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    अयोध्या में 700 बुजुर्गों की पेंशन अटकी:नए नियमों से अटकी पेंशन, आधार के बजाय अन्य दस्तावेज अनिवार्य

    2 hours ago

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    अयोध्या में वृद्धावस्था पेंशन योजना के नए नियमों के कारण बुजुर्गों की परेशानियां बढ़ गई हैं। रुदौली विकासखंड में 52बुजुर्गों के पेंशन आवेदन निरस्त कर दिए गए हैं। इन आवेदकों ने पहले केवल आधार कार्ड अपलोड किया था, जबकि अब विभाग ने परिवार रजिस्टर की नकल या शैक्षिक प्रमाण पत्र अनिवार्य कर दिया है।नए नियमों के चलते करीब 700बुजुर्गों की पहले से मिल रही पेंशन भी अटक गई है। विभाग ने इन सभी बुजुर्गों से भी नए सिरे से परिवार रजिस्टर या शैक्षिक प्रमाण पत्र जमा करने को कहा है। हालांकि, अधिकांश बुजुर्गों के पास ये दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं।ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकांश बुजुर्ग अशिक्षित हैं।उनके पास न तो कोई शैक्षिक प्रमाण पत्र है और न ही परिवार रजिस्टर में उनकी सही जन्मतिथि दर्ज है। इस कारण वे नए नियमों की शर्तों को पूरा करने में असमर्थ हैं, और पात्र होने के बावजूद उन्हें पेंशन का लाभ नहीं मिल पा रहा है।रुदौली ब्लॉक के बिचाला, कोपेपुर,फगौली कुर्मियांन, दशरथमऊ, सीवन, वाजिदपुर कूढ़ा सादात और सरायं अहमद जैसे कई गांवों के बुजुर्ग इस समस्या से जूझ रहे हैं। हम लोग पढ़े-लिखे नहीं हैं, ये कागज कहां से लाएं नई सरायं की शांति देवी ने बताया कि उनका आवेदन महीनों पहले किया गया था, लेकिन अब आवश्यक कागजात न होने के कारण फॉर्म रद्द कर दिया गया है।कैथी की जौहरी बेगम और 62 वर्षीय धनपता ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा, "हम लोग पढ़े-लिखे नहीं हैं, ये कागज कहां से लाएं।" बिचाला निवासी सुनील कुमार रावत ने बताया कि विभागीय अभिलेखों में उनकी माता शांति देवी को मृत दर्शा दिया गया है, जिसके कारण जीवित होने के बावजूद उन्हें पेंशन नहीं मिल रही है। बुजुर्गों का कहना है कि पेंशन की यह राशि उनके दवा और रोजमर्रा के खर्चों का एकमात्र सहारा है। सामाजिक कार्यकर्ताओं जैसे माजिद अली, नजमुद्दीन शेख, मनोज यादव,पतिराखन रावत,सहीर अहमद, अनूप कसौंधन और विनायक गुप्ता ने कहा कि इन नए नियमों से गरीब और अशिक्षित बुजुर्गों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है।स्थानीय स्तर पर यह मांग की जा रही है कि सरकार नियमों में राहत प्रदान करे या आधार कार्ड को आयु प्रमाण के रूप में फिर से मान्यता दे। इससे जरूरतमंद बुजुर्गों को समय पर पेंशन मिल सकेगी।
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