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    अदाणी फाउंडेशन ने गुरुकुल में कंप्यूटर लैब बनवाई:अयोध्या में अब संस्कारों के साथ कंप्यूटर की पढ़ाई, छात्रों ने जताई थी इच्छा

    15 hours ago

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    अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने अयोध्या के श्री निःशुल्क गुरुकुल महाविद्यालय में आधुनिक कंप्यूटर लैब की स्थापना कराई है। अदाणी फाउंडेशन की यह पहल पारंपरिक गुरुकुल शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीकी संसाधनों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। बता दें कि अप्रैल 2026 में गौतम अदाणी अपने परिवार के साथ अयोध्या पहुंचे थे। उनके साथ उनकी पत्नी अदाणी फाउंडेशन की चेयरपर्सन प्रीति अदाणी, बेटे करण अदाणी और बहू परिधि अदाणी भी थीं। परिवार ने राम मंदिर में रामलला के दर्शन और पूजन किए थे। इसके बाद गौतम अदाणी ने अयोध्या के श्री निःशुल्क गुरुकुल महाविद्यालय का दौरा किया और वहां शिक्षकों, विद्यार्थियों से बात की। इस दौरान विद्यार्थियों ने आधुनिक कंप्यूटर लैब की इच्छा व्यक्त की थी। विद्यार्थियों की इस छोटी-सी इच्छा को पूरा करते हुए अदाणी फाउंडेशन की पहल पर गुरुकुल में अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब स्थापित की गई है। गौतम अदाणी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर वीडियो शेयर कर इस पहल पर खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि श्री निःशुल्क गुरुकुल महाविद्यालय के विद्यार्थियों को आधुनिक कंप्यूटर लैब के माध्यम से तकनीक से जुड़ते देखना बेहद खुशी की बात है। विद्यार्थियों की एक छोटी-सी इच्छा पूरी कर पाना मेरे लिए अपार प्रसन्नता का विषय है। उन्होंने इस पहल को भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा और डिजिटल युग के बीच सेतु बनाने की दिशा में एक विनम्र प्रयास बताया। उनका कहना है कि इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़े रखते हुए शिक्षा और ज्ञान के नए अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने गुरुकुल के विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की भी कामना की। शिक्षकों ने भी माना कि अयोध्या की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान के बीच शिक्षा के क्षेत्र में यह पहल एक नई तस्वीर प्रस्तुत करती है। गुरुकुल के विद्यार्थी अब परंपरागत शिक्षा, संस्कार और भारतीय ज्ञान परंपरा के साथ कंप्यूटर एवं डिजिटल तकनीक का ज्ञान भी हासिल कर सकेंगे। आधुनिक तकनीकी संसाधनों से विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई, डिजिटल शिक्षा और भविष्य में रोजगार के नए अवसरों के लिए तैयार होने में मदद मिलने की उम्मीद है। गुरुकुल में करीब 200 विद्यार्थी पढ़ते हैं यह गुरुकुल 1935 में स्वामी त्यागानंद जी ने शुरू किया था। संस्थान आर्य समाज की परंपरा पर आधारित है और यहां वैदिक शिक्षा के साथ अनुशासन, संस्कार और सामाजिक मूल्यों पर जोर दिया जाता है। गुरुकुल में करीब 200 विद्यार्थी पढ़ते हैं और उन्हें शिक्षा निःशुल्क दी जाती है। छात्र परिसर में रहकर आचार्यों के मार्गदर्शन में पढ़ाई करते हैं। गौतम अदाणी ने छात्रों के बीच बैठकर सुने संस्कृत के श्लोक गौतम अदाणी ने गुरुकुल में विद्यार्थियों और शिक्षकों से बातचीत की थी। जब छात्रों ने सामूहिक रूप से संस्कृत के श्लोक पढ़े तो पूरा परिसर मंत्रोच्चार से गूंज उठा। अदाणी छात्रों के बीच बैठकर श्लोक सुनते रहे। उन्होंने कहा कि शिक्षा सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं होनी चाहिए। जब शिक्षा मूल्यों और संस्कारों से जुड़ती है तो वह व्यक्ति के साथ देश के भविष्य को भी मजबूत करती है। गुरुकुल में गांधी और नेताजी भी आ चुके श्री नि:शुल्क गुरुकुल महाविद्यालय अपने इतिहास के लिए भी जाना जाता है। यहां महात्मा गांधी और नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसे नेता भी आ चुके हैं। गुरुकुल परिसर में गौशाला भी है, जिसमें करीब 50 से 60 गायें हैं। अप्रैल में गौतम अदाणी ने गुरुकुल की शिक्षा व्यवस्था, विद्यार्थियों के रहन-सहन और शिक्षकों से बातचीत कर यहां की गतिविधियों की जानकारी ली।
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