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    भदोही में संयुक्त किसान मोर्चा का धरना-प्रदर्शन:विभिन्न मांगों पर एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा

    2 hours ago

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    भदोही में संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसान नेताओं ने विभिन्न मांगों को लेकर तहसील पर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भेजा। ज्ञापन की एक प्रति सीईओ बीड़ा और जिलाधिकारी को भी भेजी गई है, जिसमें मांगों को पूरा करने की अपील की गई है। मोर्चा के अध्यक्ष इंद्रदेव पाल ने आरोप लगाया कि भदोही औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीड़ा) द्वारा चोरी-छिपे भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि 'भूमि अर्जन, पुनर्वासन, पुनर्व्यवस्थापन, भूमि अधिग्रहण कानून 2013' का बिल्कुल भी पालन नहीं किया जा रहा है। इंद्रदेव पाल ने आगे बताया कि गांवों में खुली बैठकें आयोजित करना और कमेटी बनाकर 72% लोगों की सहमति लेना जैसे अनिवार्य कार्य नहीं किए जा रहे हैं। बीड़ा द्वारा 7900 आपत्तियां ली गई हैं, लेकिन उन आपत्तियों का अभी तक कोई जवाब नहीं दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि बीड़ा में नक्शे की दरें इतनी अधिक हैं कि गरीब व्यक्तियों को आवासीय मकान बनाने में काफी कठिनाई हो रही है। अधिकांश व्यक्तियों के पास भूमिधरी जमीन नहीं है, ऐसे में वे सरकारी जमीन पर आवास कैसे बना सकते हैं, यह एक बड़ा सवाल है। मोर्चा के महामंत्री रामजीत यादव ने बताया कि उत्तर प्रदेश सहित भदोही जिले में अधिकांश बस्तियां आबादी, ग्राम समाज, ऊसर, बंजर, नजूल और सीलिंग आदि जमीनों पर आबाद हैं। परंतु, माल कागजात में इन बस्तियों को आबादी के रूप में दर्ज नहीं किया गया है, जबकि इन्हें दर्ज किया जाना चाहिए। रामजीत यादव ने विशेष रूप से धनापुर, कंधिया, जोलहापुर, गोडामीर इमाम अली और कछुआबोझ गांवों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन गांवों के किसानों की जमीन पर बिना मुआवजा दिए यूपी सीड़ा का नाम दर्ज कर दिया गया है, जो कि गैर-कानूनी है। उन्होंने यूपी सीड़ा का नाम तत्काल खारिज करने की मांग की। भानसिंह मौर्य ने बिजली से संबंधित मुद्दों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर इतनी तीव्र गति से चलते हैं कि काफी अधिक यूनिट बिजली की रीडिंग आती है, जो गरीब व्यक्तियों की क्षमता से बहुत ज्यादा है। उन्होंने स्मार्ट मीटर लगाना बंद करने की मांग की। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि तालाब के भीटे, खलिहान और चारागाह जैसी जगहों पर बसी बस्तियों को विस्थापित करने से पहले उन्हें आवास की जमीन और मकान का उचित मुआवजा दिया जाए। किसान नेताओं ने उम्मीद जताई कि उनके मांग पत्र पर यथाशीघ्र कार्रवाई की जाएगी और उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। धरना-प्रदर्शन में राजेंद्र प्रसाद कन्नौजिया, भुलाल पाल, भानसिंह मौर्य, बनारसी सोनकर, जगन्नाथ मौर्य, रामचंद्र पटेल, जयप्रकाश, सालिकराम यादव, धनश्याम गौतम, अमृतलाल मौर्य, तेज बहादुर, ज्ञानप्रकाश प्रजापति, केशव प्रसाद विश्वकर्मा और सोहनलाल सहित कई प्रमुख किसान नेता मौजूद रहे।
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