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    भोजशाला के पास 500 नमाजियों ने अदा की नमाज:इलाका सफेद पर्दों से कवर, दोनों समुदायों की एंट्री-एग्जिट अलग; हिंदू संगठनों ने किया हनुमान चालीसा पाठ

    1 day ago

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    धार में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार भोजशाला से सटे खसरा नंबर 612 पर मुस्लिम समुदाय ने जुमे की नमाज अदा की। यह नई व्यवस्था के तहत चौथा शुक्रवार है। इस बार नमाजियों की संख्या पिछले शुक्रवारों से अधिक रही। करीब 400 से 500 नमाजी निर्धारित स्थान पर पहुंचे। मुख्य द्वार तक नमाजियों की भीड़ रही। नमाज को लेकर प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए थे। भोजशाला और नमाज स्थल, दोनों तरफ बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। नमाज स्थल के चारों तरफ बैरिकेडिंग की गई। पूरे इलाके को सफेद पर्दों से कवर कर दिया गया, ताकि कहीं से भी कोई प्रवेश न कर सके। दोनों पक्षों के लिए अलग-अलग रास्ते बनाए गए थे। हिंदू संगठनों ने भी किया हनुमान चालीसा पाठ जुमे की नमाज के दौरान भोजशाला में दोपहर को हनुमान चालीसा का पाठ और भजन-कीर्तन चलता रहा। श्रद्धालु पूजन-दर्शन करते रहे। घंटे-घड़ियाल, झांझ-मंजीरे और शंख की ध्वनि गूंजती रही। भोजशाला मामले में सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 29 अक्टूबर 2026 को तय की गई है। सभी पक्षों को जवाब प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। भोजशाला से जुड़ी तस्वीरें देखिए… समिति के संरक्षक बोले- हमें सूर्योदय से सूर्यास्त तक पूजा का अधिकार भोज उत्सव समिति के संरक्षक विश्वास पांडे ने कहा, हम तो प्रत्येक शुक्रवार को हनुमान चालीसा का पाठ करते आए हैं और करते रहेंगे। हमें सूर्योदय से सूर्यास्त तक पूजा का जो अधिकार हिंदू समाज को मिला है, उसी के तहत हम पूजा-पाठ कर रहे हैं। उन्होंने कहा- उससे (नमाज से) हमारा कोई लेना-देना नहीं है। हमें तो सिर्फ सूर्योदय से सूर्यास्त तक पूजा का जो अधिकार मिला है, उसका हम माननीय न्यायालय के आदेश के तहत पालन कर रहे हैं और करते रहेंगे। भोजशाला हिंदुओं का मंदिर है। मां सरस्वती का स्थान है। उन्होंने कहा- हम दोपहर 1 से 3 बजे के बीच हनुमान चालीसा का पाठ भक्ति भाव के साथ करेंगे। इसलिए सारा समाज यहां इकट्ठा हुआ है। प्रत्येक शुक्रवार क्या, हम तो प्रतिदिन मां की पूजा करते हैं। प्रतिदिन हमारे पूजा-पाठ का जो सिलसिला है, वह जारी है। कलेक्टर बोले- दोनों समुदायों की एंट्री-एग्जिट अलग धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने कहा, न्यायालय के निर्देशानुसार की गई व्यवस्थाओं के इंप्लीमेंटेशन के लिए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। इसके तहत विभिन्न कार्यपालिक मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई है। उन्होंने कहा- न्यायालय के निर्देशानुसार दोनों समुदायों के लिए अलग-अलग एंट्री और एग्जिट की व्यवस्था शासन को सुनिश्चित करानी है। हमारा प्रयास है कि कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कॉमन एंट्रेंस और एग्जिट की व्यवस्था की गई, जिससे दोनों समुदायों के आने-जाने की व्यवस्था बनी रहे। SP बोले- 1,000 जवान तैनात, ड्रोन-CCTV से निगरानी धार पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने कहा, पिछले दो दिनों में भी लगातार जितने वर्ग, समुदाय और पंथ के लोग हमारे पास आए हैं। उन्हें यही समझाइश दी गई है कि सर्वोच्च न्यायालय की मंशा के अनुरूप ही शासन, प्रशासन और पुलिस काम कर रही है। उन्होंने बताया- हम यह भी सुनिश्चित करेंगे कि जुमे की नमाज शांतिपूर्ण तरीके से हो। फोर्स हमें बाहर से भी मिला है। लगभग 1,000 जवानों का बल यहां तैनात किया गया है। इसके अलावा टेक्निकल सर्विलांस, ड्रोन और सीसीटीवी सर्विलांस के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई। पुलिस और प्रशासन ने भोजशाला, नमाज स्थल और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाई है। दोनों समुदायों के आने-जाने के रास्ते अलग रखने की व्यवस्था की गई है, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। …………………………………. यह खबर भी पढ़ें राजा भोज से हाईकोर्ट तक…भोजशाला, 100 साल का विवाद 'मेरे जीते जी कोर्ट का फैसला आया है। यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है। भोजशाला मंदिर है, यह साबित करने के लिए मैंने और मेरे साथियों ने बहुत संघर्ष किया है। यह कहते हुए 95 साल के विमल गोधा की आंखें चमक जाती हैं। गोधा उन लोगों में शामिल हैं जिन्होंने भोजशाला को वाग्देवी का मंदिर साबित करने के लिए संघर्ष किया। पढ़ें पूरी खबर…
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