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    अखिलेश के सांसद भाई को कोर्ट ने बरी किया:कहा- धर्मेंद्र यादव ने लालच देकर वोट नहीं खरीदे, बदायूं में SDM ने केस दर्ज कराया था

    8 hours ago

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    आजमगढ़ से सपा सांसद धर्मेंद्र यादव को आचार संहिता उल्लंघन के केस में बदायूं कोर्ट ने बरी कर दिया है। अखिलेश यादव के चचेरे भाई पर लालच देकर वोट खरीदने का आरोप था। पूरा मामला 2022 से विधानसभा चुनाव से जुड़ा है। उस समय सदर एसडीएम रहे सुखलाल प्रसाद वर्मा ने सिविल लाइंस थाने में धर्मेंद्र यादव पर केस दर्ज कराया था। पुलिस ने धर्मेंद्र यादव के अलावा 28 अन्य लोगों के खिलाफ भी चार्जशीट दाखिल की थी। हालांकि, जून 2024 में उन्हें मामले से बरी कर दिया गया था। धर्मेंद्र पर कोविड और आपदा प्रबंधन अधिनियम की धाराएं भी लगाई गई थीं। इस केस की सुनवाई कल ही पूरी हो चुकी थी। मामले में चल रहा था ट्रायल धर्मेंद्र पर आरोप था कि उन्होंने चुनाव के दौरान शहर के एक लॉन में शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को बुलाया। यहां लालच देकर वोट खरीदने की कोशिश की थी। शासनस्तर से इस मामले में पैरवी के बाद कोर्ट में अपील की गई। कोर्ट ने अपील पर सुनवाई 4 जनवरी 2025 से शुरू करते हुए धर्मेंद्र समेत आरोपियों को नोटिस जारी किए। धर्मेंद्र यादव के वकील और पूर्व एडीजीसी जगत सिंह यादव ने बताया कि बहस कल ही पूरी हो चुकी थी। कोर्ट ने आज धर्मेंद्र यादव को आरोपों से बरी कर दिया। सपा सांसद एक दिन पहले भी कोर्ट में सुनवाई के लिए पहुंचे थे। कोर्ट से बाहर निकलने के बाद धर्मेंद्र यादव ने मीडिया से बातचीत में HPCL हत्याकांड को लेकर बयान दिया था। उन्होंने कहा कि अगर डीएम और एसएसपी ने ठीक से काम किया होता तो यह घटना नहीं होती। इस मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए। अधिकारियों और विधायकों पर उठाए सवाल उन्होंने कहा कि मृतक अधिकारियों को पहले से ही हमले और हत्या की आशंका थी। उन्होंने लिखित रूप में डीएम और एसएसपी सहित अपने वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना भी दी थी, लेकिन इसके बावजूद घटना को रोका नहीं जा सका। सांसद ने आगे आरोप लगाया कि "बीजेपी के स्थानीय विधायक और उनकी जाति के सारे गुंडों ने मिलकर यह सरेआम व सुनियोजित हत्या की है।" उन्होंने सवाल उठाया कि जब अधिकारी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता कैसे सुरक्षित रहेगी। पहले 28 लोग और नामजद थे मुकदमे में तत्कालीन प्रत्याशी रईस अहमद, फखरे अहमद शोबी, रंजीत यादव, सतेंद्र पाल सिंह, वीरेंद्र सिंह, शैलेंद्र कुमार राजपूत, जितेंद्र शर्मा, आनंद मौर्य, फिरोज, चरण सिंह सागर, ऐल्का सिंह यादव, रामवीर सिंह, मुनेंद्र पाल सिंह, विनोद राठौर, दिनेश चौधरी, अवनीत सक्सेना, फूलमती बानो, राजीव कुमार सिंह, सतीश चंद्र, रवेंद्र कुमार यादव, मनोज कश्यप, अनेक पाल यादव, राम बलराम, ब्रजलाल शाक्य, बाबू सिंह, सुनील यादव और अजमत अली सहित कुल 28 अन्य लोग भी नामजद थे। इन सभी को पहले ही केस से बरी कर दिया गया था। --------------------- यह खबर भी पढ़ें…. राजभर बोले- अगली कैबिनेट बैठक में OBC आयोग बनेगा; सीट बंटवारे पर विवाद नहीं यूपी में पंचायत चुनाव 12 जुलाई तक हो जाएंगे। OBC आयोग अगली कैबिनेट बैठक तक बन जाएगा। कहीं कोई दिक्कत नहीं आएगी।’ यह कहना है, पंचायतीराज मंत्री ओपी राजभर का। दैनिक भास्कर के साथ खास बातचीत करते हुए राजभर ने कहा कि 2027 में भी विधानसभा चुनाव NDA ही जीतेगा। चुनाव में नाराजगी कोई फैक्टर नहीं है। अविमुक्तेश्वरानंद को योगीजी शंकराचार्य ही नहीं मानते। पढ़िए पूरी खबर…
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