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    Bengaluru Wall Collapse Accident | बेंगलुरु में कुदरत का कहर! भारी बारिश और दीवार गिरने से 7 की मौत, PM मोदी और CM सिद्धरमैया ने जताया दुख

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    कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में बुधवार को हुई भारी बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने तबाही मचा दी। इस प्राकृतिक आपदा के बीच शहर के व्यस्त इलाके में स्थित बोरिंग और लेडी कर्जन अस्पताल की दीवार ढहने से एक बड़ा हादसा हो गया। इस दुखद घटना में एक छह साल की बच्ची सहित सात लोगों की जान चली गई, जबकि सात अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। बुधवार को बेंगलुरु में मानसून से पहले की अचानक और भारी बारिश शुरू हुई। चश्मदीदों और पुलिस के अनुसार, बारिश और ओलावृष्टि से बचने के लिए कुछ रेहड़ी-पटरी वालों और राहगीरों ने अस्पताल की एक दीवार के पास शरण ली थी। इसी दौरान दीवार अचानक भरभरा कर गिर गई और लोग मलबे में दब गए। घटना की सूचना मिलने के तुरंत बाद पुलिस और आपातकालीन सेवा कर्मी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थानीय निवासियों की मदद से मलबे से शवों को बाहर निकाला।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को बेंगलुरु में एक अस्पताल की दीवार गिरने की घटना में सात लोगों की मौत पर दुख जताया। उन्होंने मृतकों के परिजनों को दो लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, कर्नाटक के बेंगलुरु में दीवार गिरने से हुआ यह हादसा दुर्भाग्यपूर्ण है। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से ​​मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे। घटना की जानकारी मिलने पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने बृहद बेंगलुरु प्राधिकरण (जीबीए) के मुख्य आयुक्त एम महेश्वर राव और बेंगलुरु पुलिस आयुक्त सीमांत कुमार सिंह के साथ घटनास्थल पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। सिद्धरमैया ने इस त्रासदी के लिए जीबीए अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया। मुख्यमंत्री ने घटनास्थल का दौरा करने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘सात लोगों की मौत हो गई है। सात अन्य लोग घायल हुए हैं। सभी की हालत स्थिर है। सभी खतरे से बाहर हैं। मैंने चिकित्सकों को निर्देश दिया है कि वे सभी का इलाज मुफ्त में करें।’’इसे भी पढ़ें: ग्रेनेड और RDX से पटा पड़ा था गांव... पंजाब में बड़ी आतंकी साजिश का पर्दाफाश, भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद उन्होंने कहा, ‘‘प्रत्येक मृतक के परिजनों को पांच लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। दुर्भाग्यवश, जान गंवाने वाले बहुत गरीब रेहड़ी-पटरी वाले हैं।’’ शुरुआत में अधिकारियों ने कहा था कि तीन बच्चों की इस हादसे में मौत हो गई, लेकिन बाद में मुख्यमंत्री कार्यालय ने स्पष्ट किया कि मृतकों में केवल छह साल की एक बच्ची है। सिद्धरमैया ने कहा कि दीवार ढहनेके कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘हम इस बात की जांच करेंगे कि क्या अभियंताओं की गलती है। यदि वे दोषी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी।’’ मुख्यमंत्री के अनुसार, परिसर के भीतर निर्माण कार्य चल रहा था। ठेकेदार परिसर की दीवार के सहारे मिट्टी डाल रहा था। उन्होंने कहा कि डाली गई मिट्टी के दबाव के कारण दीवार ढह गई होगी। सिद्धरमैया ने कहा, ‘‘प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि यह उस दबाव के कारण गिरा है। इसलिए मैंने अभियंताओं – कार्यकारी इंजीनियर और सहायक कार्यकारी इंजीनियर – से पूछा है कि क्या उन्होंने यह जांच की थी कि यह कमजोर हुआ था या नहीं।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी को भी भारी और असमय बारिश की जानकारी नहीं थी, और यह मानसून से पहले की बारिश थी।इसे भी पढ़ें: Mumbai Crime: Mira Road में गार्ड पर बेरहमी से हमला, US कनेक्शन और Terror Angle से हड़कंप  उपमुख्यमंत्री और बेंगलुरु के प्रभारी मंत्री डी.के. शिवकुमार हादसे के समय दक्षिण बेंगलुरु के कनकपुरा में थे। वह भी बेंगलुरु पहुंचे और घटनास्थल का दौरा किया। शिवकुमार ने संवाददाताओं से कहा कि बारिश शुरू होने पर कुछ लोगों ने दीवार के सहारे शरण ली, जिसके कारण उनकी मौत हो गई। उन्होंने कहा, ‘‘इस घटना के बारे में जानकर मुझे गहरा दुख हुआ है। ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए थीं। कई पेड़ गिर गए हैं और वाहन क्षतिग्रस्त हो गए हैं। मैं अधिकारियों को कमजोर पेड़ों को काटने का निर्देश दूंगा क्योंकि मानसून के दौरान ऐसी त्रासदी दोबारा होने का खतरा है।’’ उप मुख्यमंत्री के मुताबिक हादसे से केरल के दो लोगों की मौत हुई जबकि दो घायल हुए हैं। वे पौष्टिक आहार में सुधार लाने के लिए एक संगठन के साथ काम कर रहे थे। शिवकुमार ने कहा, ‘‘हम जल्द से जल्द पोस्टमॉर्टम कराकर, शवों को केरल भेजने की व्यवस्था करेंगे।’’ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक आर अशोक ने कहा कि बारिश से बचने के लिए आश्रय लेने वाले बच्चों, रेहड़ी-पटरी वाले और राहगीरों सहित निर्दोष लोगों की मौत महज एक प्राकृतिक आपदा या दुर्घटना नहीं है, ‘‘यह सरासर प्रशासनिक लापरवाही से उपजे राज्य-प्रायोजित संकट है।’’ उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘ खराब बुनियादी ढांचे और नागरिक उदासीनता की वेदी पर और कितनी जानें कुर्बान होनी चाहिए? कांग्रेस सरकार ‘ब्रांड बेंगलुरु’ के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं शहर के बीचोंबीच स्थित एक प्रमुख सरकारी अस्पताल की जर्जर दीवारें एक अलग ही, कहीं अधिक भयावह कहानी बयां कर रही हैं। ऐसा लगता है कि इस कांग्रेस सरकार के लिए गरीबों और आम आदमी की जान की कोई कीमत नहीं है।’’ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र ने कर्नाटक में कांग्रेस सरकार से इस घटना की जिम्मेदारी लेने को कहा और उससे घायलों के इलाज और मृतकों के परिवारों को मुआवजा मुहैया कराने की मांग की।#WATCH | Bengaluru, Karnataka: Heavy rain in Bengaluru led to the collapse of a wall at Bowring Hospital in Shivajinagar, resulting in 7 deaths yesterday.(Morning visuals from the spot) https://t.co/WpYCXDR5da pic.twitter.com/hfKAcwg1cO— ANI (@ANI) April 30, 2026
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