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    बंडा नगर पंचायत चेयरमैन-ईओ में तकरार:बिना टेंडर बना दिया कूड़ा निस्तारण टीन शेड, चेयरमैन बोले- डेढ़ साल पहले टेंडर होने पर भी अटके प्रोजेक्ट

    4 hours ago

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    शाहजहांपुर की बंडा नगर पंचायत में अध्यक्ष मोहम्मद इसहाक और अधिशासी अधिकारी (ईओ) के बीच विवाद बढ़ गया है। अध्यक्ष ने ईओ और कार्यालय के लिपिक पर ठेकेदारों से मिलीभगत कर घोटाले करने का आरोप लगाया है। उन्होंने इसकी शिकायत की है, और भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक दल) ने भी जांच कर कार्रवाई की मांग की है।अपर जिलाधिकारी (एडीएम) ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं ईओ अजय सिंह ने आरोप लगने के बाद से फोन उठाना बंद कर दिया।जिससे उनके उपर लगे आरोपों को बल मिल रहा है,क्योंकि ये आरोप खुद चेयरमैन ने लगाए हैं। आरोपों के अनुसार, धर्मापुर में कूड़ा निस्तारण के लिए एक टीन शेड बिना किसी निविदा या टेंडर के बनवा दिया गया है। अध्यक्ष और किसान यूनियन ने इसके भुगतान को रोकने और लागत की जांच कराने की मांग की है। धर्मापुर में बने अंत्येष्टि स्थल की स्वीकृत और वास्तविक निर्माण लागत में भी विसंगति का आरोप है। इसके अतिरिक्त, रामनगर कॉलोनी में तालाब सुंदरीकरण और मुख्य चौराहे से बिलसंडा रोड तक नाला निर्माण के टेंडर लगभग डेढ़ साल पहले स्वीकृत हुए थे, लेकिन अब तक इन कार्यों को शुरू नहीं किया गया है। भारतीय किसान यूनियन ने सवाल उठाया है कि यदि टेंडर की वैध अवधि 90 दिन है, तो समय सीमा समाप्त होने के बाद भी इन टेंडरों को रद्द क्यों नहीं किया गया। उन्होंने नगर पंचायत में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की गुणवत्ता, संख्या, तकनीकी विवरण, खरीद मूल्य, भुगतान और सत्यापन की भी जांच की मांग की है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि नगर पंचायत अध्यक्ष कुछ सभासदों, उनके निकट परिजनों और रिश्तेदारों से जुड़ी फर्मों के माध्यम से नगर पंचायत के कार्य करवा रहे हैं। इन संबंधित फर्मों के स्वामित्व, लाभार्थियों, कार्य आवंटन, टेंडर प्रक्रिया और भुगतानों की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। शिकायतकर्ताओं ने इन सभी अनियमितताओं में शामिल संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों और ठेकेदारों की भूमिका की विस्तृत जांच का आग्रह किया है। इस संबंध में,अधिशासी अधिकारी से दो दिनों में कई बार फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया,लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।जिससे उनका पक्ष सामने नहीं आ सकता। चेयरमैन मोहम्मद इसहाक का आरोप है कि, उन्हें बाद में पता चला कि ईओ और एक लिपिक ने ठेकेदारों से मिलकर टीन शेड डलवाया। इस कार्य के लिए न तो कोई एस्टीमेट बना और न ही कोई टेंडर जारी हुआ। उन्होंने धर्मापुर में अंत्येष्टि स्थल के टेंडर का भी जिक्र किया, जो लगभग 28 लाख रुपये का था। ठेकेदार अब उनसे कह रहे हैं कि इस कार्य में उनका अधिक पैसा लग गया है, जबकि अतिरेक कार्य का न तो एस्टीमेट बना और न ही अलग से कोई टेंडर निकाला गया। चेयरमैन ने यह भी बताया कि करीब डेढ़ साल पहले बंडा चौराहे से अस्पताल की ओर नाले का टेंडर हुआ था, लेकिन अब तक कोई निर्माण नहीं कराया गया। इसी तरह, पूरनपुर रोड पर ईदगाह के पास तालाब के सौंदर्यीकरण का टेंडर भी हो चुका है, पर कार्य शुरू नहीं हुआ है। उन्होंने इन सभी कार्यों के लिए अधिशासी अधिकारी को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने बताया कि एसडीएम ने ईओ के कार्यालय में बैठकर पत्र लिखने को कहा था और आश्वासन दिया था कि आवश्यक बल उपलब्ध कराया जाएगा, लेकिन कोई पत्र जारी नहीं हुआ। चेयरमैन ने यह भी आरोप लगाया कि कई सभासद अपने रिश्तेदारों के नाम पर फर्म बनाकर ठेकेदारी कर रहे हैं। एडीएम प्रशासन रजनीश मिश्रा ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में आया है और पूरे मामले की जांच करवाई जाएगी।
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