिस्तानी मंत्री ने फिर जीता PoK चुनाव
    Next Article
    आंखें बंद कर क्यों बैठे ट्रंप? भारत के खिलाफ अमेरिका में चल रही क्या प्लानिंग

    Related विदेश Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment