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    बैंड-बाजा न बाराती, आईएएस सादगी के बने जीवनसाथी:ट्रेनिंग में शुरू हुई प्रेम कहानी पहुंची कोर्ट, अलवर में सादगी से शादी कर अफसरों ने दिया खास संदेश

    23 hours ago

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    बरेली की रहने वाली आईएएस अदिति वार्ष्णेय ने भव्य आयोजनों की परंपरा से अलग हटकर एक नई मिसाल पेश की है। उन्होंने मसूरी निवासी आईएएस माधव भारद्वाज के साथ अलवर (राजस्थान) में कोर्ट मैरिज कर जीवन भर का साथ निभाया है। अलवर जिला कलेक्टर आर्तिका शुक्ला के समक्ष दोनों ने विवाह पंजीकृत करवाया। इस दौरान न कोई आलीशान वेन्यू था और न ही भारी-भरकम गहने। मौके पर सिर्फ दोनों पक्षों के परिजन और कुछ वरिष्ठ अधिकारी ही मौजूद रहे। आईएएस अदिति: पहले प्रयास में ही गाड़ा सफलता का झंडा बरेली के कोतवाली क्षेत्र, बिहारीपुर निवासी दिनेश वार्ष्णेय की बेटी अदिति शुरू से ही मेधावी रही हैं। उन्होंने वर्ष 2023 में अपने पहले ही प्रयास में यूपीएससी में 57वीं रैंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया था। दिल्ली विश्वविद्यालय के जीसस एंड मैरी कॉलेज से स्नातक अदिति वर्तमान में गुजरात कैडर के जामनगर में प्रांत अधिकारी (SDM) के पद पर तैनात हैं। उनके पिता दिनेश वार्ष्णेय ने बताया कि बरेली में जल्द ही रीति-रिवाज के साथ भी कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। आईएएस माधव: कॉर्पोरेट की नौकरी छोड़ चुनी प्रशासनिक सेवा मसूरी निवासी माधव भारद्वाज का सफर भी काफी प्रेरणादायक रहा है। उन्होंने एनआईटी प्रयागराज और आईआईएम अहमदाबाद जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं से पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने कॉर्पोरेट जगत में काम किया, लेकिन समाज सेवा के जज्बे ने उन्हें सिविल सेवा की ओर मोड़ा। वर्ष 2023 में 536वीं रैंक प्राप्त कर वह आईएएस बने और वर्तमान में राजस्थान के अलवर में एसडीएम के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। लबासना में हुई मुलाकात, अब बने जीवनसाथी अदिति और माधव की पहली मुलाकात लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (मसूरी) में ट्रेनिंग के दौरान हुई थी। विचारों की समानता और प्रशासनिक सेवा में रहते हुए सरल जीवन जीने की सोच ने दोनों की दोस्ती को प्यार में बदल दिया। दोनों अधिकारियों ने यह फैसला लिया था कि वे शादी में फिजूलखर्ची से दूर रहेंगे, ताकि नई पीढ़ी के अफसरों और युवाओं को सादगी का संदेश दिया जा सके।
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