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    अयोध्या साइबर पुलिस ने 1.77 लाख रुपये वापस कराए:22 पीड़ितों को मिली राहत, फर्जी आर्मी अधिकारी बनकर की ठगी

    2 hours ago

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    अयोध्या की साइबर क्राइम थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लगातार दो दिनों में साइबर ठगी के शिकार लोगों को बड़ी राहत दिलाई है। 5 और 6 अगस्त 2026 को एनसीआरपी (NCRP) पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण के बाद पुलिस ने कुल 1,77,072 रुपये पीड़ितों के खातों में वापस कराए। इसकी जानकारी पुलिस अधीक्षक ग्रामीण बलवंत चौधरी ने 6 अगस्त गुरुवार की शाम करीब 4:00 बजे दी। पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण)/नोडल अधिकारी साइबर क्राइम एवं क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम के नेतृत्व में की गई। 6 अगस्त को साइबर क्राइम थाना ने आठ शिकायतों का निस्तारण करते हुए 72,005 रुपये वापस कराए। इनमें यूपीआई फ्रॉड, स्टॉक मार्केट में निवेश के नाम पर ठगी, इनाम का लालच देकर धोखाधड़ी, मोबाइल पर फर्जी भुगतान संदेश भेजकर ठगी तथा गलती से दूसरे खाते में धनराशि ट्रांसफर होने जैसे मामले शामिल रहे। इससे पहले 5 अगस्त को 14 मामलों में कार्रवाई करते हुए 1,05,067 रुपये वापस कराए गए थे। इन मामलों में व्हाट्सएप पर एपीके फाइल भेजकर मोबाइल हैक करना, फर्जी आर्मी अधिकारी बनकर किराये पर कमरा लेने के नाम पर ठगी, ऑनलाइन शॉपिंग, निवेश के नाम पर धोखाधड़ी, मोबाइल चोरी के बाद बैंक खाते से रकम निकालना तथा गलती से दूसरे खाते में पैसे भेजे जाने जैसे प्रकरण शामिल थे। दो दिनों में कुल 22 शिकायतों का सफल निस्तारण करते हुए पीड़ितों को 1,77,072 रुपये भारत सरकार की एमआरएम (Money Refund Mechanism) प्रक्रिया के माध्यम से वापस कराए गए। इस अभियान में प्रभारी निरीक्षक मोहम्मद अरशद, हेड कांस्टेबल राजकुमार गौड़, हेड कांस्टेबल प्रेम प्रकाश, महिला कांस्टेबल मनीषा मौर्या तथा महिला कांस्टेबल रोली सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। एचडी ग्रामीण बलवंत चौधरी ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक, क्यूआर कोड, एपीके फाइल या भुगतान संबंधी संदेश पर भरोसा न करें। बैंक खाते, ओटीपी और यूपीआई पिन जैसी गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें। साइबर ठगी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कर समय रहते अपनी धनराशि सुरक्षित कराएं।
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