Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    Arambai Tenggol प्रतिबंधित संगठन नहीं, Manipur विधानसभा में बोले CM वाई. खेमचंद सिंह

    13 hours ago

    1

    0

    इंफाल, सात सितंबर मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार ने पहाड़ी और घाटी क्षेत्रों के ग्राम स्वयंसेवकों या मेइती समूह अरामबाई तेंगोल को प्रतिबंधित संगठन घोषित नहीं किया है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने भी इन संगठनों से जुड़ाव मात्र के आधार पर किसी व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया है। खेमचंद ने विधानसभा में विपक्षी विधायक के. रंजीत सिंह की ओर से पेश की गई अल्पकालिक चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि तीन मई, 2023 को राज्य में भड़की अभूतपूर्व हिंसा के कारण कई युवा हथियार उठाने के लिए मजबूर हुए।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हिंसा के बाद व्यक्तियों से जुड़े कथित गैरकानूनी और आपराधिक गतिविधियों के मामलों का अध्ययन कर रही है। उन्होंने कहा, ‘इनमें से कुछ लोगों की मंशा अच्छी हो सकती है, लेकिन कुछ ऐसे भी हो सकते हैं जो आपराधिक गतिविधियों में शामिल हों।’’ खेमचंद ने कहा, ‘‘राज्य सरकार ने पहाड़ी और घाटी दोनों क्षेत्रों के ग्राम स्वयंसेवकों या मेइती संगठन अरामबाई तेंगोल को प्रतिबंधित संगठन घोषित नहीं किया है। पुलिस ने भी इन संगठनों से जुड़ाव के आधार पर कोई मामला दर्ज नहीं किया है।उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा की गई गिरफ्तारियां कथित तौर पर व्यक्तियों की आपराधिक गतिविधियों के आधार पर थीं। खेमचंद ने कहा कि मणिपुर पुलिस पहले एक मजबूत बल रही है, लेकिन संघर्ष के बाद उसका मनोबल कमजोर हुआ है और सरकार इसे मजबूत करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि संकट के दौरान व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों को सरकार वापस नहीं ले सकती।उन्होंने कहा कि हर मामले की अलग-अलग जांच की जाएगी और इस प्रक्रिया में समय लगेगा। गृह मंत्री गोविंदास कोंथौजाम ने सरकार के पहले के फैसले को दोहराते हुए कहा कि ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी, जो हमले, जबरन वसूली, हत्या या अन्य आपराधिक गतिविधियों जैसे जघन्य अपराधों में शामिल नहीं हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे अपराधों में शामिल नहीं रहे युवाओं की सुरक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है।अरामबाई तेंगोल मेइती समुदाय का एक सामाजिक-सांस्कृतिक संगठन है। हालांकि, कई कुकी संगठनों ने आरोप लगाया है कि यह समूह संघर्ष में सक्रिय रूप से शामिल रहा है। संगठन के सदस्यों को इससे पहले कथित गैरकानूनी गतिविधियों के सिलसिले में सुरक्षाबलों ने गिरफ्तार किया था।इसके अलावा, तत्कालीन राज्यपाल अजय कुमार भल्ला की ओर से हथियार स्वेच्छा से जमा करने की अपील के बाद संगठन ने 2025 में 100 से अधिक हथियार भी सौंपे थे।
    Click here to Read more
    Prev Article
    Delhi के Satya Niketan में इमारत ढहने के मामले में मालकिन और पति समेत 3 गिरफ्तार
    Next Article
    Bihar Flood: Ganga का जलस्तर घटने से राहत, स्थिति जल्द सामान्य होने की उम्मीद

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment