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    'भावना द्विवेदी हमारी भतीजी नहीं':शंकराचार्य से माफी मांगने पहुंचे प्रयागराज के विनयशील द्विवेदी, बोले- लेखिका मेरे भाई की संतान नहीं

    3 hours ago

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    'मेरे सबसे बड़े भाई चंद्रशील द्विवेदी का कैरेक्टर यूनिवर्सिटी में पढ़ते समय ही ठीक नहीं था। 70 के दशक में उनकी शादी हुई पर इलाहाबाद यूनिवर्सिटी की एक लड़की के साथ वो घूमने लगे और घर लाने लगे। इस पर पिता जी ने उन्हें 1977 में घर से हटाकर एक मकान दिला दिया और कहा अब घर मत आना। तब से वो घर नहीं आए। भावना द्विवेदी उनकी बेटी कैसे है ये हमे नहीं पता। क्योंकि उनकी सिर्फ एक संतान है मेखला द्विवेदी।' ये बात स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य रहे हाईकोर्ट के सीनियर एडवोकेट स्वर्गीय डॉ. रमाशंकर द्विवेदी के सबसे छोटे बेटे विनयशील द्विवेदी ने कही। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से मिलने और क्षमा मांगने के लिए शनिवार को विनयशील श्रीविद्या मठ पहुंचे थे। बता दें गाजियाबाद की लेखिका भावना द्विवेदी ने दावा किया है कि शंकराचार्य के आश्रम में मठ के सबसे ऊपरी फ्लोर पर स्विमिंग पूल है। साथ ही गुप्त कमरे हैं । जिनमें सिर्फ सखियां जा सकती है। विनयशील ने शंकराचार्य को सच्चाई बताई और कहा कि भावना का हमारे परिवार से कोई संबंध नहीं। ऐसे में दैनिक भास्कर ने भावना द्विवेदी के बारे में विनयशील द्विवेदी से बात की। पढ़िए रिपोर्ट... सबसे पहले जानिए डॉ. रमाशंकर द्विवेदी के बारे में प्रयागराज के अलोपी बाग के रहने वाले थे रमाशंकर द्विवेदी शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से मिलने पहुंचे विनयशील द्विवेदी ने बताया- हमारे पिता रमाशंकर द्विवेदी के तीन बेटे थे। इसमें चंद्रशील द्विवेदी, इंद्रशील द्विवेदी और मैं (विनय शील द्विवेदी) हूं। हमारे पिता जी हाईकोर्ट के सीनियर एडवोकेट थे। हमारा पुराना घर अलोपी बाग में है। 1950 के दशक में उन्होंने प्रयागराज यूनिवर्सिटी से पीएचडी के दौरान 'कॉन्सेप्ट ऑफ आत्मा इन इंडियन सोसाइटी' पर रिसर्च किया। इसमें बड़े गुरु जी शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती से भी मदद ली और उसी दौरान उन्होंने उन्हें गुरु मान लिया। और उनके पास आने जाने लगे। 2017 में पिताजी की 95 साल के उम्र में डेथ हो गई थी। बड़े भाई की हरकतें नहीं थीं ठीक विनयशील ने बताया- बड़े भाई चंद्रशील द्विवेदी की हरकतें कॉलेज के समय से ही ठीक नहीं थी। उनकी लगातार शिकायतें मिल रहीं थी। पिता जी ने उनकी शादी कर दी ताकि वो सुधर जाएं। लेकिन भी फिर भी उनमें सुधार नहीं आ रहा था। एक लड़की को लेकर वो घर आने लगे। इसके बाद पिताजी ने उन्हें अलग मकान देकर घर से निकाल दिया। तब से आज तक हमारा उनसे कोई संबंध नहीं है। भावना का हमारे परिवार से कोई संबंध नहीं विनयशील ने कहा- भावना द्विवेदी से हमारे परिवार का कोई संबंध नहीं है। वह हमारे भाई की बेटी है भी या नहीं ये भी नहीं पता। क्योंकि हमारे भाई की एक ही बेटी है मेखला द्विवेदी। जो अपनी मां के साथ उरई में रहती है। शंकराचार्य से मांगी क्षमा विनयशील ने शंकराचार्य से क्षमा मांगी और कहा जिस तरह आप के आश्रम को बदनाम किया, हमारे घर वालों का नाम लेकर उसके लिए हम सब क्षमा प्रार्थी हैं। अब जानिए भावना द्विवेदी ने मठ को लेकर क्या किए थे दावे... लेखिका भावना द्विवेदी ने दावा किया कि मठ की एक महिला ने मुस्कुराते हुए स्वयं को स्वामीजी (अविमुक्तेश्वरानंद) की 'सखी' बताया, जो वहां सर्वेसर्वा की तरह रहती हैं। मठ का पूरा कंट्रोल उनके पास ही है। उन्होंने 4 बड़े दावे किए- --------------------------- ये खबर भी पढ़ें अविमुक्तेश्वरानंद के अपमान पर गाना गाया, VIDEO:मध्य प्रदेश के हरनाम सिंह बोले-शंकराचार्य का पद बहुत बड़ा; 152K फालोवर्स माघ मेले में मौनी अमावस्या पर शंकराचार्य और प्रशासन के बीच विवाद हुआ। उसके बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ यौन उत्पीड़न का केस दर्ज हुआ। इसके बाद साधु- संत भी समर्थन और विरोध में उतर गए। पढ़िए पूरी खबर
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