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    BJP राज में राजभर समाज के लोगों की हत्याएं:लखनऊ में सपा मुख्यालय के बाहर लगी होर्डिंग, पंकज राजभर बोले- अत्याचार हुआ

    1 hour ago

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    लखनऊ में सपा-बीजेपी के बीच होर्डिंग वार जारी है। बुधवार को सपा मुख्यालय के बाहर एक और होर्डिंग लगी। इसमें बीजेपी और सुभासपा पर निशाना साधा गया। होर्डिंग में आरोप लगाते हुए साल 2024 से लेकर 26 तक राजभर समाज पर अत्याचार का आरोप लगाया गया। होर्डिंग समाजवादी पार्टी के युवजन सभा के उपाध्यक्ष पंकज राजभर की तरफ से लगवाई गई है। इसमें सबसे ऊपर लिखा है- भाजपा सरकार में 2024 से 2026 के बीच में हुई राजभर समाज के लोगों की हत्याएं'। पढ़िए होर्डिंग में जो लिखा है… 1. वाराणसी में 6 हत्याएं: सुरेश राजभर 2025 , फ़या राजभर 2025, छोटू राजभर 2025 , डाक्टर सचिन राजभर 2025 , इंजीनियर रोहित राजभर 2026, फते राजभर 2026 2. बलिया में तीन हत्याएं: दिग्विजय राजभर 2025 , चंदन राजभर 2026, विक्की राजभर 2026 3. गाजीपुर में तीन हत्याएं: शिव मूरत राजभर 2024 , दीपक राजभर 2026 , सुधारन राजभर 2026 4. मऊ में हत्याएं: सुनील राजभर 2024, सुरेश राजभर 2025 , अमित राजभर 2025 , अनिल राजभर 2026, सशिवबचन राजभर 2026 5. जौनपुर में दो हत्याएं: पंकज राजभर 2024 , सुनील राजभर 2026 6. बाराबंकी में हत्या: रिंकी राजभर 2024 और संत कबीर नगर में नंदनी राजभर 2024 की हत्या लॉ एंड ऑर्डर बिलकुल जीरो पंकज राजभर ने कहा- आंकड़े बताते हैं कि उत्तर प्रदेश में लॉ एंड ऑर्डर बिलकुल जीरो है। साथ यह भी स्पष्ट हो गया कि यहां पर राजभर समाज के लोग बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है। मौजूदा सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर सिर्फ राजभर समाज की बात करते हैं। उनके सुरक्षा और विकास के लिए कोई काम नहीं किया। जो व्यक्ति अपने समाज के लोगों की सुरक्षा न कर पाए उस से क्या उम्मीद की जा सकती है। समाजवादी पार्टी में ही राजभर और पीडीए समाज के लोग सुरक्षित हैं। ओमप्रकाश राजभर सिर्फ हमारे नेता अखिलेश यादव पर हमला करना जानते हैं। उन्हें अपना समय समाज की सेवा और सुरक्षा में लगाना चाहिए। हम लोग राजभर समाज की लड़ाई लड़ रहे हैं और उन्हें न्याय जरूर दिलाएंगे। राजभर ने अखिलेश पर कसा था तंज योगी सरकार में मंत्री और सुभासपा चीफ ओम प्रकाश राजभर ने गत रविवार को लखनऊ में ऑटो चलाया। वे ऑटो चलाकर पार्टी दफ्तर से अपने सरकारी आवास तक गए। मंत्री ने कहा, अखिलेश यादव ने बताया है कि ऑटो चलाते-चलाते सरकार चलाओ। संदेश यही है कि अब ऑटो वाले ओम प्रकाश राजभर। इससे पहले राजभर ने ऑटो चलाते हुए X पर फोटो पोस्ट किया। उन्होंने खुद को संघर्ष से निकला नेता बताते हुए अखिलेश की राजनीति को 'AC-PC और ट्विटर' वाली बताया था। उन्होंने कहा था, अखिलेश यादवजी, आप चांदी का चम्मच लेकर पैदा हुए हैं, हम नहीं। हमारी इसी फोटो को लेकर आपके उजड्‌ड ट्रोलर लोग हमारी हंसी उड़ा रहे हैं। हमें हमारी औकात बता रहे हैं। 3 तस्वीरें देखिए… राजभर ने जो कुछ लिखा, हूबहू पढ़िए… ‘उड़ा लीजिए गरीबी का मजाक’ अखिलेश यादवजी, आप चांदी का चम्मच लेकर पैदा हुए हैं… हम नहीं। हमारी इसी फोटो को लेकर आपके उजड्ड ट्रोलर लोग हमारी हंसी उड़ा रहे हैं। हमें हमारी औकात बता रहे हैं…। जान लीजिए कि हमारी ये फोटो ही हमारा अभिमान है, हमारी आन-बान-शान है...। हमारे संघर्ष के दिनों की न जाने कितनी यादें बसी हैं इसमें। हमारा संघर्ष आज भी जारी है...। छोड़िए... आपको समझ में नहीं आएगी बात...क्योंकि आपको विरासत में बड़ी-बड़ी गाड़ी, लॉन में टहलाते कुत्ते, विदेश में पढ़ाई, सत्ता का पॉवर, पहले से तैयार मुख्यमंत्री की गद्दी मिली है। जिसे आपने गद्दी मिलने के बाद बस केवल ट्विटर, एसी और पीसी वाली राजनीति में बदल दिया है। इसीलिए आपको ऑटो-रिक्शा चलाने वाले, ठेला-पटरी वाले, गरीब आदमी हंसी के पात्र लगते होंगे। ‘2017 की तरह 2027 में विदेशी साइकिल को कचरेंगे’ उड़ा लीजिए गरीबी का मजाक... और खूब उड़ भी लीजिए सातों आसमान तक...। बस यह बात गांठ बांध लीजिए कि 2027 में यही टेम्पो, रिक्शा, ठेला और खोमचा वाले मिलकर आपकी 2011 वाली विदेशी साइकिल को 2017 की तरह पलटेंगे भी और कचरेंगे भी...। 'जनता का दुख दर्द सुनना ही मेरी राजनीति' अखिलेश जी, जब ये ओम प्रकाश राजभर गांव-गांव घूम कर अति पिछड़ा, दलित, वंचित की आवाज उठा रहा था...लाठी खा रहा था... गरीबों के हक की लड़ाई लड़ रहा था, तब आप अपने पावरफुल पिताजी के धन पर विदेश घूम रहे थे। आप लिखे और पढ़े हो सकते हैं लेकिन संस्कारी नहीं हैं। यही वजह है कि आप अपने पिता का अपमान कर राजनीति में आए और सत्ता हासिल की। वहीं, हमारे पिता जी ने हमें गरीबी में पाला है, लेकिन हम आपकी तरह अपने पिता जी का अपमान करके नहीं, बल्कि उनका आशीर्वाद लेकर राजनीति में आए हैं। हम अपने समाज के दर्द से निकले हुए हैं...। राजनीति हमारे लिए ट्विटर, एसी और पीसी नहीं है। 45 डिग्री की तपती दोपहरी में गांव की पगडंडियों पर चलकर जनता का दुख सुनना ही हमारी राजनीति है। क्यों अखिलेश से नाराज हैं राजभर? सपा के कई समर्थक ओम प्रकाश राजभर की तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं। सुरेंद्र यादव नाम के X अकाउंट होल्डर ने लिखा, अरे ये तो दूर से ही ओमप्रकाश राजभरजी की वाइब दे रहा है। लगता है पहले ऑटो चलाते थे, फिर सोचा ‘जब बिना मीटर के लोग घूम सकते हैं, तो बिना मुद्दे के राजनीति क्यों नहीं। इनका ऑटो भी बड़ा यूनिक होगा। सवारी पूछे ‘किधर चलोगे?’ तो जवाब आए ‘जिधर सत्ता जाएगी उधर!’ मीटर डाउन कम, बयान डाउन ज्यादा करते लग रहे हैं। और चेहरा ऐसा कि ऑटो में भी बैठो तो लगेगा अभी कहेंगे ‘हमारी पार्टी निर्णायक भूमिका में है।’
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