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    ऐसा मारेंगे...'परमाणु बम' वाले मुनीर को हूती की खुली धमकी, पाकिस्तानी सेना में मची खलबली

    2 hours from now

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    यमन के हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच फिर से शुरू हुए हमलों के कारण तनाव बढ़ रहा है। ऐसे में इस ग्रुप ने पाकिस्तान और तुर्की को सीधी चेतावनी दी है कि अगर इनमें से कोई भी देश यमन में सऊदी अरब का साथ देते हुए सैन्य दखल देता है, तो उन्हें कड़ा और दर्दनाक जवाब दिया जाएगा। अंसार अल्लाह के पॉलिटिकल ब्यूरो के सदस्य और धमार के गवर्नर, मोहम्मद अल-बुखैती ने इराकी टीवी प्रोग्राम अनदर रीडिंग के साथ एक इंटरव्यू में ये बातें कहीं। अल-बुखैती ने कहा अल्लाह की कसम, अगर तुर्की और पाकिस्तान इसमें शामिल हुए, तो हम उन पर बहुत सख्ती से कार्रवाई करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि अगर ये दोनों देश यमन के खिलाफ सऊदी अरब की आक्रामकता (जैसा कि उन्होंने इसे बताया) में शामिल होते हैं, तो हूती उन्हें सबक सिखाएंगे। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब सऊदी अरब पर लगातार हो रहे हूती हमलों के कारण सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच 'मक्का संयुक्त रक्षा समझौते' पर लोगों का ध्यान बढ़ गया है।इसे भी पढ़ें: Houthi प्रवक्ता Yahya Saree का आरोप, Saudi सेना ने Yemen में किए 28 हवाई हमलेइसके बावजूद, अल-बुखैती ने माना कि पाकिस्तान और तुर्की के लोगों में यमन के प्रति गहरी सहानुभूति है। उन्होंने कहा कि उनकी चेतावनी इन देशों की सरकारों के लिए थी, अगर वे सैन्य रूप से इस मामले में शामिल होते हैं। इस साल की शुरुआत में पाकिस्तान-सऊदी अरब-तुर्की रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद, हूथी की इस चेतावनी ने पाकिस्तान की स्थिति पर फिर से ध्यान केंद्रित किया है। 7 अगस्त को तुर्की, पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच हुए इस समझौते का आधार बढ़ती क्षेत्रीय और वैश्विक अस्थिरता के बीच साझा ज़िम्मेदारी और क्षेत्रीय स्वामित्व के सिद्धांत हैं। इसका मकसद सामूहिक सुरक्षा क्षमता को मज़बूत करते हुए सुरक्षा, शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देना है। इस समझौते के तहत, हस्ताक्षर करने वाले किसी भी देश पर हमले को सभी पक्षों पर हमला माना जाएगा। हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच फिर से शुरू हुए हमलों और इस समझौते में शामिल देशों की संभावित सैन्य भागीदारी को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच इस समझौते का महत्व और बढ़ गया है।
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