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    AIMIM का संभल में प्रदर्शन:जौहर यूनिवर्सिटी में बदले की भावना से कार्रवाई का आरोप, राष्ट्रपति से रद्द करने की मांग

    4 hours ago

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    संभल में AIMIM के कार्यकर्ताओं ने रामपुर की जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों को ध्वस्त करने के नोटिस के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन एसडीएम विकास चंद्र को दिया। कार्यकर्ताओं ने इस कार्रवाई को बदले की भावना से प्रेरित बताया। बुधवार दोपहर 1 बजे ज्ञापन दिया गया। कोतवाली कस्बा क्षेत्र में AIMIM कार्यकर्ताओं ने पैदल मार्च निकाला और नई तहसील परिसर में प्रदर्शन किया। उन्होंने जौहर यूनिवर्सिटी को 'शिक्षा का मंदिर' बताते हुए बुलडोजर कार्रवाई से बचाने की मांग की। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य हाफिज आमिर, वसीम कुरैशी, मेहरान, डॉ. नासिर, हाफिज सलीम, सुलेमान, सुहैल, हाजी पप्पू और गौहर सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। चौधरी मुशीर खां ने बताया कि अथॉरिटी द्वारा जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण का नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने इसे प्रदेश सरकार की 'बदले की भावना' से की गई कार्रवाई करार दिया। खां ने जोर देकर कहा कि शिक्षा के केंद्रों को तोड़ा नहीं जाता, बल्कि उनका निर्माण किया जाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रदेश में ऐसी कई सरकारी इमारतें होंगी जो बिना नक्शा पास हुए बनी हैं। मुशीर खां के अनुसार इन इमारतों को ध्वस्त करना बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने जैसा है। उन्होंने इस मामले में निष्पक्ष जांच और ध्वस्तीकरण नोटिस को रद्द करने की मांग की। यूनिवर्सिटी में 80 प्रतिशत मुस्लिम छात्र शिक्षा ग्रहण करते हैं, जो भविष्य में इंजीनियर, डॉक्टर, आईएएस और आईपीएस बनकर देश का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने ऐसी शिक्षण संस्थाओं के ध्वस्तीकरण को लोकतंत्र पर 'चांटा' बताया। AIMIM जिलाध्यक्ष असद अब्दुल्ला ने भी सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के मंदिरों पर हमला किया जा रहा है और उन्होंने राष्ट्रपति से इस कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की। अब्दुल्ला ने आगे कहा कि ये शिक्षण संस्थान हैं, जहां हजारों शोषित, वंचित और मुस्लिम वर्ग के बच्चे शिक्षा प्राप्त करते हैं। उन्होंने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह शिक्षा के अधिकार को छीनना चाहती है। उन्होंने बुलडोजर कार्रवाई को समाप्त करने और शिक्षण संस्थानों से किसी भी तरह की छेड़छाड़ न करने की अपील की।
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