Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    ARTO की रिपोर्ट में हादसे की बड़ी वजह आई सामने:16 स्लीपर की अनुमति, बना दी गईं 43; 1360 किमी सफर के लिए सिर्फ एक ड्राइवर

    8 hours ago

    1

    0

    पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हादसे का शिकार हुई डबल डेकर बस कागजों में पूरी तरह फिट पाई गई, लेकिन मौके पर हुई जांच में बड़े पैमाने पर नियमों की अनदेखी सामने आई। बस में मूल रूप से 16 स्लीपर और 32 सिटिंग सीटों की अनुमति थी, लेकिन अंदरूनी ढांचे में छेड़छाड़ कर 43 स्लीपर सीटें बना दी गई थीं। वहीं, सिटिंग सीटें घटाकर सिर्फ 9 कर दी गईं। इतना ही नहीं, बस में क्षमता से अधिक 90 यात्रियों को बैठाया गया था, जो साफ तौर पर सुरक्षा मानकों का उल्लंघन है। इमरजेंसी गेट तक बंद, छत पर अवैध स्ट्रक्चर जांच में यह भी सामने आया कि बस के इमरजेंसी गेट के सामने अतिरिक्त सीट लगा दी गई थी, जिससे आपातकालीन निकास पूरी तरह बंद हो गया था। हादसे की स्थिति में यात्रियों के बाहर निकलने का रास्ता ही अवरुद्ध था। बस की छत पर अतिरिक्त लोहे के स्ट्रक्चर लगाए गए थे और लंबाई-चौड़ाई में भी बदलाव किया गया था। यह सभी तथ्य मौके पर पहुंचे उप परिवहन आयुक्त राधेश्याम, आरटीओ प्रवर्तन प्रभात पांडेय और एआरटीओ प्रवर्तन आलोक कुमार यादव की जांच में सामने आए। 1360 किमी सफर के लिए सिर्फ एक ड्राइवर नियमों के मुताबिक लंबी दूरी की बसों में दो ड्राइवर होना अनिवार्य है। लेकिन यह बस पंजाब से बिहार तक करीब 1360 किलोमीटर की दूरी सिर्फ एक ड्राइवर के भरोसे तय कर रही थी। मानक कहते हैं कि हर 4.5 घंटे की ड्राइविंग के बाद कम से कम 45 मिनट का ब्रेक जरूरी है और 14 घंटे की ड्यूटी में तीन घंटे का आराम अनिवार्य है। प्राथमिक जांच में इन नियमों का पालन नहीं पाया गया। कागज पूरे, सिस्टम फेल बस हरियाणा के गुरुग्राम में प्रदीप कुमार के नाम पंजीकृत थी। छह साल आठ महीने पुरानी इस बस का पंजीकरण 3 जून 2019 को हुआ था। आरटीओ प्रवर्तन प्रभात पांडेय के अनुसार कागजों के आधार पर बस पूरी तरह फिट थी। परमिट, बीमा, टैक्स और प्रदूषण प्रमाणपत्र सभी अद्यतन थे। 67 चालान के बावजूद सड़क पर दौड़ती रही बस डबल डेकर बस पर अब तक 67 चालान दर्ज हैं, जिनका भुगतान नहीं किया गया था। इसके बावजूद बस लगातार सड़क पर चलती रही। यह बस 50 से अधिक आरटीओ और एआरटीओ क्षेत्रों से होकर गुजरी, लेकिन न पुलिस ने रोका, न ट्रैफिक विभाग ने और न ही परिवहन विभाग ने कोई प्रभावी कार्रवाई की। यह लापरवाही सिस्टम पर बड़े सवाल खड़े करती है। आज होगी तकनीकी जांच बस की विस्तृत तकनीकी जांच मंगलवार को कराई जाएगी। आरटीओ प्रवर्तन प्रभात पांडेय के मुताबिक ब्रेक, पहियों, टायर, वायरिंग समेत अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच आरआई टेक्निकल टीम द्वारा की जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद ही बस की वास्तविक तकनीकी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
    Click here to Read more
    Prev Article
    खाद्य विभाग ने सीज किया 53 लाख रुपए का तेल:रविंद्र ऑयल मिल समेत 4 कंपनियों पर कार्रवाई, नेपाल से तेल लाने का शक
    Next Article
    गोरखपुर में दूसरे की जगह दे रहे थे एग्जाम:पुलिस ने 5 सॉल्वर को दबोचा, फर्जी आधार कार्ड के जरिए एंट्री मिली; शिक्षक भी शामिल

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment