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    अविमुक्तेश्वरानंद की यात्रा रोकने के मामले में आज सुनवाई:आशुतोष महाराज का पॉक्सो कोर्ट में वाद, खारिज या जारी होगा आदेश

    9 hours ago

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    शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की ‘गौ प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध यात्रा’ पर रोक लगाने की मांग वाले वाद पर शुक्रवार को सुनवाई होगी। यह वाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर यौन उत्पीड़न का केस दर्ज कराने वाले आशुतोष महाराज ने किया है। 9 मार्च को आशुतोष महाराज ने प्रयागराज स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में पेश होकर वाद दाखिल किया था। पॉक्सो स्पेशल कोर्ट ने सुनवाई पूरी कर आदेश रिजर्व कर लिया था। अब 13 मार्च शुक्रवार को कोर्ट में इस पर सुनवाई होगी। जानिये आशुतोष महाराज के वाद में क्या नाबालिग पीडित बटकों की सुरक्षा एवं गोपनीयता बनाए रखने, अभियुक्तगण द्वारा उनके क्षेत्रीय जनपदों में बिना अनुमति प्रस्तावित यात्रा/जुलूस एवं सभा पर रोक लगाने तथा अभियुक्तगण को देश से बाहर जाने से प्रतिबंधित किए जाने के संबंध में। आशुतोष ने प्रार्थना पत्र में कहा न्यायालय के आदेश पर 21 फरवरी 2026 को थाना झूसी प्रयागराज में मुकदमा दर्ज हुआ जिसकी विवेचना प्रचलित है। उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा पारित आदेश में अभियुक्तों की गिरफ्तारी पर रोक प्रदान करते हुए विवेचना में सहयोग करने का निर्देश दिया गया है। संज्ञान में आया है कि उपरोक्त मुकदमा के मुख्य अभियुक्त अविमुक्तेश्वरानंद अन्य अभियुक्तों के साथ मिलकर कई हजार लोगों की संख्या में अपने बचाव में यात्रा/जुलूस निकालकर नाबालिग पीड़ित बटुकों के क्षेत्रीय जनपदों की ओर जाने का कार्यक्रम किया जा रहा है। इस विषय में सार्वजनिक बयानबाजी भी की जा रही है। ऐसी गतिविधियों से नाबालिग पीड़ितों की पहचान प्रत्यक्ष रूप से उजागर होने तथा, पीड़ित नाबालिक बटुको बच्चों पर सामाजिक दबाव पड़ने तथा बिना अनुमति उनकी मानसिक स्थिति प्रभावित होने की गंभीर आशंका उत्पन्न हो रही है। पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत नाबालिग पीड़ितों की पहचान एवं गोपनीयता को पूर्ण संरक्षण प्रदान किया गया है। इसके बावजूद अभियुक्तगण द्वारा पीड़ितों के क्षेत्रीय जनपदों के नामों का संकेतात्मक रूप से उल्लेख कर सार्वजनिक मंचों एवं मीडिया में प्रचार किया जा रहा है, जिससे नाबालिग पीड़ित बटुकों की पहचान प्रत्यक्ष रूप से उजागर होने तथा उन्हें भयभीत अथवा प्रभावित करने की आशंका उत्पन्न हो रही है। 9 मार्च को पॉक्सो कोर्ट पहुंचे थे आशुतोष महाराज शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की ‘गौ प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध यात्रा’ पर रोक लगाए जाने की मांग पर प्रयागराज स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई। अदालत ने दलीलें सुनने इस पर आदेश देने को कहा था। सुनवाई से पहले आशुतोष ने कहा था- शंकराचार्य को सीतापुर पहुंचने से रोका जाए, क्योंकि उनके खिलाफ बयान दर्ज कराने वाले बटुक पड़ोसी हरदोई जिले के हैं। यात्रा से बटुक दहशत में हैं। इसी कोर्ट में आशुतोष महाराज ने अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ बटुकों से यौन उत्पीड़न का वाद दाखिल किया था। दरअसल, शंकराचार्य ने 7 मार्च को काशी से अपनी यात्रा शुरू की थी। यात्रा रायबरेली, उन्नाव होते हुए आज शाम को सीतापुर पहुंचेगी। गाय को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग को लेकर यह यात्रा 11 मार्च को लखनऊ में समाप्त होगी। चलती ट्रेन में हमले के मामले में FIR आशुतोष महाराज पर रविवार को चलती ट्रेन में हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस ने वारदात के वक्त ट्रेन में मौजूद 4 यात्रियों से पूछताछ भी की है। हालांकि, पूछताछ में क्या जानकारी सामने आई है, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। आशुतोष महाराज रीवा एक्सप्रेस से गाजियाबाद से प्रयागराज जा रहे थे। उनका रिजर्वेशन एसी फर्स्ट में था। सिराथू रेलवे स्टेशन के पास टॉयलेट के पास उन पर अज्ञात शख्स ने हमला किया था। धारदार हथियार से नाक काटने की कोशिश की थी। आशुतोष महाराज वही हैं, जिन्होंने शंकराचार्य के खिलाफ बटुकों से यौन उत्पीड़न की FIR दर्ज करवाई थी। देखिए 3 तस्वीरें… जानिए हमले के बाद आशुतोष महाराज ने क्या बताया था… आशुतोष महाराज ने बताया था- मैं रीवा एक्सप्रेस ट्रेन से गाजियाबाद से प्रयागराज जा रहा था। फर्स्ट AC कोच में बैठा था। रास्ते में सिराथू रेलवे स्टेशन के पास सुबह करीब 5 बजे टॉयलेट के लिए उठा। गेट के पास एक आदमी खड़ा था। जैसे ही मैं आगे बढ़ा, उसने पीछे से मुझ पर हमला कर दिया। उसने धारदार हथियार से मेरी नाक काटने की कोशिश की और चेहरे व हाथ पर कई वार किए। इससे मुझे गंभीर चोटें आईं और काफी खून बहा। वह किसी तरह अपनी जान बचाकर भागे और ट्रेन के टॉयलेट में खुद को बंद कर लिया। वहीं से उन्होंने जीआरपी को फोन कर घटना की जानकारी दी। आशुतोष महाराज ने कहा था- अविमुक्तेश्वरानंद ने हमला करवाया जीआरपी से शिकायत के बाद आशुतोष महाराज सर्किट हाउस पहुंचे थे। यहां उन्होंने दैनिक भास्कर से बात की थी। कहा था- वेस्ट यूपी संयोजक सुधांशु सोम के साथ फर्स्ट AC के H1 कोच में बैठा था। सुबह बाथरूम जाते वक्त पीछे मुझ पर हमला किया। जान बचाने के लिए उससे हाथापाई की। हमलावर अकेला था। बॉडी बिल्डर जैसा था। उसने कोई नकाब नहीं पहन रखा था। उसे देखते ही पहचान लूंगा। शायद वो गाजियाबाद से ही पीछा कर रहा था। उन्होंने आशंका जताई थी कि ट्रेन के बाहर और भी हमलावर हो सकते हैं, यही सोचकर पहले जीआरपी को सूचना दी, फिर बाथरूम से बाहर आया। उन्होंने शंकराचार्य पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा था- अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ कोर्ट में सबूत न पेश कर पाऊं, इसलिए हमला करवाया। उसे पता है कि सबूत देखने के बाद कोर्ट से जमानत नहीं मिलेगी। जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य हैं आशुतोष महाराज आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज का जन्म शामली के कांधला कस्बे के एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। इनके पिता राजेंद्र पांडे दिल्ली रोड पर चलने वाली प्राइवेट बसों में कंडक्टर थे।आशुतोष महाराज कांधला के प्राचीन शाकुंभरी सिद्धपीठ मंदिर की कमेटी से जुड़े। वर्तमान में वह इसके प्रबंधक भी हैं। इन्हीं के परिवार के चाचा प्रदीप पांडे मंदिर में पुजारी हैं। 2022 में उन्होंने जगतगुरु रामभद्राचार्य से दीक्षा ली थी। इसके बाद से वह संन्यासी जीवन जी रहे हैं। अब जानिए शंकराचार्य के साथ आशुतोष महाराज का विवाद प्रयागराज माघ मेले में 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन शंकराचार्य और प्रशासन के बीच विवाद हुआ था। इसके 8 दिन बाद 24 जनवरी को जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष महाराज ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की। माघ मेला-2026 और महाकुंभ-2025 के दौरान बच्चों से यौन शोषण के आरोप लगाए थे। पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए 8 फरवरी को स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में याचिका दाखिल की। 13 फरवरी को 2 बच्चों को कोर्ट में पेश किया। 21 फरवरी को उनके बयान दर्ज हुए। कोर्ट के आदेश पर उसी दिन झूंसी थाने में FIR दर्ज की गई। FIR में शंकराचार्य, उनके शिष्य मुकुंदानंद और 2-3 अज्ञात आरोपी बनाए गए थे। 24 फरवरी को शंकराचार्य ने प्रयागराज एडिशनल कमिश्नर अजय पाल शर्मा पर साजिश रचने का आरोप लगाया था। साथ ही इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की। 27 फरवरी को हाईकोर्ट ने सुनवाई की तारीख 9 मार्च तय की। तब तक गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। अब पढ़िए शंकराचार्य ने आशुतोष महाराज पर हमले के बाद क्या कहा था? आशुतोष पर हमले के बाद शंकराचार्य ने रविवार को कहा था- ट्रेन का अटेंडेंट कह रहा है कि बाथरूम में गए तब तक तो ठीक थे, बाहर निकलने के बाद इनका यह हाल हो गया। बाहर आने के बाद किसने मार दिया बताइए। यह बनावट है, माहौल बनाने के लिए, सुरक्षा पाने के लिए। दूसरी बात- क्या भारत सरकार की रेल सुरक्षित नहीं रह गई है। आशुतोष हों या कोई और, अगर कोई टिकट लेकर यात्रा कर रहा है तो सुरक्षा में लगी जीआरपी कहां है, कैसे हमला हो जाएगा। इसका जवाब केंद्र को देना होगा। आशुतोष महाराज ने आरोप लगाया है कि वो सबूत देने जा रहे थे, इसलिए हमला हुआ। इस पर कहा था कि निष्पक्ष जांच हो, दूध का दूध और पानी का पानी किया जाए। जो शुरू से ही जांच के साथ है, वो हमला क्यों करवाएगा। हम तो यात्रा लेकर निकले हैं, हमें क्या पता वो कब कहां जा रहे हैं। ऐसे में हमारे ऊपर आरोप लगाने का मतलब सिर्फ मीडिया का अटेंशन पाना है। यात्रा से ध्यान भटकाने की कोशिश है। --------------- ये भी पढ़ें… आशुतोष महाराज बोले-21 लाख के लिए मुझ पर हमला किया:अविमुक्तेश्वरानंद अखिलेश यादव के गुरु, मेरे पास शंकराचार्य के खिलाफ तगड़े सबूत '21 लाख रुपए की लालच में मुझ पर हमला किया और कराया गया। मुझे कोर्ट तक पहुंचने और सबूत देने से रोकने के लिए यह साजिश रची गई।' यह दावा जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष महाराज ने किया। आशुतोष रविवार को रीवा एक्सप्रेस ट्रेन से प्रयागराज जा रहे थे। सुबह करीब 5 बजे कौशांबी में सिराथू रेलवे स्टेशन के पास चलती ट्रेन में उन पर जानलेवा हमला हुआ। पूरा इंटरव्यू पढ़िए…
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