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    अयोध्या कृषि विश्वविद्यालय में सोशल मीडिया पोस्ट पर कार्रवाई:विषय वस्तु विशेषज्ञ निलंबित, पत्नी का भी हुआ तबादला

    2 hours ago

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    अयोध्या के आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुमारगंज में सोशल मीडिया पर की गई एक टिप्पणी ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। विश्वविद्यालय के एक कर्मी द्वारा अपने बहनोई एवं प्रख्यात कृषि वैज्ञानिक डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह के समर्थन में सोशल मीडिया पर पोस्ट डालना उनके लिए भारी पड़ गया। मामले ने इतना तूल पकड़ा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने संबंधित कर्मी को निलंबित कर दिया, साथ ही उनकी पत्नी का भी स्थानांतरण कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, विश्वविद्यालय से संबद्ध कृषि विज्ञान केंद्र में विषय वस्तु विशेषज्ञ के पद पर कार्यरत विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विनोद कुमार सिंह ने अपने बहनोई डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह के समर्थन में फेसबुक पर टिप्पणी की थी। यह टिप्पणी उस समय की गई जब डॉ. विनोद सिंह की कुलपति पद पर नियुक्ति का आदेश राज्यपाल द्वारा निरस्त कर दिया गया था। इस पोस्ट में एक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक के प्रति तिरस्कार को निंदनीय बताया गया था, जिसे विश्वविद्यालय प्रशासन ने अनुशासनहीनता मान लिया। प्रभारी कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने इस टिप्पणी को कर्मचारी सेवा नियमावली का उल्लंघन मानते हुए डॉ. विनोद कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इतना ही नहीं, उन्हें उनके मूल कार्यस्थल से हटाकर नेपाल सीमा के निकट स्थित श्रावस्ती कृषि विज्ञान केंद्र से संबद्ध कर दिया गया। विवाद यहीं नहीं थमा। विश्वविद्यालय परिसर स्थित डीएबी पब्लिक स्कूल में कार्यरत उनकी पत्नी भक्ति सिंह, जो नर्सरी टीचर ट्रेनिंग पद पर कार्यरत थीं, उनका भी स्थानांतरण अंबेडकर नगर के टांडा स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल में कर दिया गया। इस कार्रवाई को लेकर विश्वविद्यालय परिसर और क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। निलंबित डॉ. विनोद कुमार सिंह का कहना है कि उन्होंने केवल अपने विचार व्यक्त किए थे और यह उनकी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हिस्सा है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्रवाई को उत्पीड़नात्मक बताते हुए कहा कि वह इस मामले को लेकर उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम ने विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली और सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की सीमाओं को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।
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