Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    भिवानी के किसान उगा रहे स्ट्रॉबेरी:पूणे से ला रहे पौध, दिल्ली की मंडी में बेच कमा रहे लाखों, ओलावृष्टि से नुकसान

    15 hours ago

    1

    0

    भिवानी जिले के किसान स्ट्रॉबेरी की खेती करके लाखों रुपए तक का मुनाफा कमा रहे हैं। किसान महाराष्ट्र के पूणे से स्ट्रॉबेरी के पौध लेकर आते हैं और उगाकर दिल्ली की मंडी में बेचते हैं। भिवानी के किसान स्ट्रॉबेरी उगाने के साथ-साथ खुद ही पैकिंग करके मंडी में पहुंचाते हैं। हालांकि स्ट्रॉबेरी में जैसी बचत है, वैसी ही लागत भी है। प्रति एकड़ 5-10 लाख रुपए तक का खर्च लग जाता है। गांव बीरण निवासी किसान मनफूल सैनी ने बताया कि वह गांव बापोड़ा में स्ट्रॉबेरी के खेती करते है। उन्होंने बताया कि वे पिछले करीब 10 साल से स्ट्रॉबेरी की खेती कर रहे हैं। वहीं इस बार उन्होंने 13 एकड़ जमीन में स्ट्रॉबेरी लगाई है। एक एकड़ में लगभग 5 लाख के करीब खर्च आता है। अगर फ्रूट अच्छा हो और मंडी में भाव अच्छा मिले तो प्रति एकड़ ढाई से 3 लाख रुपए की बचत हो जाती है। सितंबर में होती है स्ट्रॉबेरी की बुआई उन्होंने बताया कि स्ट्रॉबेरी की बुआई सितंबर में की जाती है। महाराष्ट्र के पूणे से स्ट्रॉबेरी के पौध लाए जाते हैं। स्ट्रॉबेरी में फ्रेस पानी की आवश्यकता होती है। जिसका टीडीएस कम से कम 250 होना चाहिए और जमीन उपजाऊ हो। इसके अलावा रेतीले एरिया में भी हो सकती है। शुरूआत में खेत की अच्छे से जुताई करनी चाहिए। देसी खाद डालकर खेत तैयार किया जाता है और फिर पौधों की रोपाई की जाती है। 80 लाख की स्ट्रॉबेरी बेची किसान मनफूल सैनी ने बताया कि 13 एकड़ में लगाई स्ट्रॉबेरी में से करीब 80 लाख की स्ट्रॉबेरी बेची जा चुकी है। खेत में लगाई स्ट्रॉबेरी को खुद ही पैक करते हैं। खुद परिवार और लेबर से स्ट्रॉबेरी को पैक करवाया जाता है। वहीं स्ट्रॉबेरी खुद की गाड़ी में दिल्ली लेकर जाते हैं और दिल्ली की आजादपुर मंडी में बेचते हैं। इसकी खेती में फंगस की ज्यादा दिक्कत है। हालांकि सरकार के द्वारा सहायता भी दी जाती है। अगर कोई दूसरा स्ट्रॉबेरी की खेती शुरू करना चाहे तो वह शुरूआत में थोड़ी जमीन पर खेती कर सकते हैं। अगर वे खुद 13 एकड़ की बात करते तो वे पट्टे पर लेकर स्ट्रॉबेरी की खेती करते हैं। वहीं इन 13 एकड़ में करीब 25-30 लाख रुपए की बचत होगी। ओलावृष्टि से हुआ नुकसान गांव दिनोद के किसान धर्मबीर ने बताया कि वह पिछले करीब 27 साल से स्ट्रॉबेरी की खेती करता है। इस बार उन्होंने 8 एकड़ में स्ट्रॉबेरी लगाई है। स्ट्रॉबेरी की फसल अच्छे से चल रही थी, लेकिन पिछले दिनों ओलावृष्टि हुई थी। उससे नुकसान हुआ है। ओलावृष्टि से 50 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। ओलावृष्टि से पहले बहुत अच्छे से फूल चल रहा था और मजदूर भी काम लगे थे। जिसके कारण नुकसान हुआ है। 10 लाख आता है खर्च किसान धर्मबीर ने कहा कि एक एकड़ पर करीब 10 लाख रुपए खर्च हो जाता है, शुरूआत से लेकर आखिर तक। इस बार ओलावृष्टि के कारण न लाभ और न हानि की स्थिति लग रही है, क्योंकि काफी नुकसान हुआ है। अगर अच्छे से स्ट्रॉबेरी की फसल पूरी हो तो प्रति एकड़ 2-3 लाख रुपए की बचत होती है, लेकिन इस बार ओलावृष्टि के कारण नुकसान हुआ है, वे स्ट्रॉबेरी की पौध महाराष्ट्र के पूणे से लेकर आते हैं। दिल्ली बेचते हैं स्ट्रॉबेरी उन्होंने बताया कि स्ट्रॉबेरी को वे दिल्ली की आजादपुर मंडी में बेचते हैं। एक एकड़ में अच्छी फसल हो तो 8-10 हजार ट्रे पैदा हो जाती है। हमारे यहां कई किसानों ने स्ट्रॉबेरी की खेती की हुई है। आस पास में करीब 60 एकड़ में स्ट्रॉबेरी की फसल लगाई गई है। इसमें फंगस की आशंका रहती है। जिसकी स्प्रे करनी पड़ती है और खाद डालनी पड़ती है। बच्चे के तरह पालना पड़ता है। इसमें ड्रिप सिस्टम से सिंचाई की जाती है। जमीन पट्टे पर लेकर बोई स्ट्रॉबेरी किसान धर्मबीर ने बताया कि जमीन पट्टे पर लेकर स्ट्रॉबेरी लगाई है। अगर घर की जमीन हो, तो सरकर सब्सिडी देती है। हर साल सब्सिडी देनी चाहिए। सरकार के विशेषज्ञों की भी सहायता नहीं मिलती। खुद के दम पर सभी व्यवस्थाएं करनी पड़ती हैं। ओलावृष्टि से हुए नुकसान का कोई मुआवजा नहीं दिया गया है। सरकार को नुकसान की भरपाई के लिए 2 लाख प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा देना चाहिए।
    Click here to Read more
    Prev Article
    नेहरू को अय्याश, राहुल गांधी को बताया फटीचर:क्या मंत्री बनने के लिए गांधी फैमिली को टारगेट कर रहे निशिकांत दुबे, या दूसरा 'स्मृति ईरानी' बनेंगे
    Next Article
    राजपाल की बेल पर HC का आदेश, जमा करने होंगे 1.5 Cr, तब मिलेगी रिहाई

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment