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    बृजभूषण सिंह क्या भाजपा छोड़कर सपा में शामिल होंगे?:अखिलेश की तारीफ की, कहा- बड़प्पन दिखाया; बेटों पर फंस रहा पेंच

    13 hours ago

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    राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि भाजपा के कद्दावर नेता बृजभूषण सिंह सपा का दामन थाम सकते हैं। अखिलेश यादव के साथ उनकी बातचीत आखिरी दौर में बताई जा रही है। सब कुछ ठीक रहा तो सितंबर-अक्टूबर तक बृजभूषण सपा के मंच पर नजर आ सकते हैं। बृजभूषण गाहे-बगाहे अखिलेश की तारीफ करते रहते हैं, जिससे इस दावे को मजबूती मिल रही है। इसी कड़ी में रविवार को उन्होंने अखिलेश की फिर तारीफ की। उन्होंने कहा-अखिलेश भाजपा विधायक अनुपमा जायसवाल से मिलने अस्पताल गए। इससे उन्होंने बड़प्पन दिखाया। उनके जाने के बाद भाजपा नेताओं की कतार लग गई। दरअसल, अखिलेश मंगलवार को लखनऊ के मेदांता हॉस्पिटल पहुंचकर भाजपा विधायक अनुपमा जायसवाल का हालचाल लेने गए थे। उनके जाने के बाद दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री ओपी राजभर, भाजपा महामंत्री धर्मपाल सिंह और विधायक नीरज बोरा ने भी उनसे मुलाकात की। बहराइच से विधायक अनुपमा 25 अप्रैल को नारी शक्ति वंदन अधिनियम संसद में गिरने के विरोध में अखिलेश और राहुल गांधी का पुतला फूंकते समय झुलस गई थीं। बृजभूषण की 2 बड़ी बातें पढ़िए 1. बीजेपी के दिन बहुरे तो बहुत से लोग किनारे कर दिए गए दलित नेता लल्लू राम कनौजिया के निधन पर भाजपा के बड़े नेताओं के न पहुंचने के सवाल पर बृजभूषण सिंह ने कहा- मैं तो गया था। देखिए, भाजपा जब तक बैकफुट पर थी, तब तक लल्लू राम जी नेता थे। जब से भाजपा के दिन बहुरे, तो लल्लू राम ही नहीं, बहुत से लोग किनारे कर दिए गए। पार्टी में जो नए लोग आए हैं, वे पुराने कार्यकर्ताओं को अपना नहीं, बल्कि विरोधी मानते हैं। 2. भाजपा बंगाल में अच्छा चुनाव लड़ रही पश्चिम बंगाल चुनाव पर पूर्व सांसद ने कहा- बंगाल का मुझे बहुत ज्यादा अनुभव नहीं है, लेकिन जहां तक मुझे जानकारी है, भाजपा वहां अच्छी लड़ाई लड़ रही है। गृह मंत्री अमित शाह वहां डेरा डाले हुए हैं। बंगाल में तुष्टिकरण की राजनीति होती है। यही काम पहले कम्युनिस्ट पार्टी करती थी, कांग्रेस करती थी और अब ममता बनर्जी कर रही हैं। अब देखना है आगे क्या होता है, लेकिन मुकाबला अच्छा है। अब सवाल ये है कि आखिर बृजभूषण पाला क्यों बदलना चाहते हैं? सपा में आने की उनकी शर्त क्या है? बृजभूषण का प्रभाव किन जिलों में है? वे कितने टिकट में दखलअंदाजी चाहते हैं? सबसे जरूरी यह कि अखिलेश यादव क्या चाहते हैं? पहले समझिए इस दावे को मजबूती क्यों मिल रही… ‘अगर हम बोझ बन गए हैं तो बता दो, 2027 में दिखा देंगे’ बृजभूषण शरण 2024 में लोकसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने से नाराज हैं। भाजपा ने उनकी जगह उनके छोटे बेटे करण भूषण सिंह को कैसरगंज सीट से मैदान में उतारा था। इस पर दिसंबर, 2025 में एक चैनल के साथ पॉडकास्ट में बृजभूषण ने अपनी बात भी रखी थी। कहा था- मुझे जनता ने नहीं, षडयंत्र ने हटाया है। जिस लोकसभा से बेइज्जत करके निकाला गया हूं, अगर जिंदा रहा तो एक बार लौटूंगा जरूर…। इसी पॉडकास्ट में बृजभूषण ने अखिलेश का अहसान न भूलने की बात भी कही थी। कहा था- हमारे ऊपर जब हमला हुआ, तब समाजवादी पार्टी ने हमारे खिलाफ एक भी शब्द नहीं कहा। एक-आध सज्जन ने बोला, तो अखिलेशजी ने बुलाकर कहा कि इसमें तुम्हें बोलने की जरूरत नहीं। तो मैं इस अहसान को मानता हूं। हमले से बृजभूषण का मतलब महिला पहलवानों के यौन शोषण के आरोप को लेकर था। बिहार के भागलपुर में 26 अप्रैल, 2026 को दिया गया बयान बृजभूषण की भाजपा को खुली चेतावनी माना जा रहा है। एक कार्यक्रम में उन्होंने साफ लहजे में कहा- अगर किसी को लगता है कि सबके लिए भार बन चुके हैं, तो एक बार कह दो कि मेरी जरूरत नहीं है। 27 में कह दो, 29 में कह देना। हम दिखा देंगे कि हमारी उपयोगिता है। 27 और 29 से बृजभूषण का इशारा 2027 के विधानसभा और 2029 के लोकसभा चुनाव को लेकर था। सीटों को लेकर अटका है मामला बृजभूषण के एक करीबी की मानें, तो अखिलेश यादव से उनकी सीधी बात हो चुकी है। गोंडा, बलरामपुर और अयोध्या की कुछ विधानसभा सीटों पर टिकटों को लेकर बात चल रही है। बृजभूषण 20 से 25 सीटों पर टिकट में अपना दखल चाहते हैं। इसे लेकर सपा की ओर से अभी तस्वीर साफ नहीं की गई है। वहीं, बृजभूषण के सामने एक चुनौती यह भी है कि उनके बड़े बेटे प्रतीक भूषण गोंडा से विधायक हैं। छोटे बेटे करण भूषण कैसरगंज से भाजपा सांसद हैं। अगर बृजभूषण परिवार समेत सपा में आते हैं तो बड़े बेटे को सपा से विधायक का टिकट मिल जाएगा। लेकिन, छोटे बेटे की संसद सदस्यता खत्म हो जाएगी। वहीं, अगर वे सिर्फ बड़े बेटे को सपा में ले जाते हैं और दूसरे बेटे को साथ नहीं ले जाते, तो इसका संदेश भी ठीक नहीं जाएगा। जानिए पूरे मामले में क्या कहते हैं बृजभूषण… दैनिक भास्कर से बातचीत में बृजभूषण शरण सिंह ने कहा- मैं फिलहाल भाजपा में हूं। मेरे पास कांग्रेस की ओर से भी ऑफर आया था, लेकिन मैंने मना कर दिया। मुलायम सिंह से मेरे अच्छे रिश्ते रहे हैं। अखिलेश यादव से भी अच्छे संबंध हैं। भविष्य का फैसला हम अपने साथियों के साथ मिलकर लेंगे। वहीं, सपा प्रवक्ता उदयवीर कहते हैं- आज की तारीख में बृजभूषण भाजपा में हैं। उनका एक बेटा भाजपा से विधायक और दूसरा सांसद है। उनके बयानों को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं। कई बार एक पार्टी में अपना कद बड़ा करने के लिए भी इस तरह की बातें की जाती हैं। जहां तक उनके सपा में आने और न आने का सवाल है, ताे समय आने पर शीर्ष नेतृत्व इसका फैसला करेगा। अब जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट… सीनियर जर्नलिस्ट सुरेश बहादुर सिंह कहते हैं- बृजभूषण सिंह और मुलायम सिंह दोनों पहलवान रहे हैं। दोनों में गहरा रिश्ता रहा है। अखिलेश भी उनका सम्मान करते हैं। पूर्वी यूपी की कई सीटों पर बृजभूषण बड़ा असर रखते हैं। वहां उनका जनाधार रहा है, जनता के बीच लोकप्रिय हैं। अगर बृजभूषण सपा में आते हैं, तो निश्चित रूप से पार्टी को फायदा होगा। वे गोंडा, बहराइच, बलरामपुर जैसे जिलों में राजपूत वोटबैंक को मजबूत कर सकते हैं। यूपी के ज्यादातर पहलवान यादव समाज से हैं। ऐसे में उनकी एंट्री से सपा को पूर्वांचल में अतिरिक्त ताकत मिल सकती है। बृजभूषण के लिए सपा नई पार्टी नहीं बृजभूषण का मुलायम सिंह और सपा से पुराना रिश्ता रहा है। अखिलेश के साथ भी उनका करीबी रिश्ता है। 6 बार सांसद रह चुके बृजभूषण 2009 में सपा के टिकट पर ही जीते थे। दरअसल, 2008 में भाजपा से निकाले जाने के बाद अमर सिंह के कहने पर उन्होंने सपा जॉइन की थी। इसके बाद 2012 तक बृजभूषण और अखिलेश यादव लोकसभा में साथ थे। पिछले साल जुलाई में पूर्व भाजपा सांसद की पुण्यतिथि के कार्यक्रम में अखिलेश यादव की खूब तारीफ की थी। बृजभूषण ने कहा था- अखिलेश धार्मिक व्यक्ति हैं। उनके पिता मुलायम सिंह हनुमानजी की भक्ति किया करते थे। वो जो कुछ भी धर्म के खिलाफ बोलते हैं, उनकी राजनीतिक मजबूरी है। कुल मिलाकर अगर बृजभूषण सपा में जाते हैं, तो न तो वे सपा के लिए नए नहीं होंगे और न अखिलेश यादव के लिए। ------------------------ ये खबर भी पढ़ें… यूपी पुलिस में 1 लाख नई भर्तियां होंगी, योगी का ऐलान, लखनऊ में 936 रेडियो ऑपरेटर को जॉइनिंग लेटर बांटे सीएम योगी ने मंगलवार को लखनऊ में ऐलान किया कि इस साल यूपी पुलिस में 1 लाख नई भर्तियां की जाएंगी। उन्होंने कहा- होमगार्ड, पुलिस और दरोगा के पदों पर भर्ती होगी। सीएम ने इस दौरान पुलिस विभाग में 936 रेडियो ऑपरेटर को जॉइनिंग लेटर बांटे। उनके साथ फोटो खिंचवाई। पूरी खबर पढ़ें…
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