Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    अफसर की मां बोली-ठाकुरों ने मिलकर बेटे को मार दिया:बदायूं में पिता बोले- CGM भी मिला हुआ; DGM को दौड़ाकर 2 गोली मारी

    3 hours ago

    1

    0

    कल भी बेटे से बात हुई थी। उसने बताया था कि उसकी जान को खतरा है। इस बारे में उसने एसपी को भी बताया, डीएम के पास भी गया। विधायक के पास भी शिकायत की थी। लेकिन जब भी वे विधायक के पास जाते थे, तो वह कभी इनकी तरफ बोलते थे तो कभी अजय सिंह की तरफ होते थे। सब ठाकुर हैं, सब उनके भाई जैसे हैं। सभी ने मिलकर बेटे को मारा है। ये कहना है रीना मिश्रा का, जिनके बेटे असिस्टेंट मैनेजर हर्षित मिश्रा की HPCL प्लांट में गोली मारकर हत्या कर दी गई। पोस्टमॉर्टम हाउस के बाहर पिता ने कहा- इस मामले में HPCL के CGM राजीव सिंह की भूमिका है। अजय प्रताप सिर्फ एक छोटा मोहरा है। गुरुवार दोपहर 1 बजे अजय प्रताप सिंह ने DGM सुधीर गुप्ता (55) और असिस्टेंट मैनेजर हर्षित मिश्रा (35) की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने शुक्रवार सुबह हाफ एनकाउंटर में आरोपी के दोनों पैर में गोली मारकर उसे पकड़ा। पूछताछ में खुलासा हुआ कि अजय ने पहली गोली हर्षित मिश्रा को मारी थी। डीजीएम सुधीर गुप्ता भागने लगे तो उन्हें ग्राउंड में दौड़ाकर दो गोलियां मारीं। शुक्रवार दोपहर परिजन पोस्टमॉर्टम के बाद हर्षित मिश्रा का शव लेकर अपने घर पीलीभीत के पूरनपुर चले गए हैं। डीजीएम सुधीर गुप्ता की भी फैमली रात को ही पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंच गई थी। वे भी शव लेकर नोएडा रवाना हो गए। हर्षित की मां बोलीं- आखिर मेरे ही बच्चे को क्यों मार दिया गया हर्षित की मां रानी मिश्रा ने बताया सभी लोग होटल रेडिसन में रुके हुए थे और परसों से ही झगड़ा चल रहा था। कल भी हमारे बेटे से बात हुई थी। उसने बताया था कि उसकी जान को खतरा है। इस बारे में उसने एसपी को भी बताया, डीएम के पास भी गया और विधायक के पास भी शिकायत की थी। लेकिन जब भी वे विधायक के पास जाते थे, तो वह कभी इनकी तरफ बोलते थे तो कभी रामू की तरफ। केशव (रामू का साथी) भी आकर धमकाता था और कहता था कि उसका आतंकवादी लोगों से संबंध है। जो अधिकारी परसों से यहां आए हुए थे, आज जब यह हत्या हो गई तो वे वहां से निकल गए। कल भी भैया से उनकी बातचीत हुई थी और इस बात को लेकर विवाद भी हुआ था। राजीव सर, अनूप सर और किरण कोठारी तीनों यहां आए थे, लेकिन घटना के बाद चले गए और किसी को खरोंच तक नहीं आई। आखिर मेरे बच्चे को ही क्यों मार दिया गया? प्लांट में सुरक्षा व्यवस्था भी थी। सवाल यह है कि जब इतनी सुरक्षा थी तो बंदूक अंदर कैसे पहुंच गई? वहां सीसीटीवी फुटेज भी मौजूद होगी, उसे सामने लाया जाना चाहिए। एचपीसीएल के अधिकारी यह क्यों नहीं बता रहे कि आखिर वहां हुआ क्या था? अब हम क्या चाहते हैं? अगर उसे फांसी भी हो जाए तो क्या हमारा बच्चा वापस आ जाएगा? हम तो बस यही कहते हैं कि जैसे हमारे बेटे को बेरहमी से मारा गया, वैसे ही आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और हमें न्याय मिले। राजीव सिंह HPCL के अधिकारी हैं और जातिवादी हैं हर्षित के पिता सुनील ने बताया कि मैं अपने घर पूनपुर में था। तभी जीशान नाम के एक लड़के ने फोन करके बताया कि प्लांट में कोई एक्सीडेंट हो गया है। आप लोग तुरंत दातागंज पहुंचें। इसके बाद हम गाड़ी से वहां पहुंचे। रास्ते में ही पता चला कि एक्सीडेंट नहीं, बल्कि मेरे बेटे हर्षित और DGM सुधीर गुप्ता को गोली मार दी गई है। सुनील ने बताया कि मैं राजीव सिंह HPCL के बहुत बड़े अधिकारी हैं। उनका व्यवहार जातिवादी था। एचपीसीएल सीबीजी प्लांट सजनी के मुख्य महाप्रबंधक सुधीर गुप्ता भी उनसे इतना प्रताड़ित हो गए थे कि उन्होंने अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया था और यहां से रिलीज होने वाले थे। सुनील ने बताया कि मैं राजीव परसों यहां आए थे और यह हत्या हो गई। जिस समय यह घटना हुई, उस समय कई अधिकारी वहीं मौजूद थे। सवाल यह है कि अगर किसी ने हमला किया तो सिर्फ दो लोगों को ही गोली क्यों लगी? अगर हमला होता तो सभी अधिकारियों पर होता। इसमें HPCL के CGM राजीव सिंह की भूमिका सुनील ने बताया कि हमें शक है कि इस मामले में HPCL के CGM राजीव सिंह की भूमिका है और अजय प्रताप सिर्फ एक छोटा मोहरा है। हमारी मांग है कि संबंधित लोगों के मोबाइल फोन जब्त किए जाएं, ताकि पुलिस जांच में सच्चाई सामने आ सके। रामू, केशव और शेखर आपस में भाई हैं। दूसरा सवाल यह है कि जब प्लांट के गेट पर इतनी सुरक्षा रहती है तो अजय प्रताप अंदर कैसे पहुंच गया? हमारे बेटे और सुधीर गुप्ता ने पहले ही डीएम और एसएसपी से सुरक्षा की मांग की थी, लेकिन जिस आरोपी को सात दिन हिरासत में रखने के बाद छोड़ दिया गया, उसने दस दिन के अंदर ही इस घटना को अंजाम दे दिया। हमारी मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच हो। हमने राजीव जी को करीब 20 बार फोन किया, लेकिन अब उनका कोई पता नहीं चल रहा है। यह भी बताया जा रहा है कि मौके पर मौजूद जीशान नाम का एक पॉलिटेक्निक छात्र इस पूरे मामले में अहम कड़ी हो सकता है। पुलिस को सभी पहलुओं की जांच कर सच्चाई सामने लानी चाहिए। हमले के समय ऑफिस में 5 अफसर थे पुलिस के मुताबिक, आरोपी अजय प्रताप सिंह दो तमंचे लेकर ऑफिस में घुसा था। उस वक्त आफिस में पांच लोग बैठे थे। उसने पहली गोली हर्षित मिश्रा को मारी और वो मौके पर ही ढेर हो गए। वहीं, डीजीएम सुधीर गुप्ता वहां से निकलकर मैदान की ओर भागे तो उन्हें दौड़ाकर दो गोलियां मार दीं। इस बीच कोई गार्ड अपना मोबाइल भी खोलना चाह रहा था, लेकिन हमलावर ने चिल्लाकर कहा कि न मोबाइल रहेगा न तू। इस पर सभी सहम गए। 12 गार्ड्स थे, लेकिन किसी ने चेक नहीं किया प्लांट की सुरक्षा की जिम्मेदारी में 12 गार्ड्स तैनात हैं। इनका काम हर भीतर जाने वाले व्यक्ति का रजिस्ट्रर मेंटेन करना और उसकी तलाशी लेना है। हालांकि जब पुलिस ने उस वक्त ड्यूटी पर मौजूद गार्ड्स का बयान दर्ज किया तो सभी ने कहा कि वो स्टाफ की गाड़ी में छिपकर आया था और हम उसे नहीं देख सके। हालांकि तलाशी क्यों नहीं ली गई, इस सवाल का जवाब किसी गार्ड के पास नहीं है। जिस तमंचे से किया कत्ल, वो फेंका दरअसल, आरोपी जब थाने में सरेंडर करने पहुंचा तो उसने दोहरे हत्याकांड का गुनाह कबूलते हुए पुलिस को एक तमंचा भी सौंपा। उसने पुलिस से कहा कि इसी से वारदात की है। उस समय पुलिस ने उसे कस्टडी में ले लिया। जब उस तमंचे की जांच हुई तो उसमें से गन पाउडर की गंध नहीं मिली। उससे फायर नहीं हुआ था। ऐसे में दोबारा पूछताछ में उसने कबूला कि तमंचा जंगल में फेंका है। पुलिस उसे लेने गई तो वहां लोडेड तमंचा मिला था। SSP बोले- सुरक्षा की नहीं की थी मांग एसएसपी डा. ब्रजेश सिंह का कहना है कि किसी ने उनसे सुरक्षा नहीं मांगी थी। इसको लेकर कोई एप्लिकेशन नहीं दी गई थी। उल्टा दो दिन पहले सुधीर गुप्ता उनसे मिलने आए थे और आभार जताया था कि अब रामू प्लांट में नहीं आता है। काफी खुश दिख रहे थे। नए ठेकेदार ने हटाया था, तब अफसरों को क्यों मारा इधर, पुलिस इस तथ्य पर भी जांच कर रही है कि आखिरकार अजय प्रताप सिंह की इन दोनों अधिकारियों से रंजिश की मुख्य वजह क्या थी। वह आउटसोर्स कर्मचारी था। नए ठेकेदार ने उसे हटाया था। ऐसे में उसकी रंजिश ठेकेदार से होना चाहिए, लेकिन वो अधिकारियों से रंजिश क्यों माने बैठा था? भाजपा विधायक का करीबी है अजय, प्लांट की जमीन खरीदवाने में मदद की थी आरोपी रामू उर्फ अजय प्रताप सिंह (45) दो भाई हैं। रामू के दो बेटे और एक बेटी हैं। गांव के पास उसकी 6 दुकानें हैं। 35 बीघा जमीन है। प्लांट भी उसके गांव में है। रामू का चचेरा भाई अभय प्रताप जिला पंचायत सदस्य रह चुका है। वह भाजपा के एक विधायक का करीबी बताया जाता है। आरोपी अजय प्रताप सिंह के चाचा राकेश सिंह सैंजनी गांव के प्रधान रह चुके हैं। उसकी मां किरन देवी कोटेदार हैं। जब प्लांट के लिए जमीन अधिग्रहित की जा रही थी, तब अजय प्रताप सिंह ने जमीन खरीदवाने में अफसरों की मदद की थी। इसके बदले उसे प्लांट में आउटसोर्स कर्मचारी के रूप में प्लांट में नौकरी मिली थी। वह पराली का ठेका भी लेता था। इसलिए नौकरी से निकाला अजय प्रताप सिंह की प्लांट के अफसरों से अच्छी जान पहचान थी। इसलिए वह लोगों की नौकरी आसानी से प्लांट के अंदर आउटसोर्स के जरिए लगवा देता था। इसके बदले वो रुपए लेता था। पराली के ठेके भी उठाता था। रुपए लेकर नौकरी दिलाने की बात जब डीजीएम को पता चली तो उन्होंने तीन महीने पहले इसे नौकरी से निकाल दिया। पराली के ठेके देने बंद कर दिए। इससे वह नाराज हो गया और धमकाने लगा। जब अफसर नहीं मानें तो दोनों की हत्या कर दी। ---------------------------------- ये खबर भी पढ़ेंः- हिंदुस्तान पेट्रोलियम के 2 अफसरों के हत्यारोपी का एनकाउंटर:दोनों पैर में गोली मारी; जॉइन करने आए नए DGM डरकर मुंबई लौटे बदायूं में हिंदुस्तान पेट्रोलियम के DGM सुधीर गुप्ता (55) और असिस्टेंट मैनेजर हर्षित मिश्रा (35) की हत्या के आरोपी का पुलिस ने हाफ एनकाउंटर कर दिया। मुठभेड़ में आरोपी के दोनों पैरों में पुलिस ने गोली मारी। इसके बाद कंधे पर लादकर गाड़ी तक ले गई। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पढ़ें पूरी खबर…
    Click here to Read more
    Prev Article
    बिजनौर में मादा गुलदार को पकड़ने में जुटा वन विभाग:गन्ने के खेत से तीन शावक मिलने से दूर-दूर तक दहशत
    Next Article
    उन्नाव की शिया जामा मस्जिद में यौमे क़ुद्स मनाया:फिलिस्तीन के मुसलमानों के समर्थन में एकजुटता का संदेश

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment