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    बंगाल विधानसभा में एंटी-गुंडा और OBC आरक्षण बिल पास:अगस्त में UCC बिल पेश होगा, पूर्व जज रंजना देसाई की अध्यक्षता में कमेटी बनी

    17 hours ago

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    पश्चिम बंगाल विधानसभा ने सोमवार को कानून-व्यवस्था और OBC आरक्षण से जुड़े चार बिल पास कर दिए। इनमें एंटी-गुंडा कानून के तहत पुलिस अब कुछ मामलों में बिना ट्रायल के 12 महीने तक हिरासत में रख सकेगी। वहीं, OBC आरक्षण से जुड़े दो संशोधन बिलों को भी मंजूरी मिल गई। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि समान नागरिक संहिता (UCC) का ड्राफ्ट 2 जुलाई को कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। बिल अगस्त में विधानसभा में पेश किया जाएगा। UCC का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए पूर्व सुप्रीम कोर्ट की जज जस्टिस (रिटायर्ड) रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई है। इसमें कानून और शिक्षा समेत अलग-अलग फील्ड के एक्सपर्टस शामिल हैं। कमेटी एक महीने में अपनी रिपोर्ट देगी। एंटी-गुंडा कानून: दंगे में नुकसान की भरपाई, संपत्ति भी होगी जब्त OBC लिस्ट से 113 समुदाय हटे, सर्वे के बाद 66 जोड़े गए बंगाल UCC बिल पास करने वाला चौथा राज्य बन सकता है UCC के तहत विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, संपत्ति के बंटवारे और गोद लेने जैसे मामलों में धर्म आधारित व्यक्तिगत कानूनों की जगह सभी नागरिकों के लिए एक समान नागरिक कानून लागू करने का प्रस्ताव है। इससे पहले मई में असम विधानसभा में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) बिल पारित किया गया था। इसी के साथ असम देश का तीसरा ऐसा राज्य बन गया है। इससे पहले उत्तराखंड और गुजरात ऐसा कर चुके हैं। UCC से जुड़े सवाल-जवाब… सवाल: क्या UCC सभी धर्मों पर लागू होगा? जवाब: प्रस्तावित कानून का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक कानून लागू करना है। हालांकि संविधान के तहत अनुसूचित जनजातियों को विशेष छूट मिल सकती है। सवाल: क्या धार्मिक रीति-रिवाज खत्म हो जाएंगे? जवाब: UCC मुख्य रूप से नागरिक मामलों से जुड़ा है। धार्मिक पूजा-पद्धति या आस्था से जुड़े मामलों पर इसका सीधा असर नहीं माना जाता। सवाल: क्या यह कानून लागू होते ही प्रभावी हो जाएगा? जवाब: विधेयक विधानसभा से पारित होने, राज्यपाल की मंजूरी और अधिसूचना के बाद ही लागू होगा। अब तक दो राज्यों में UCC बिल पारित, एक में लागू जनवरी 2025: उत्तराखंड UCC लागू करने वाला पहला राज्य 6 फरवरी 2024 को विधानसभा में UCC विधेयक पेश हुआ। 7 फरवरी 2024 को पारित हुआ। 11 मार्च 2024 को राष्ट्रपति ने UCC विधेयक को मंजूरी दी। क्रियान्वयन समिति ने 18 अक्टूबर 2024 को नियमावली सरकार को सौंपी। 20 जनवरी 2025 को नियमावली को कैबिनेट की मंजूरी मिली। इस तरह उत्तराखंड UCC लागू करने वाला पहला राज्य बन गया। मार्च 2026: गुजरात UCC बिल पास करने वाला दूसरा राज्य बना गुजरात विधानसभा में मार्च 2026 में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) बिल पास कराया गया था। गुजरात UCC बिल पास करने वाला देश का दूसरा राज्य बना है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने विधानसभा में समान नागरिक संहिता विधेयक पेश किया था। विधानसभा में बिल पर वोटिंग के दौरान कांग्रेस ने वॉकआउट कर दिया था। बिल बहुमत से पास हो गया। मई 2026: असम UCC बिल पास करने वाला तीसरा राज्य बना असम विधानसभा में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) बिल 27 मई को पेश किया गया था। यह बिल सदन से पारित भी हो गया। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के मुताबिक अनुसूचित जनजातियां (पहाड़ी) और अनुसूचित जनजातियां (मैदानी) UCC के दायरे से बाहर रहेंगी। साथ ही 'पारंपरिक धार्मिक रीति-रिवाजों, प्रथाओं और अनुष्ठानों' को भी इससे छूट दी जाएगी। -------------------- ये खबर भी पढ़ें… बंगाल में BJP के पहले बजट में 1 लाख नौकरियां:33% महिला आरक्षण, बेरोजगारों को ₹3000 मासिक भत्ता; मदरसों का फंड आधा, कई बड़ी घोषणाएं पश्चिम बंगाल की BJP सरकार ने 22 जून को अपना पहला बजट पेश किया। वित्त मंत्री स्वप्न दासगुप्ता ने 1 लाख सरकारी पदों पर भर्ती का ऐलान किया। इनमें 20 हजार पुलिस और 50 हजार शिक्षक और गैर-शिक्षकीय पद शामिल हैं। पूरी खबर पढ़ें…
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