Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    Anbumani Ramadas ने मेकेदातु बांध परियोजना और तमिलनाडु के पानी के हिस्से पर दी प्रतिक्रिया

    3 hours from now

    1

    0

    (फाइल फोटो के साथ) चेन्नई, दो अगस्त पट्टालि मक्कल काच्चि (पीएमके) के अध्यक्ष अंबुमणि रामदास ने रविवार को कहा कि अगर प्रस्तावित मेकेदातु जलाशय बन गया होता, तो तमिलनाडु को कर्नाटक के काबिनी जलाशय से अभी जितना पानी मिल रहा है, उतना भी नहीं मिल पाता। पीएमके नेता ने एक बयान में तमिलनाडु सरकार से कर्नाटक की इस परियोजना को लागू करने की कोशिश का कड़ा विरोध करने की अपील की तथा सभी राजनीतिक दलों एवं किसान संगठनों को साथ लेकर एक संयुक्त कार्य योजना बनाये जाने की मांग की। उन्होंने दावा किया कि पिछले दो दिनों में कर्नाटक से अनियमित मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है।उन्होंने कहा, ‘‘शनिवार को काबिनी जलाशय से कावेरी में पानी का बहाव बढ़ाकर 25,000 क्यूसेक कर दिया गया था। रविवार सुबह इसे काफी घटाकर 10,000 क्यूसेक कर दिया गया, लेकिन बाद में इसे बदलकर 14,958 क्यूसेक कर दिया गया। फिर पानी का बहाव बढ़कर 28,009 क्यूसेक हो गया।’’ अंबुमणि ने आरोप लगाया, ‘‘यह अनिश्चित पैटर्न साफ़ तौर पर दिखाता है कि कर्नाटक का तमिलनाडु को पानी का उसका कानूनी हिस्सा देने का कोई इरादा नहीं है।इसके बजाय, वह कावेरी नदी का इस्तेमाल - जो तमिलनाडु से होकर बहती है - सिर्फ़ अतिरिक्त पानी निकालने के लिए एक बाढ़ निकासी चैनल के तौर पर कर रहा है।’’ मौजूदा भंडारण स्तर का जिक्र करते हुए, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री रह चुके अंबुमणि ने कहा कि कर्नाटक के चार बड़े जलाशयों में कुल 74.05 टीएमसी पानी था, जो उनकी कुल 114.57 टीएमसी क्षमता का 64 प्रतिशत है। उन्होंने दावा किया कि कर्नाटक को जुलाई के आखिर तक तमिलनाडु को 40 टीएमसी पानी देना है जिसे वह आसानी से लगभग भरे हुए हरंगी, हेमावती और काबिनी जलाशयों से छोड़ सकता था। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘इसके बजाय, कर्नाटक हरंगी से छोड़े गए पानी का एक बड़ा हिस्सा कृष्ण राज सागर (केआरएस) जलाशय को भरने के लिए उधर ले जा रहा है।हरंगी में पानी का बहाव 10,430 क्यूसेक है, केआरएस की ओर 14,470 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।’’ उन्होंने दावा किया कि हेमावती के एक हफ़्ते के भीतर अपनी पूरी क्षमता तक भरने की उम्मीद है और इसके अतिरिक्त पानी को भी केआरएस जलाशय में जमा किया जाएगा, जो तमिलनाडु के पानी के वाजिब हिस्से को छोड़ने से कर्नाटक के लगातार इनकार को दर्शाता है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    Giriraj Singh छत्रपति संभाजीनगर के घृष्णेश्वर मंदिर पहुंचे
    Next Article
    Gorakhpur: छेड़खानी के विवाद में नौ साल के लड़के की हत्या

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment