Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    अविमुक्तेश्वरानंद बोले- किसी की औकात नहीं मुझे शंकराचार्य न माने:'जिंदा हिंदू लखनऊ चलें'- लिखे पोस्टर बांटे; गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध सभा करेंगे

    14 hours ago

    1

    0

    बहुत दुर्भाग्य की बात है कि धर्म युद्ध के लिए निकलना पड़ रहा है। अपने ही देश में, अपने ही वोट से चुनी सरकार के सामने, अपनी ही गोमाता को बचाने के लिए हम लोगों को आंदोलन करना पड़ रहा है। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने ये बातें काशी में लखनऊ रवाना होने से पहले शनिवार को कहीं। शंकराचार्य ने इस आंदोलन को “गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध सभा” का नाम दिया। वह 11 मार्च को लखनऊ पहुंचेंगे। यहां हजारों संतों की मौजूदगी में सभा करेंगे। इसमें सरकार से गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग करेंगे। शंकराचार्य ने 30 जनवरी को योगी सरकार को 40 दिन का अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने तब कहा था- गाय को राष्ट्रमाता घोषित करें। वरना आंदोलन करेंगे। शंकराचार्य काशी से 5 दिन बाद लखनऊ पहुंचेंगे। काशी से शंकराचार्य पहले जौनपुर पहुंचे। यहां उन्होंने कहा- हमारे शंकराचार्यों पर सवाल उठाने का अधिकार किसी को नहीं है। हमारे धर्म में 4 शंकराचार्य हैं। जब सर्वोच्च शंकराचार्यों ने मेरा अभिषेक कर दिया, तो फिर किसी की क्या औकात है कि वह कहे, हम इन्हें नहीं मानते। उन्होंने कहा कि जो शंकराचार्य बनाता है, उसी को हटाने का भी अधिकार है। इसके बाद शंकराचार्य सुल्तानपुर पहुंचे। यहां उन्होंने कहा- अरे पहले गो-माता की हत्या तो बंद कराओ। आज हिंदू राष्ट्र घोषित कर दोगे, तो क्या कल सवेरे से वहां गो-हत्या बंद हो जाएगी? इससे पहले प्रतापगढ़ पहुंचे शंकराचार्य का स्वागत किया गया। यहां यूजीसी से जुड़े कानून को लेकर शंकराचार्य ने कहा कि जो लोग मंच से ‘बंटोगे तो कटोगे’ जैसे नारे लगाते हैं। वही ऐसे कानून लेकर आते हैं, जिनसे समाज में मतभेद पैदा हो सकता है। शंकराचार्य की यात्रा में 20 से अधिक गाड़ियां हैं। 500 से अधिक श्रद्धालु साथ हैं। इस दौरान लोगों को पोस्टर बांटे गए। इनमें लिखा है- जिंदा हिंदू लखनऊ चलें। इससे पहले, शंकराचार्य सुबह 8.30 बजे मठ से निकलकर गौशाला पहुंचे। गाय की पूजा की। फिर पालकी पर सवार हुए। मठ से 300 मीटर दूर स्थित चिंतामणि गणेश मंदिर पहुंचे। यहां 11 बटुकों ने उनका स्वागत किया। फिर पूजा-अर्चना कर संकट मोचन मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ किया और अपने संकल्प को दोहराया। इसके बाद शंखनाद और जयकारों के बीच अपनी वैनिटी वैन से लखनऊ के लिए रवाना हुए। तस्वीरें- डिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्य के लखनऊ में स्वागत वाले बयान पर शंकराचार्य ने कहा- जिसके मन में जो है, यही मौका है, बोल दे। जो गाय के पक्ष में है, वो बोल रहा है। अपनी अभिव्यक्तियों से वे बता रहे हैं कि हम किधर हैं। जो हिम्मती लोग हैं, वो बोलेंगे कि मैं गाय के पक्ष में हूं। जो अंदर से मक्कार है, कालनेमि है, वो कुछ नहीं बोलेंगे। शंकराचार्य के जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
    Click here to Read more
    Prev Article
    'कोई मजा नहीं, अब ये सब...', एनिमल और धुरंधर जैसी फिल्मों पर बोलीं करीना कपूर
    Next Article
    इंजीनियर बहन को 40 बार चाकू मारने वाला भाई अरेस्ट:मुरादाबाद में मां बोलीं- गर्लफ्रेंड से ब्रेकअप के बाद बेटी से चिढ़ने लगा था

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment