Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    अम्बेडकरनगर में कटेहरी सीट पर संजय निषाद की सियासी नजर:क्या फिर भाजपा सहयोगी निषाद पार्टी के लिए छोड़ेगी सीट, सियासी चर्चा गरमाई

    15 hours ago

    1

    0

    अंबेडकरनगर 2027 के विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही जिले की कटेहरी विधानसभा सीट एक बार फिर राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में आ गई है। सत्ता पक्ष के भीतर सबसे ज्यादा निगाहें इसी सीट पर टिकी हैं। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि भाजपा-निषाद पार्टी गठबंधन में यह सीट एक बार फिर निषाद पार्टी के खाते में जा सकती है। इसी के मद्देनजर निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश सरकार के मत्स्य मंत्री संजय निषाद ने कटेहरी में अपनी सक्रियता काफी बढ़ा दी है। पिछले कुछ महीनों में संजय निषाद ने क्षेत्र में कई सरकारी कार्यक्रम किए हैं। इसके साथ ही उन्होंने संगठन की बैठकों के जरिए कार्यकर्ताओं की नब्ज भी टटोली है। उनकी लगातार मौजूदगी को राजनीतिक जानकार चुनावी तैयारी का संकेत मान रहे हैं। वह कई बार पार्टी पदाधिकारियों और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर संगठन की मजबूती, सामाजिक समीकरण और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा कर चुके हैं। उनके कार्यक्रमों का केंद्र भी लगातार कटेहरी ही बना हुआ है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा और निषाद पार्टी के गठबंधन के तहत कटेहरी सीट निषाद पार्टी के हिस्से में आई थी। तब पार्टी ने 2017 में भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके अवधेश द्विवेदी पर भरोसा जताया था, लेकिन वह जीत दर्ज नहीं कर सके थे। इसके बाद से निषाद पार्टी लगातार क्षेत्र में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश में जुटी है। अब माना जा रहा है कि पार्टी इस सीट पर दोबारा मजबूत दावेदारी पेश करेगी। दूसरी ओर भाजपा के स्थानीय नेताओं की भी इस सीट पर नजर है। यदि गठबंधन के तहत कटेहरी सीट फिर निषाद पार्टी के खाते में जाती है, तो भाजपा के कई संभावित दावेदारों की उम्मीदों को झटका लग सकता है। हालांकि, सीट बंटवारे को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन संजय निषाद की बढ़ती सक्रियता ने सियासी अटकलों को जरूर हवा दे दी है। फिलहाल सबकी निगाहें भाजपा और निषाद पार्टी के बीच होने वाले सीट बंटवारे पर टिकी हैं, जो आगामी चुनाव में इस सीट का भविष्य तय करेगा।
    Click here to Read more
    Prev Article
    23 साल पुराने गैंगस्टर एक्ट केस में दोषी:फर्रुखाबाद में दिनेश कुमार को सजा, 15 जुलाई को सुनवाई
    Next Article
    पूर्वांचल विश्वविद्यालय- दीक्षा समारोह में देरी की आशंका:शिक्षकों की कमी से कॉलेज छात्रों के अंक अपलोड नहीं हो पा रहे

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment